Stock Market Today 21 October 2026: शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 74 हजार के पार, निफ्टी में भी उछाल

दशहरे के बाद बाजार में तेजी, सेंसेक्स 635 अंक चढ़ा, निफ्टी में उछाल; IT शेयरों में खरीदारी

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Stock Market Today: भारतीय इक्विटी बाजारों में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दशहरे के अवकाश के बाद कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी और सकारात्मक रुख के साथ हुई। पिछले कारोबारी सत्र में देखी गई तेज बिकवाली के बाद घरेलू सूचकांकों में निचले स्तरों से जबर्दस्त वैल्यू बाइंग देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 दोनों शुरुआती घंटी बजते ही मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में खुले। आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों, रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ की हलचल और मजबूत एशियाई रुझानों ने दलाल स्ट्रीट में नई जान फूंकी है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की चढ़ती कीमतें और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की सतर्कता बाजार में ऊपरी स्तरों पर अस्थिरता भी पैदा कर रही है।

सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती तेजी: रिकवरी मोड में घरेलू बाजार

बुधवार सुबह शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स लगभग 635.70 अंक अथवा 0.86 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 74,488.60 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इसी प्रकार एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक भी लगभग 177.60 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की उछाल दर्ज करते हुए 23,066.55 के महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर को पार कर गया। बाजार का अग्रिम-गिरावट अनुपात (ए advance-decline ratio) पूरी तरह से खरीदारों के पक्ष में रहा, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी बेंचमार्क इंडेक्स के साथ कदमताल की।

यह मजबूत उछाल सीधे तौर पर पिछले सत्र की तेज गिरावट से उबरने का संकेत है। सोमवार, 19 अक्टूबर को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सेंसेक्स 876.37 अंक गिरकर 73,852.90 पर आ गया था, जबकि निफ्टी 257.20 अंक फिसलकर 22,888.95 पर बंद हुआ था। मंगलवार को विजयादशमी के चलते अवकाश रहने के बाद बुधवार को जब बाजार दोबारा खुले, तो निवेशकों ने चुनिंदा लार्जकैप और ग्रोथ स्टॉक्स में आक्रामक खरीदारी कर सूचकांकों को मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तरों के ऊपर बनाए रखा।

आईटी सेक्टर में लौटी चमक: एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के नतीजों से मिला सहारा

आज के कारोबारी सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों के शेयरों ने बाजार की तेजी का मुख्य नेतृत्व किया। शुरुआती सत्र में निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.2 प्रतिशत से अधिक चढ़कर शीर्ष क्षेत्रीय गेनर के रूप में उभरा। विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसे दिग्गजों में चौतरफा लिवाली देखी गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी तकनीकी शेयरों में आई तेजी और भारतीय आईटी सेवा प्रदाताओं के स्थिर मार्जिन रहे।

क्षेत्रीय तेजी को सर्वाधिक गति एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (LTTS) के उत्साहजनक दूसरी तिमाही (Q2 FY27) वित्तीय नतीजों से मिली। कंपनी द्वारा शुद्ध लाभ और परिचालन आय में अनुमान से बेहतर वृद्धि दर्ज किए जाने के बाद सुबह के सत्र में इसका शेयर 10.5 प्रतिशत तक उछल गया। इस प्रदर्शन ने पूरे आईटी बास्केट में निवेशकों के विश्वास को पुनः स्थापित किया है कि वैश्विक आर्थिक दबावों के बावजूद डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई माइग्रेशन से जुड़े डील्स में मजबूती बरकरार है।

Jio Platforms IPO: देश के सबसे बड़े निर्गम पर टिकी दलाल स्ट्रीट की नजरें

21 अक्टूबर के बाजार परिदृश्य का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) बना हुआ है। लगभग 3.2 अरब डॉलर यानी 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित आकार वाला यह पब्लिक इश्यू भारतीय प्राथमिक पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े आईपीओ में से एक माना जा रहा है।

एंकर बुक और प्री-आईपीओ प्लेसमेंट में वैश्विक सॉवरेन फंड्स और घरेलू संस्थागत निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी ने द्वितीयक बाजार में भी सकारात्मक धारणा बनाई है। जियो का दायरा केवल टेलीकॉम कनेक्टिविटी तक सीमित न रहकर 5G एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, डेटा सेंटर्स, एआई क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल फिनटेक तक विस्तृत होने के कारण विश्लेषक इसे दीर्घकालिक विकास का मुख्य वाहक मान रहे हैं। इस हलचल के चलते मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी शुरुआती सत्र में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।

ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के पार: तेल की महंगाई बन सकती है बाजार की बाधा

घरेलू मोर्चे पर तेजी के माहौल के बीच अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार से आने वाले संकेत भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछलकर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्गों पर सुरक्षा संबंधी चिंताओं और प्रमुख उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन कटौती जारी रखने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ा है।

भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में प्रत्येक डॉलर की बढ़ोतरी देश के चालू खाता घाटे (CAD) और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डालती है। यदि कच्चा तेल लंबे समय तक सौ डॉलर के ऊपर टिकता है, तो इससे घरेलू मुद्रा रुपये पर दबाव बढ़ेगा, परिवहन और पैकेजिंग लागत बढ़ने से कॉर्पोरेट मार्जिन प्रभावित होंगे और भारतीय रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों में नरमी की राह कठिन हो जाएगी। पेंट्स, एविएशन, ऑटोमोबाइल और स्पेशियलिटी केमिकल्स जैसे तेल-संवेदनशील क्षेत्रों पर इसका नकारात्मक असर आने वाले सत्रों में देखने को मिल सकता है।

बजाज फाइनेंस और Q2 नतीजों की दिशा: बैंकिंग शेयरों में मिला-जुला रुख

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) में दिग्गज बजाज फाइनेंस के शेयरों में वित्तीय नतीजों के बाद खासी हलचल देखी जा रही है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 28.7 प्रतिशत की शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की है, जिसे उसकी मजबूत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) और नए ग्राहक अधिग्रहण से गति मिली है। विश्लेषकों का ध्यान अब कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और अनसिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो में एसेट क्वालिटी की स्थिरता पर टिका हुआ है।

समग्र बैंकिंग क्षेत्र की बात करें तो निफ्टी बैंक इंडेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में संतुलित कारोबार देखने को मिला। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में स्थिरता बनी रही, जबकि दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली अन्य मिड-साइज कॉर्पोरेट कंपनियों के शेयरों में नतीजों के अनुरूप स्टॉक-विशिष्ट उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।

Stock Market Today: निवेशकों के लिए आगे की रणनीति और तकनीकी आउटलुक

तकनीकी चार्ट्स के अनुसार, निफ्टी 50 के लिए 23,150 और 23,220 के स्तर तात्कालिक कड़े प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के रूप में कार्य करेंगे, जबकि 22,850 का स्तर एक मजबूत आधार समर्थन (सपोर्ट) बना हुआ है। जब तक निफ्टी 23,000 के ऊपर सस्टेन करता है, तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए ‘बाय ऑन डिप्स’ का नजरिया प्रभावी रहेगा।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिन के दूसरे पहर में यूरोपियन बाजारों की ओपनिंग, ब्रेंट क्रूड की चाल और एफआईआई के नकदी प्रवाह के आंकड़े बाजार के अंतिम क्लोजिंग स्तरों को तय करेंगे। निवेशकों को आक्रामक लीवरेज पोजीशन लेने से बचते हुए मजबूत अर्निंग विजिबिलिटी वाली कंपनियों, आईटी और रक्षा से जुड़े लार्जकैप्स में चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।

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