Delhi Malviya Nagar Fire: मालवीय नगर के होटल में भीषण आग से कोहराम, विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत, जानिए हादसे की पूरी इनसाइड स्टोरी

Delhi Malviya Nagar Fire: मालवीय नगर के होटल में भीषण आग से कोहराम, विदेशी नागरिकों समेत 21 की मौत, 40 घायल

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Delhi Malviya Nagar Fire: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का पॉश इलाका मालवीय नगर बुधवार (3 जून 2026) की सुबह एक भयानक और रोंगटे खड़े कर देने वाली त्रासदी का गवाह बना। यहाँ के हौज रानी इलाके में स्थित एक बहुमंजिला रेस्टोरेंट और होटल परिसर ‘फ्लोरिश स्टे’ (Flourish Stay B&B) में सुबह करीब 8:48 बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में विदेशी नागरिकों समेत कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोग झुलसने और ऊंचाई से कूदने के कारण घायल हुए हैं।

दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर 10 गाड़ियों की मदद से भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और बेसमेंट में फंसे 37 लोगों समेत कई जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकाला। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव को वजह माना जा रहा है, वहीं सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान करते हुए अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच के आदेश दिए हैं।

Delhi Malviya Nagar Fire: सुबह-सुबह कैसे फैला मौत का जाल?

यह दर्दनाक वाकया बुधवार सुबह उस वक्त हुआ जब होटल और रेस्टोरेंट में लोग अपनी सुबह की शुरुआत कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सुबह 08:48 बजे पुलिस और दमकल विभाग को मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे B&B (बेड एंड ब्रेकफास्ट) में आग लगने की पहली कॉल मिली।

सूचना मिलते ही नेहरू प्लेस फायर स्टेशन से दमकल की 10 गाड़ियां तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए रवाना की गईं। नेहरू प्लेस फायर स्टेशन के डिविजनल ऑफिसर रविंदर ने खुद मौके पर पहुंचकर इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली, लेकिन तब तक आग पूरी तरह से फैल चुकी थी।

विदेशी मेहमान भी बने हादसे का शिकार, मची अफरा-तफरी

मालवीय नगर और हौज रानी का यह इलाका अपने खास खान-पान और टूरिस्ट स्पॉट्स की वजह से देश-विदेश के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यही वजह थी कि सुबह के वक्त इस बहुमंजिला परिसर में कई विदेशी मेहमान भी ठहरे हुए थे।

अधिकारियों के मुताबिक, जान गंवाने वाले 21 लोगों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। आग इतनी तेजी से ऊपर की मंजिलों की तरफ बढ़ी कि लोगों को भागने का रास्ता नहीं मिला। जान बचाने के लिए कुछ लोग खिड़कियों और बालकनी से नीचे कूदने लगे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

बेसमेंट में फंसे थे 37 लोग, दमकल ने ऐसे बचाया

हादसे के वक्त पूरी इमारत के अंदर दर्जनों लोग मौजूद थे, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार मच गई थी। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और स्थानीय पुलिस के जवानों ने बेहद चुनौतीपूर्ण और धुएं से भरे माहौल में जांबाजी दिखाते हुए रेस्टोरेंट के बेसमेंट में फंसे 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

DCP साउथ अनंत मित्तल ने बताया कि कुल 40 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के बाद भी पूरी बिल्डिंग में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और अंदर फंसा न रह जाए।

AIIMS और मैक्स अस्पताल में चल रहा है घायलों का इलाज

हादसे का शिकार हुए लोगों को दिल्ली के अलग-अलग बड़े अस्पतालों में ले जाया गया है। एम्स (AIIMS) के अधिकारियों के मुताबिक, उनके पास कुल 13 मरीज पहुंचे हैं, जिनमें से 3 लोग ऊंचाई से गिरने की वजह से बेहद गंभीर हालत में हैं और 10 लोगों को दिल्ली पुलिस ने रेस्क्यू कर सुरक्षित पहुंचाया था।

इसके अलावा, अन्य 28 घायलों को साकेत के मैक्स अस्पताल और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीमें उनका इलाज कर रही हैं। डॉक्टरों की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही घायलों की सटीक स्थिति साफ हो पाएगी।

Delhi Malviya Nagar Fire: मुख्यमंत्री ने जताया दुख, पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान

इस दर्दनाक हादसे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी घायलों को मुफ्त और बेहतरीन मेडिकल सहायता दी जा रही है।

वहीं, केंद्र सरकार ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मुआवजे की घोषणा की है। हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

Delhi Malviya Nagar Fire: दोषियों पर होगा कड़ा एक्शन, बिल्डिंग की NOC पर उठे सवाल

इस बड़े अग्निकांड ने दिल्ली की व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी के नियमों पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मंत्री ने साफ किया कि अवैध रूप से चल रही इमारतों और सुरक्षा में चूक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा। प्रशासन अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि क्या इस होटल और रेस्टोरेंट के पास फायर विभाग की वैध एनओसी (NOC) थी या नहीं, और क्या इसे चलाने के लिए जरूरी सरकारी अनुमतियां ली गई थीं।

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