Stock Market Today 23 September 2026: सेंसेक्स-निफ्टी में उतार-चढ़ाव, GIFT Nifty ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत
FII की ₹3,810 करोड़ की बिकवाली के बीच कच्चे तेल में नरमी और एशियाई बाजारों की तेजी पर नजर
Stock Market Today 23 September 2026: भारतीय घरेलू शेयर बाजार के लिए बुधवार, 23 सितंबर 2026 का कारोबारी सत्र अत्यधिक सतर्कता और मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच खुलता दिखाई दे रहा है। मंगलवार के सत्र में चौतरफा बिकवाली के चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में बंद हुए थे, जिसके बाद आज प्रातःकालीन सत्र में एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज पर गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) लगभग 50 से 55 अंकों की कमजोरी के साथ 23,340 से 23,345 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। यह शुरुआती रुझान दलाल स्ट्रीट पर सुस्त और दबावयुक्त शुरुआत का स्पष्ट संकेत दे रहा है।
हालांकि, एशियाई बाजारों में आई तेजी, वॉल स्ट्रीट पर तकनीकी शेयरों की ऐतिहासिक छलांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई नरमी ने घरेलू बाजार को नीचे के स्तरों पर कुछ सहारा मिलने की उम्मीदें भी जगाई हैं।
बुधवार के पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार सहभागियों की पैनी निगाहें विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली की गति, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की चाल, पश्चिम एशिया से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रमों और दबाव झेल रहे आईटी सेक्टर की दिशा पर टिकी रहेंगी।
Stock Market Today 23 September 2026: मंगलवार के कारोबार की समीक्षा
बुधवार के कारोबारी परिदृश्य को गहराई से समझने के लिए 22 सितंबर को बाजार में बने दबाव का विश्लेषण आवश्यक है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में मामूली मजबूती दर्ज करने के पश्चात दोपहर के सत्र में मुनाफावसूली का दौर तेज हो गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 लगभग 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए 23,329 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.44 प्रतिशत अथवा लगभग 330 अंकों का गोता लगाकर 74,529.08 के स्तर पर जाकर थमा।
सत्र के दौरान 16 प्रमुख सेक्टोरल सूचकांकों में से 14 सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे गहरा आघात सूचना प्रौद्योगिकी (IT) इंडेक्स को लगा, जो वैश्विक मांग में सुस्ती और आगामी तिमाही आय को लेकर उपजी चिंताओं के कारण 0.9 प्रतिशत तक टूट गया। व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में भी धारणा कमजोर रही, जहां निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांकों में निवेशकों की मुनाफावसूली हावी रही।
गिफ्ट निफ्टी से कमजोर शुरुआत के संकेत: क्या संभल पाएगा बाजार?
बुधवार सुबह गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) से आ रहे संकेतों ने बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है। गिफ्ट निफ्टी के फ्यूचर्स अनुबंध 54.60 अंक टूटकर 23,340 के स्तर पर कारोबार करते देखे गए। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी-50 के लिए 23,300 का स्तर एक अत्यंत महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक और तकनीकी सपोर्ट जोन बना हुआ है।
यदि शुरुआती घंटी बजते ही सूचकांक 23,300 के इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो गिरावट 23,220 से 23,180 के अगले सपोर्ट तक खिंच सकती है। इसके विपरीत, यदि बाजार निचले स्तरों पर बिकवाली को अवशोषित करने में सफल रहता है, तो ऊपरी छोर पर 23,450 से 23,500 का स्तर तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) का कार्य करेगा। गिफ्ट निफ्टी केवल संभावित दिशा का परिचायक होता है; वास्तविक बाजार दिशा घरेलू तरलता और संस्थागत सौदों से निर्धारित होगी।
वैश्विक बाजारों से राहत: निक्केई और कोस्पी में उछाल, नैस्डैक ने बनाया नया रिकॉर्ड
घरेलू स्तर पर बने सुस्त माहौल के विपरीत, बुधवार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। एशियाई व्यापार में जापान का निक्केई-225 (Nikkei 225) 1.38 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 1.15 प्रतिशत की मजबूती पर बना रहा। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सूचकांक S&P/ASX 200 में भी 0.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इससे पूर्व अमेरिकी बाजार में प्रौद्योगिकी शेयरों पर आधारित नैस्डैक 100 इंडेक्स ने सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी कंपनियों में आई खरीदारी की लहर के दम पर एक नया सर्वकालिक उच्च स्तर हासिल किया। वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों की इस तेजी से आज घरेलू आईटी कंपनियों जैसे टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक को भी निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग का समर्थन प्राप्त हो सकता है।
कच्चे तेल में नरमी: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत
भारत अपनी कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर देश के चालू खाता घाटे (CAD) और मुद्रास्फीति को प्रभावित करता है।
मंगलवार और बुधवार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग 1.5 प्रतिशत फिसलकर 98.9 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 92.78 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर दर्ज किया गया। कच्चे तेल की कीमतों में यह राहत अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की संभावित कूटनीतिक चर्चाओं की खबरों के बाद आई है। तेल की कीमतों का 100 डॉलर से नीचे टिके रहना ऑटोमोबाइल, टायर, पेंट्स और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
विदेशी निवेशकों (FII) की आक्रामक बिकवाली बनाम घरेलू निवेशकों (DII) का संबल
भारतीय इक्विटी बाजार के लिए सबसे बड़ी ढांचागत चुनौती विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही निरंतर पूंजी निकासी बनी हुई है। मंगलवार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,809.99 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की भारी शुद्ध बिकवाली की।
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 4,120.07 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी कर बाजार को बहुत बड़ी गिरावट से बचा लिया।
महीने के संकलित आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो सितंबर माह में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 20,974 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध पूंजी बाहर खींच ली है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती और वैश्विक स्तर पर नकदी को डॉलर संपत्तियों में समेटने की प्रवृत्ति के कारण विदेशी निवेशक लगातार ‘सेल ऑन राइज’ की रणनीति पर अमल कर रहे हैं।
मुद्रा बाजार का दबाव: डॉलर के मुकाबले 95.59 के स्तर पर फिसला रुपया
शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार की चाल भी निवेशकों के रडार पर है। मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 22 पैसे कमजोर होकर 95.59 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था।
रुपये में आ रही इस कमजोरी से एक तरफ जहां आयातित कच्चा माल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा उत्पाद महंगे हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह विदेशी निवेशकों के निवेश पोर्टफोलियो पर अतिरिक्त विनिमय घाटा (Currency Depreciation Loss) दर्ज करा रही है। हालांकि, निर्यात-उन्मुख फार्मास्यूटिकल और आईटी कंपनियों के लिए डॉलर की यह मजबूती राजस्व स्तर पर मामूली राहत प्रदान करती है, किंतु समग्र बाजार धारणा के लिए मुद्रा का टूटना एक नकारात्मक उत्प्रेरक माना जाता है।
आज इन सेक्टर्स और शेयरों पर केंद्रित रहेगा बाजार का ध्यान
बुधवार के कारोबारी सत्र में बैंकिंग, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC), एफएमसीजी और मेटल शेयरों की गतिविधियों पर बाजार का रुख तय होगा। मंगलवार को गिरावट का केंद्र रहे आईटी शेयरों में अमेरिकी नैस्डैक की मजबूती के बाद तकनीकी रिबाउंड देखने को मिल सकता है।
इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी विनिर्माण कंपनियों में संस्थागत सौदों के आधार पर हलचल रहने की संभावना है। ऊर्जा और रसायन कंपनियों के शेयरों में कच्चे तेल के दाम गिरने का सकारात्मक असर देखा जा सकता है।
Stock Market Today 23 September 2026: निष्कर्ष
23 सितंबर 2026 का कारोबारी सत्र परस्पर विरोधी घरेलू और वैश्विक ताकतों के बीच संतुलन तलाशने का दिन साबित होगा। एक ओर जहां गिफ्ट निफ्टी की गिरावट और एफआईआई की लगातार 20 हजार करोड़ से अधिक की मासिक निकासी बाजार पर गहरा दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर मजबूत एशियाई रुझान, ब्रेंट क्रूड में 98 डॉलर तक की नरमी और घरेलू म्यूचुअल फंड्स (DIIs) की अटूट खरीदारी बाजार को निचले स्तरों पर सहारा देने का कार्य करेगी। निवेशकों के लिए आज का दिन आक्रामक लिवाली के बजाय 23,300 के स्तर पर निफ्टी के टिकने की पुष्टि करने और चुनिंदा सेक्टोरल मौकों पर ही ध्यान केंद्रित रखने का रहेगा।
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