Stock Market Today: शेयर बाजार में फिर गिरावट, सेंसेक्स 176 अंक टूटा और निफ्टी 24,350 के नीचे फिसला
गुरुवार को सेंसेक्स 77,790 और निफ्टी 24,341 के स्तर पर गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 176 अंक से अधिक की गिरावट के साथ 77,790 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी दबाव में रहा और 24,350 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला क्योंकि पिछले सत्र की कमजोरी का असर आज भी बना हुआ था।
बाजार की शुरुआत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों कारकों का प्रभाव साफ दिखा। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक संकेतों और कुछ घरेलू घटनाक्रमों ने निवेशकों के मूड को प्रभावित किया। नतीजतन प्रमुख सूचकांकों में शुरुआती गिरावट दर्ज की गई।
Stock Market Today: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन
गुरुवार सुबह करीब 9:18 बजे बीएसई सेंसेक्स 176.28 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,790.07 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50 में 94.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,341.70 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों सूचकांकों में लाल रंग का दबाव साफ नजर आया।
यह गिरावट उस पृष्ठभूमि में आई जब बुधवार को भी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। बुधवार को सेंसेक्स 187.90 अंक गिरकर 77,966.35 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 35.75 अंक फिसलकर 24,435.95 के स्तर पर सेटल हुआ था। लगातार दूसरे दिन दबाव बने रहने से निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई। बाजार की शुरुआत में कई हेवीवेट शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा, जिससे सूचकांक नीचे रहे।
बाजार की शुरुआती हलचल में कुछ क्षेत्रों में खरीददारी भी नजर आई, लेकिन कुल मिलाकर नकारात्मक रुझान हावी रहा। निवेशक वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखे हुए थे। इस बीच व्यापक बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला।
वैश्विक संकेतों का प्रभाव और बाजार का मूड
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों ने आज के कारोबार को प्रभावित किया। एशियाई बाजारों में कुछ जगह मजबूती तो कुछ जगह कमजोरी दिखी। अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र की हलचल और यूरोपीय संकेतों ने भी निवेशकों के फैसले को प्रभावित किया। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने से भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता बनी हुई है। तेल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति और व्यापार घाटे पर दबाव डाल सकती हैं, जो बाजार के मूड को प्रभावित करता है।
इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी सतर्कता बढ़ाई। निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते नजर आए। घरेलू मोर्चे पर कुछ कॉरपोरेट घटनाक्रमों का असर भी महसूस किया गया। पिछले दिनों टाटा समूह से जुड़े कुछ शेयरों में दबाव देखने को मिला था, जिसका असर आज भी कुछ हद तक बना रहा। कुल मिलाकर बाजार में दिशा स्पष्ट नहीं थी और निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए थे।
क्षेत्रीय प्रदर्शन और प्रमुख शेयरों की हलचल
बाजार की शुरुआत में कई क्षेत्रों में दबाव दिखा। अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख हेवीवेट शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सूचकांक नीचे आया। वहीं दूसरी ओर इंडिगो, टेक महिंद्रा और कुछ अन्य शेयरों में शुरुआती बढ़त देखने को मिली।
बैंक और वित्तीय क्षेत्र में मिला-जुला रुख रहा, जहां कुछ बैंक शेयरों में मजबूती तो कुछ में दबाव दिखा। आईटी क्षेत्र में सतर्कता बनी रही, जबकि मेटल और कुछ अन्य क्षेत्रों में खरीददारी के संकेत मिले। व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी उतार-चढ़ाव बना रहा।
पिछले सत्र की समीक्षा और वर्तमान रुझान
बुधवार को बाजार में गिरावट का मुख्य कारण तेल की कीमतों में वृद्धि और कुछ घरेलू कॉरपोरेट घटनाक्रम रहे। टाटा समूह के शेयरों में दबाव देखने को मिला था, जिसने बाजार के मूड को प्रभावित किया। इसके अलावा वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी भूमिका निभाई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते और घरेलू आंकड़े सकारात्मक दिशा नहीं देते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशक मुद्रास्फीति के आंकड़ों, आरबीआई की नीति और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के रुख पर नजर रखे हुए हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
Stock Market Today: निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण स्तर और आगे की रणनीति
तकनीकी दृष्टिकोण से निफ्टी के लिए 24,300 से 24,400 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र (Support Zone) माना जा रहा है, जबकि ऊपर की तरफ 24,500 का स्तर प्रतिरोध (Resistance) का काम कर रहा है। सेंसेक्स के लिए 77,700 से 78,000 का दायरा बेहद महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक लंबी अवधि के दृष्टिकोण के साथ गुणवत्तापूर्ण कंपनियों के शेयरों में बने रहें और अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं। अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना और सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना इस अस्थिर माहौल में जोखिम प्रबंधन का सबसे बेहतर तरीका साबित हो सकता है।
Read More Here
- Anupamaa 13 August 2026: अनुपमा में आया बड़ा ट्विस्ट, प्रेम ने राही पर लगाया धोखे का आरोप, रिश्तों में फिर बढ़ा तनाव
- Mercury Combust 2026: 18 अगस्त से 18 सितंबर तक रहेगा बुध अस्त, इस दौरान न करें ये 5 गलतियां, वरना बढ़ सकती हैं आर्थिक और मानसिक परेशानियां
- Meta Smart Glasses Ban: ब्रिटेन के रेस्टोरेंट और क्लबों में मेटा स्मार्ट ग्लासेज पर लगी रोक, जानिए क्या है बड़ी वजह
- Career Advice For Internship: इंटर्नशिप के दौरान अपनाएं ये 6 बेहतरीन आदतें, करियर में तेजी से आगे बढ़ने के खुलेंगे रास्ते