Petrol-Diesel Price 21 October 2026: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, दिल्ली से मुंबई तक जानें एक लीटर का भाव
21 अक्टूबर को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जानें। कीमतों में अंतर की वजह और अपने शहर का रेट चेक करने का तरीका भी पढ़ें।
Petrol-Diesel Price 21 October 2026: देशभर में पेट्रोलियम ईंधन की दैनिक कीमतों पर आम नागरिकों से लेकर उद्योग जगत तक की पैनी नजर बनी रहती है। निजी वाहन चालकों, दैनिक दफ्तर जाने वालों, सार्वजनिक परिवहन संचालकों और माल ढुलाई से जुड़े लॉजिस्टिक्स कारोबारियों के लिए पेट्रोल और डीजल की दरें सीधे तौर पर मासिक बजट और परिचालन लागत को तय करती हैं। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को भी देश की प्रमुख सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—ने सुबह छह बजे सभी महानगरों और राज्यों के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा बिक्री दरें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव के बीच राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतें बड़े पैमाने पर स्थिरता के दायरे में बनी हुई हैं।
Petrol-Diesel Price 21 October 2026: दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है, जबकि डीजल का खुदरा भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। महानगरों में दिल्ली का ईंधन मूल्य तुलनात्मक रूप से सबसे कम स्तरों में गिना जाता है, जिसका मुख्य कारण स्थानीय स्तर पर लागू वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) की अपेक्षाकृत संतुलित दर है।
दिल्ली में डीजल की दरें पूरी एनसीआर की आपूर्ति श्रृंखला और मालवाहक वाहनों के संचालन खर्च को निर्धारित करती हैं। यहां की स्थिर दरें सब्जियों, दूध और दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुओं के स्थानीय परिवहन भाड़े को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह ईंधन भरवाते समय स्थानीय पेट्रोल पंप पर प्रदर्शित डिजिटल मीटर से दर की पुष्टि अवश्य कर लें।
मुंबई में ईंधन की दरें: आर्थिक राजधानी में सबसे महंगा पेट्रोल
देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल और डीजल के दाम देश के अन्य प्रमुख महानगरों के मुकाबले ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की खुदरा कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। दिल्ली की तुलना में मुंबई में पेट्रोल की कीमत में लगभग नौ रुपये प्रति लीटर का बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
ईंधन की कीमतों में राज्यों के बीच आने वाले इस बड़े अंतर का मुख्य आधार राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला स्थानीय बिक्री कर (वैट), उपकर (सेस) और रिफाइनरी से बिक्री स्थल तक लगने वाला स्थानीय परिवहन भाड़ा है। महाराष्ट्र में ईंधन पर वैट और सेस की दरें अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण मुंबई के निजी वाहन चालकों और परिवहन सेवा प्रदाताओं पर ईंधन का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है।
कोलकाता और चेन्नई में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता में 21 अक्टूबर को पेट्रोल की कीमत 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर पर टिकी हुई है। कोलकाता में पेट्रोल की यह दर देश के चारों महानगरों में सबसे अधिक दर्ज की गई है, जबकि डीजल भी सौ रुपये प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े के बेहद करीब बना हुआ है।
दक्षिण भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र चेन्नई की बात करें तो वहां पेट्रोल का खुदरा भाव 107.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 99.55 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। चेन्नई में भी स्थानीय उपकरों के चलते पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम सौ रुपये के पार बने हुए हैं। चारों महानगरों के तुलनात्मक आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क (सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी) एक समान होने के बावजूद राज्य स्तरीय करों की भिन्नता अंतिम खुदरा मूल्य में बड़ा अंतर पैदा करती है।
ईंधन की कीमतों का देश की अर्थव्यवस्था और आम बजट पर प्रभाव
पेट्रोल और डीजल केवल दोपहिया या कारों को चलाने का साधन मात्र नहीं हैं, बल्कि वे देश की समूची अर्थव्यवस्था की धमनियों के रूप में कार्य करते हैं। विशेष रूप से डीजल का उपयोग देश भर में दौड़ने वाले भारी मालवाहक ट्रकों, रेलवे इंजनों, अंतरराज्यीय बसों, वेयरहाउस जनरेटरों और कृषि क्षेत्र में पंपसेट व ट्रैक्टरों के संचालन में बड़े पैमाने पर होता है।
जब डीजल की दरों में वृद्धि होती है, तो उसका सीधा असर मालभाड़े पर पड़ता है, जिससे मंडियों तक आने वाले खाद्यान्न, फल, सब्जियां, दवाएं और औद्योगिक कच्चा माल महंगा हो जाता है। इस प्रकार ईंधन की महंगाई स्वतः ही आम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई को बढ़ा देती है। दूसरी ओर पेट्रोल की दरें सीधे तौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक आवागमन खर्च को प्रभावित करती हैं, जिससे घरेलू बचत के अनुपात में कमी आती है।
कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें? पारदर्शी व्यवस्था
भारत में जून 2017 से गतिशील मूल्य निर्धारण व्यवस्था (डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग) लागू है, जिसके तहत तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह छह बजे पिछले पंद्रह दिनों के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर पेट्रोल-डीजल के भाव संशोधित करती हैं। अंतिम उपभोक्ता द्वारा चुकाई जाने वाली खुदरा कीमत में मुख्य रूप से चार घटक शामिल होते हैं:
पहला घटक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लागत और रिफाइनरी प्रोसेसिंग शुल्क होता है। दूसरा घटक केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क है, जो पूरे देश में एक समान रहता है। तीसरा घटक पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन होता है, जो उन्हें संचालन और वितरण के बदले मिलता है। चौथा और सबसे परिवर्तनशील घटक विभिन्न राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला स्थानीय बिक्री कर या वैट होता है, जो हर राज्य में अलग-अलग प्रतिशत में वसूला जाता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों में नरमी आने पर भी यदि राज्य सरकारें वैट नहीं घटातीं, तो खुदरा उपभोक्ताओं को तात्कालिक राहत नहीं मिल पाती।
Petrol-Diesel Price 21 October 2026: एसएमएस और मोबाइल ऐप से मिनटों में जानें अपने शहर का ताजा भाव
ईंधन भरवाने से पहले उपभोक्ता अपने घर बैठे ही अपने नजदीकी पेट्रोल पंप की सटीक दर जान सकते हैं। इंडियन ऑयल के उपभोक्ता अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर आरएसपी (RSP) और अपने शहर का डीलर कोड लिखकर 9224992249 पर एसएमएस भेज सकते हैं।
भारत पेट्रोलियम के ग्राहक आरएसपी और डीलर कोड लिखकर 9223112222 पर तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उपभोक्ता एचपीप्राइस (HPPRICE) लिखकर 9222201122 पर संदेश भेजकर कुछ ही सेकंड में अपने शहर के पेट्रोल और डीजल के प्रमाणित दैनिक भाव प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशनों पर भी जीपीएस लोकेशन के आधार पर निकटतम पेट्रोल पंप की वास्तविक दरें उपलब्ध रहती हैं।
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