UP Cabinet Decisions: योगी कैबिनेट के 23 बड़े फैसले, एक्सप्रेसवे से स्मार्ट स्कूल तक

चित्रकूट एक्सप्रेसवे, स्मार्ट स्कूल, किसान लोन और पूर्व अग्निवीर आरक्षण पर बड़े निर्णय

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UP Cabinet Decisions: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास को गति देने वाले 23 महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में पारित निर्णय बुनियादी ढांचे, प्राथमिक शिक्षा, कृषि समृद्धि, युवा रोजगार, औद्योगिक प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सुरक्षा और नगरीय विकास से सीधे जुड़े हैं। सरकार के इस बड़े फैसले में बुंदेलखंड के विकास को नई रफ्तार देने वाला चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, परिषदीय विद्यालयों का डिजिटलीकरण, लघु-सीमांत कृषकों को सस्ता संस्थागत ऋण और राज्य की सुरक्षा व परिवहन सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था प्रमुखता से शामिल है।

राज्य सरकार ने एक ओर जहां धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक गलियारों को परस्पर जोड़ने के लिए सड़क नेटवर्क के विस्तार पर बल दिया है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, वैकल्पिक ऊर्जा और खेल विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कार्ययोजनाएं मंजूर की हैं। इसके अतिरिक्त प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुरक्षा कवच देने और शहरी क्षेत्रों के अनियोजित दबाव को कम करने के लिए वित्तीय आवंटन जारी करने जैसे जनहितैषी कदम भी उठाए गए हैं।

UP Cabinet Decisions: चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे

योगी कैबिनेट के बुनियादी ढांचागत फैसलों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रस्ताव चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित निर्माण की स्वीकृति है। धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बुंदेलखंड के चित्रकूट धाम को प्रदेश के मुख्य एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए 15.172 किलोमीटर लंबे प्रवेश-नियंत्रित (Access-Controlled) छह लेन वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,008.67 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसका संपूर्ण वित्तीय भार उत्तर प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से वहन करेगी।

इस एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली (Global Bidding) प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके पूर्ण होने पर न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए चित्रकूट का आवागमन सुगम और तीव्र होगा, बल्कि डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव होने के चलते स्थानीय उत्पादों और कृषि जिंसों के तीव्र परिवहन को भी नया संबल मिलेगा।

14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय बनेंगे स्मार्ट, 300 करोड़ का बजट मंजूर

बेसिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को आधुनिक डिजिटल युग के अनुरूप ढालने के लिए कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित राज्य के 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को पूर्ण रूप से ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में रूपांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार ने लगभग 300 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को हरी झंडी दिखाई है।

इस योजना के तहत चयनित ग्रामीण और कस्बाई प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरएक्टिव डिजिटल बोर्ड, उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी, आधुनिक कंप्यूटर लैब और ऑडियो-विजुअल शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसका प्राथमिक उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को निजी कॉन्वेंट स्कूलों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं सुलभ कराना है, जिससे प्रारंभिक स्तर पर ही विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता (Learning Outcomes) में गुणात्मक सुधार लाया जा सके।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना: किसानों को 6% की रियायती दर पर 6 लाख तक का लोन

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के संकल्प के तहत कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के दायरे का विस्तार किया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को उनकी कृषि व सम्बद्ध गतिविधियों के लिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड (UP Sahkari Gram Vikas Bank) के माध्यम से दीर्घकालिक संस्थागत ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

पात्र कृषकों को अब छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण मात्र छह प्रतिशत वार्षिक की रियायती ब्याज दर पर सुलभ होगा। यह वित्तीय सहायता किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण, नलकूप बोरिंग, सौर ऊर्जा पंप, पॉलीहाउस निर्माण, डेयरी और बागवानी जैसे पूंजीगत निवेशों को आसानी से पूरा करने में सक्षम बनाएगी, जिससे उन्हें स्थानीय साहूकारों के महंगे ब्याज चक्रव्यूह से मुक्ति मिल सकेगी।

पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डन और प्रवर्तन सिपाही भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण

भारतीय सेना में चार वर्ष की सेवा पूर्ण कर लौटने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास और राज्य की कानून-व्यवस्था में उनके सैन्य अनुशासन का लाभ उठाने के लिए कैबिनेट ने ऐतिहासिक सेवा नियमावली संशोधन को मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन एवं सुधार सेवा के अंतर्गत ‘जेल वार्डन’ (Jail Warden) और परिवहन विभाग के तहत ‘प्रवर्तन सिपाही’ (Enforcement Constable) के पदों पर होने वाली सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) का स्थायी प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही, इन पदों पर आवेदन करने वाले पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में भी विशेष छूट दी जाएगी। क्षैतिज आरक्षण का तात्पर्य यह है कि अग्निवीर अपनी मूल सामाजिक श्रेणी (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी अथवा ईडब्ल्यूएस) के भीतर ही इस 20 प्रतिशत कोटे का लाभ प्राप्त करेंगे। शारीरिक रूप से दक्ष और अनुशासित प्रशिक्षित जवानों के आने से प्रदेश की जेल सुरक्षा और राजमार्गों पर परिवहन प्रवर्तन कार्यप्रणाली को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा का तोहफा

शांति व्यवस्था और यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ को लागू करने की स्वीकृति दी है। इस योजना के दायरे में प्रदेश भर के सक्रिय पीआरडी स्वयंसेवकों के साथ-साथ उनके आश्रित पारिवारिक सदस्यों को भी शामिल किया गया है।

योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी चिकित्सालयों में आपातकालीन एवं गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। अब स्वयंसेवकों को इलाज के समय अपनी जेब से तत्काल भारी धनराशि व्यय करने की विवशता से मुक्ति मिलेगी, जिससे जमीनी स्तर पर सेवा दे रहे जवानों का मनोबल और सामाजिक सुरक्षा दोनों सुदृढ़ होंगे।

खिलौना नीति 2025, छाता मिल में एथेनॉल प्लांट और पूर्वांचल में WorldFish परियोजना

औद्योगिक मोर्चे पर आत्मनिर्भरता को गति देते हुए कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025’ को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के टॉय पार्क सहित पूरे प्रदेश में वैश्विक स्तर के खिलौना निर्माण उद्योग स्थापित करना है। नीति के अंतर्गत बड़ी विनिर्माण इकाइयां लगाने वाले निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप शुल्क छूट और अन्य वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से प्रति इकाई अधिकतम 35 करोड़ रुपये तक की सरकारी सहायता दी जाएगी।

पर्यावरण अनुकूल जैव-ईंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मथुरा के छाता स्थित उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की बंद पड़ी मिल परिसर में कंसेशन-कम-लीज मॉडल के तहत 120 केएलपीडी (KLPD) क्षमता का अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एथेनॉल संयंत्र स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में नीली क्रांति को गति देने के लिए मत्स्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘WorldFish’ के मध्य तकनीकी व संस्थागत सहयोग के समझौता ज्ञापन (MoU) को स्वीकृति दी गई है, जिससे उन्नत मत्स्य पालन और मूल्य संवर्धन के जरिए ग्रामीण आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।

नगरीय विकास को 380 करोड़, नए बस स्टेशन और रेंट एग्रीमेंट स्टांप शुल्क में बड़ी राहत

शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार के क्रम में कैबिनेट ने लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली से जुड़ी नई नगरीय विकास परियोजनाओं के लिए प्रथम किस्त के रूप में 380 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। साथ ही सुदूर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुगमता के लिए सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ व बढ़नी तथा हरदोई के सवायजपुर में आधुनिक बस स्टेशनों के निर्माण प्रस्ताव को प्रशासनिक हरी झंडी दी गई है।

आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और किरायेदारों को बड़ी राहत देते हुए 10 वर्ष तक की अवधि के किरायेदारी अनुबंधों (Tenancy Deeds) और लीज डीड्स के स्टांप व पंजीकरण शुल्क की मौजूदा जटिल व्यवस्था को सरल और बेहद किफायती बनाने का निर्णय लिया गया है। इस सुधार से औपचारिक रेंट एग्रीमेंट निष्पादित करने में आने वाला भारी खर्च कम होगा, जिससे किराएदारी संबंधी विवादों में कमी आएगी और संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

UP Cabinet Decisions: निष्कर्ष

योगी कैबिनेट द्वारा मंगलवार को अनुमोदित 23 प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक संतुलित और दूरगामी दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड के पर्यटन और व्यापार को संजीवनी मिलेगी, तो प्राथमिक स्कूलों का आधुनिकीकरण और किसानों को छह प्रतिशत पर सस्ता ऋण जमीनी स्तर पर सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करेगा। पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। अब राज्य सरकार के संबंधित विभागों पर इन सभी स्वीकृत परियोजनाओं और नीतियों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन की महती जिम्मेदारी होगी।

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