UP Police Bharti 2026: 6 जून को रिहर्सल, सीएम योगी का सख्त निर्देश- अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई, 28 लाख युवाओं की उम्मीदें

सीएम योगी का सख्त निर्देश- अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई, 28 लाख युवाओं की उम्मीदें

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UP Police Bharti 2026: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरियों के स्वर्णिम अवसर उपलब्ध कराने और बेरोजगारी पर कड़ा प्रहार करने के लिए एक बेहद विशाल व ऐतिहासिक भर्ती अभियान चला रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। 4 जून 2026 की देर रात आयोजित हुई इस आपातकालीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम योगी ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों (DMs), पुलिस कमिश्नरों, आईजी (IG) और डीआईजी (DIG) को बेहद कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा को हर हाल में पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 6 जून को पूरे प्रदेश के सभी निर्धारित केंद्रों पर एक व्यापक मॉक रिहर्सल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वास्तविक परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। इसके साथ ही, परीक्षा प्रणाली को दूषित करने या भ्रामक खबरें फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का भी खुला आदेश दिया गया है। यह मेगा भर्ती अभियान उत्तर प्रदेश के उन करीब 28 लाख अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद और राहत साबित होने वाला है, जिन्होंने इस परीक्षा के लिए अपना पंजीकरण कराया है। आइए विस्तार से जानते हैं शासन स्तर पर की गई इन अभूतपूर्व तैयारियों का पूरा ब्योरा।

सीएम योगी की वर्चुअल समीक्षा बैठक: सुरक्षा व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर

बुधवार रात नौ बजे मुख्यमंत्री आवास पर शुरू हुई इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा से जुड़ी कोई भी भ्रामक अफवाह, फर्जी प्रश्नपत्र की खबर या गलत सूचना युवाओं के मानसिक मनोबल को प्रभावित नहीं करनी चाहिए और न ही उनमें किसी प्रकार की घबराहट फैलानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय और चाक-चौबंद होनी चाहिए, ताकि सुदूर जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीकी निगरानी में चले।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस बार पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली किसी भी प्रकार की धांधली को रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर पूरी कड़ाई से काम कर रही है। पिछले वर्षों के दौरान कुछ महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सामने आई विसंगतियों और तकनीकी खामियों से कड़ा सबक लेते हुए इस बार प्रशासनिक अमले ने महीनों पहले से ही फुलप्रूफ तैयारियां शुरू कर दी थीं। मुख्यमंत्री ने बैठक में जोर देते हुए कहा कि यह प्रतिष्ठित भर्ती प्रक्रिया प्रदेश के लाखों योग्य युवाओं के सरकार और व्यवस्था के प्रति अटूट भरोसे को बनाए रखने के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

6 जून को पूरे प्रदेश में मेगा रिहर्सल: सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की होगी कड़ी परीक्षा

मुख्यमंत्री के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुपालन में 6 जून 2026 को पूरे उत्तर प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस भर्ती परीक्षा की एक विस्तृत और वास्तविक रिहर्सल (MOCK DRILL) आयोजित की जाएगी। इस रिहर्सल प्रक्रिया के दौरान केंद्रों पर तैनात सुरक्षा बलों की मुस्तैदी, अभ्यर्थियों के प्रवेश की बायोमेट्रिक व्यवस्था, सिटिंग अरेंजमेंट (बैठने की व्यवस्था), जैमर्स की क्रियाशीलता और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बनाए गए डिजास्टर प्लान की जमीनी स्तर पर कड़ाई से जांच की जाएगी।

सभी नोडल अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि इस मॉक रिहर्सल को पूरी गंभीरता से लिया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। चूंकि मुख्य परीक्षा 8, 9 और 10 जून को तीन अलग-अलग पालियों (शिफ्टों) में आयोजित की जानी है, इसलिए इतने विशाल पैमाने पर 28 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के आवागमन, ठहरने और परिवहन के लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन करना प्रशासन के लिए एक बड़ी और कठिन चुनौती है। यही कारण है कि इस रिहर्सल के माध्यम से परीक्षा शुरू होने से 48 घंटे पहले ही सभी तैयारियों को पूरी तरह से फुलप्रूफ और मुस्तैद कर लिया जाएगा।

81 हजार से अधिक पदों पर महा-भर्ती: योग्य उम्मीदवारों को मिलेगा उचित अधिकार

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) के माध्यम से इस साल सिपाही नागरिक पुलिस के लगभग 81,000 से लेकर 1 लाख तक के रिक्त पदों पर भर्ती का यह देश का सबसे बड़ा अभियान संचालित किया जा रहा है। इस सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए 28 लाख से अधिक युवाओं का पंजीकृत होना यह साफ प्रदर्शित करता है कि प्रदेश का युवा वर्ग सरकारी नौकरी और पुलिस बल का हिस्सा बनने के लिए कितना अधिक उत्सुक और समर्पित है।

सीएम योगी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भर्ती की पूरी प्रक्रिया न केवल पारदर्शी और आधुनिक होनी चाहिए, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले गरीब और मेधावी उम्मीदवारों के हितों की पूरी तरह से रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र पर सामूहिक नकल, सॉल्वर गैंग की सक्रियता या अन्य कोई गड़बड़ी पाई गई, तो इसके लिए सीधे तौर पर वहां के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कप्तान और संबंधित परीक्षा एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी। सरकार का एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य और हकदार युवाओं को ही खाकी जर्सी पहनने का अवसर मिले।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर प्रशासन का कड़ा पहरा: स्पेशल सेल का गठन

अक्सर यह देखा गया है कि महत्वपूर्ण परीक्षाओं के ठीक पहले कुछ शरारती तत्व और साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे टेलीग्राम, वॉट्सऐप और एक्स) पर फर्जी प्रश्नपत्र या परीक्षा रद्दीकरण की अफवाहें फैलाकर भोले-भाले युवाओं को गुमराह करने और उनसे मोटी रकम ऐंठने की कोशिश करते हैं। सीएम योगी ने इस बार ऐसे तत्वों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने का साफ संदेश दिया है। अफवाह फैलाने वाले या भ्रामक दावों वाले संदेशों को फॉरवर्ड करने वाले लोगों को तुरंत चिन्हित कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और कड़े आईटी एक्ट के तहत जेल भेजा जाएगा।

इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष साइबर कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल्स की स्थापना की गई है, जो 24 घंटे इंटरनेट की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। अभ्यर्थियों की किसी भी प्रकार की शंका या शिकायत के त्वरित निवारण के लिए जिला स्तर पर हेल्पडेस्क नंबर भी जारी किए जा रहे हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाने वाली सूचनाओं को ही पूरी तरह से प्रमाणित और वैध माना जाएगा।

निष्कर्ष

संक्षेप में कहा जाए तो 4 जून 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए ये कड़े और दूरगामी प्रशासनिक निर्देश यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को एक नया सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं। 6 जून को होने वाली ऐतिहासिक रिहर्सल और उसके बाद 8 से 10 जून के बीच आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं के सुनहरे भविष्य को एक नई और सुरक्षित दिशा प्रदान करने वाली साबित होगी। अफवाहों पर कड़ाई, त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी (CCTV) और थोरोग्राफी जैसी डिजिटल निगरानी तकनीक का उपयोग यह साफ दर्शाता है कि सरकार इस परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। निष्पक्ष और पारदर्शी माध्यम से होने वाली यह महा-भर्ती न केवल उत्तर प्रदेश पुलिस बल को एक नया और ऊर्जावान युवा बल प्रदान करेगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और सुशासन के विजन को भी एक नई व ऐतिहासिक ऊंचाई पर ले जाएगी।

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