UP Primary Teacher Vacancy 2026: प्राथमिक स्कूलों में 11,508 पद खाली, बरेली में सबसे ज्यादा
बरेली में 888, कानपुर नगर में 758 और मेरठ में 635 सहायक अध्यापक पद रिक्त
UP Primary Teacher Vacancy 2026: उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के तहत सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों डीएलएड, बीटीसी और टीईटी-सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जानकारी सामने आई है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (Assistant Teacher) के रिक्त पदों का आधिकारिक जिलावार विवरण संकलित किया गया है। जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के कुल 11,508 पद रिक्त हैं। इन पदों का जनपदवार ब्योरा सार्वजनिक होने से लंबे समय से नई शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को विभिन्न जिलों में उपलब्ध रिक्तियों की वास्तविक स्थिति समझने में काफी मदद मिलेगी।
शहरी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की इस भारी कमी का विवरण ऐसे समय में सामने आया है जब विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) को दुरुस्त करने की मांग लगातार उठाई जा रही है। जिलावार आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण बताता है कि प्रदेश के बड़े औद्योगिक व घनी आबादी वाले जनपदों में रिक्तियों का आंकड़ा सर्वाधिक है। रूहेलखंड के प्रमुख जिले बरेली में सहायक अध्यापक के सर्वाधिक 888 पद रिक्त पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त कानपुर नगर, मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, लखनऊ, गाजियाबाद और वाराणसी जैसे प्रमुख नगरीय केंद्रों में भी सैकड़ों पद खाली पड़े हैं, जिन पर नई नियुक्ति की आवश्यकता बनी हुई है।
UP Primary Teacher Vacancy 2026: बड़े शहरों में बंपर रिक्तियां
जिलावार संकलित सूची में बरेली जिला पहले स्थान पर है, जहां नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों के 888 पद रिक्त घोषित किए गए हैं। इसके पश्चात प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर नगर दूसरे स्थान पर है, जहां कुल 758 रिक्तियां दर्ज हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक और व्यापारिक केंद्र मेरठ में 635 पद खाली हैं। इसके अतिरिक्त ताला नगरी अलीगढ़ में 492, काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध सहारनपुर में 448 तथा राजधानी लखनऊ के नगर क्षेत्र में 444 सहायक अध्यापकों के पद रिक्त बताए गए हैं।
दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख जिले गाजियाबाद में 405 पद खाली हैं, जबकि धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में यह संख्या 378 दर्ज की गई है। ताजनगरी आगरा और फर्रुखाबाद (फतेहगढ़) में 315-315 पद रिक्त हैं। कान्हा की नगरी मथुरा में 255, बुलंदशहर और फिरोजाबाद में 245-245 तथा जालौन में 232 पद रिक्त बताए गए हैं। अमरोहा जिले में 230 पद खाली हैं। इन सभी जनपदों में रिक्त पदों की संख्या अधिक होने के कारण भर्ती प्रक्रिया शुरू होने पर अभ्यर्थियों की पहली वरीयता इन्हीं जनपदों को मिलने की पूरी संभावना है।
मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में रिक्तियों की स्थिति
मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों की बात करें तो बदायूं में 196, मिर्जापुर में 168, गोरखपुर और हरदोई में 166-166 पद दर्ज किए गए हैं। तराई क्षेत्र के लखीमपुर खीरी में 154, सिद्धार्थनगर में 152 तथा जौनपुर और एटा में 151-151 सहायक अध्यापकों के पद खाली हैं। बहराइच में 140, बस्ती और देवरिया में 131-131 तथा मुरादाबाद में 127 पद रिक्त हैं। वहीं इटावा में 125, शाहजहांपुर में 123, आजमगढ़ में 122 और बलिया में 121 पद सामने आए हैं।
इसके विपरीत कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में रिक्तियों की संख्या बेहद सीमित है। प्रयागराज जैसे बड़े केंद्र में नगर क्षेत्र के केवल 32 पद रिक्त बताए गए हैं, जबकि झांसी में 30 पद दर्ज हैं। सोनभद्र में 20, महाराजगंज में 19, कानपुर देहात में 12, कुशीनगर में 8, गौतम बुद्ध नगर में 6, चित्रकूट में 3 और श्रावस्ती में मात्र 2 पद रिक्त पाए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि नगर क्षेत्र में शिक्षकों के स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के आधार पर अलग-अलग जिलों में पदों का भारी असंतुलन बना हुआ है।
प्रदेश के सभी जनपदों का संपूर्ण जिलावार ब्योरा
जारी किए गए विस्तृत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश भर के जनपदों का विवरण पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है। पश्चिमी और मध्य यूपी के जिलों में आगरा में 315, अलीगढ़ में 492, अंबेडकर नगर में 29, अमेठी में 28, अमरोहा में 230, औरैया में 39, अयोध्या में 52, आजमगढ़ में 122, बदायूं में 196, बागपत में 35, बहराइच में 140, बलिया में 121, बलरामपुर में 52, बांदा में 52, बाराबंकी में 44, बरेली में 888, बस्ती में 131 और बिजनौर में 59 पद हैं। बुलंदशहर में 245, चंदौली में 15, चित्रकूट में 3, देवरिया में 131, एटा में 151, इटावा में 125, फर्रुखाबाद में 315, फतेहपुर में 95 और फिरोजाबाद में 245 पद शामिल हैं।
इसी क्रम में गौतम बुद्ध नगर में 6, गाजियाबाद में 405, गाजीपुर में 54, गोंडा में 66, गोरखपुर में 166, हमीरपुर में 105, हापुड़ में 108, हरदोई में 166, हाथरस में 113, जालौन में 232, जौनपुर में 151, झांसी में 30, कन्नौज में 48, कानपुर देहात में 12, कानपुर नगर में 758, कासगंज में 128, कौशांबी में 75, कुशीनगर में 8, लखीमपुर खीरी में 154 और ललितपुर में 68 पद दर्ज हैं। राजधानी लखनऊ में 444, महाराजगंज में 19, महोबा में 56, मैनपुरी में 64, मथुरा में 255, मऊ में 54, मेरठ में 635, मिर्जापुर में 168, मुरादाबाद में 127, मुजफ्फरनगर में 186, पीलीभीत में 166, प्रतापगढ़ में 107, प्रयागराज में 32, रायबरेली में 91, रामपुर में 129, सहारनपुर में 448, संभल में 66, संत कबीर नगर में 62, संत रविदास नगर भदोही में 79, शाहजहांपुर में 123, शामली में 161, श्रावस्ती में 2, सिद्धार्थनगर में 152, सीतापुर में 111, सोनभद्र में 20, सुल्तानपुर में 42, उन्नाव में 128 और वाराणसी में 378 पद रिक्त हैं।
अभ्यर्थियों के लिए आंकड़ों की अहमियत और आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार
सहायक अध्यापक के 11,508 पदों का यह जिलावार संकलन उन सभी अभ्यर्थियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जो विगत कई वर्षों से प्राथमिक शिक्षक भर्ती की घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन आंकड़ों से यह प्रमाणित होता है कि प्राथमिक शिक्षा प्रणाली के भीतर विशेष रूप से शहरी इलाकों में अध्यापकों की भारी कमी है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रतियोगी छात्र इन आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगा सकते हैं कि यदि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया शुरू होती है, तो किस जिले में चयन की संभावनाएं अधिक अनुकूल रहेंगी।
हालांकि, शिक्षा विशेषज्ञों और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि रिक्त पदों की सूची का सार्वजनिक होना स्वतः किसी नई भर्ती का विज्ञापन नहीं है। यह केवल विभागीय स्तर पर किए गए आंतरिक सर्वेक्षण और पद गणना का परिणाम है। भर्ती के लिए वास्तविक आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा का प्रारूप, शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा और आरक्षण नियमों की स्थिति तभी स्पष्ट होगी जब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अथवा बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा विधिवत आधिकारिक विज्ञापन (Notification) जारी किया जाएगा। अभ्यर्थियों को किसी भी अपुष्ट दावे या भ्रामक खबरों पर विश्वास करने के बजाय बेसिक शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
UP Primary Teacher Vacancy 2026: निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश के शहरी प्राथमिक विद्यालयों में 11,508 सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों का जिलावार विवरण सामने आने से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं में एक नई आशा का संचार हुआ है। बरेली, कानपुर, मेरठ, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में सैकड़ों पदों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि बेसिक शिक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए नए शिक्षकों की बहाली अति आवश्यक हो चुकी है। अब सभी अभ्यर्थियों की निगाहें राज्य सरकार और नए शिक्षा सेवा चयन आयोग पर टिकी हैं कि वह इन रिक्तियों के आधार पर कब तक प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी कर आवेदन प्रक्रिया शुरू करता है।
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