Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026: साल 2026 में सिर्फ इतनी बार हैं शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त, देवशयनी एकादशी से पहले और देवउठनी एकादशी के बाद मिलेंगे इतने अवसर
साल 2026 में देवशयनी एकादशी से पहले और देवउठनी एकादशी के बाद 60 से अधिक विवाह मुहूर्त
Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026: साल 2026 उन परिवारों के लिए बेहद खास साबित होने वाला है जो अपने घर में शादी की योजना बना रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल देवशयनी एकादशी से पहले और देवउठनी एकादशी के बाद विवाह के कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पंडितों के मुताबिक साल 2026 में कुल मिलाकर 60 से अधिक विवाह मुहूर्त रहेंगे जो परिवारों को पर्याप्त विकल्प देंगे।
फरवरी से जुलाई तक लगातार मिलेंगे शुभ अवसर

ज्योतिषीय गणना के अनुसार साल 2026 में देवशयनी एकादशी से पहले का समय विवाह संस्कार (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) के लिए अत्यंत अनुकूल रहेगा। यह अवधि फरवरी माह से शुरू होकर जुलाई के मध्य तक चलेगी। इस दौरान लगभग 45 से 50 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। विशेष रूप से फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीने सबसे अधिक शादियों के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026: फरवरी 2026 के प्रमुख विवाह मुहूर्त
फरवरी माह में कुल 12 शुभ मुहूर्त (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) बन रहे हैं। इनमें 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी की तारीखें शामिल हैं। यह महीना बसंत ऋतु की शुरुआत का समय होता है जिसे विवाह के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
मार्च 2026 में शादी के 9 अवसर
मार्च माह में विवाह (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) के 9 शुभ योग बन रहे हैं। 1, 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 मार्च को शादियां संपन्न की जा सकती हैं। इस महीने में नक्षत्र और तिथियों का संयोग अत्यंत शुभ रहेगा।
अप्रैल में मिलेंगे 8 मुहूर्त
अप्रैल 2026 में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 तारीख को विवाह संपन्न (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) किए जा सकते हैं। यह महीना गर्मी की शुरुआत का समय होता है लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से अनुकूल रहता है।
मई और जून में भी हैं विकल्प
मई महीने में 8 शुभ मुहूर्त (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) बन रहे हैं जिनमें 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 मई शामिल हैं। वहीं जून में 9 अवसर मिल रहे हैं – 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29 जून को शादियां की जा सकती हैं।
जुलाई माह में चातुर्मास शुरू होने से पहले केवल 4 मुहूर्त बचेंगे – 1, 6, 7 और 11 जुलाई। इसके बाद देवशयनी एकादशी आने पर चार महीने तक शादी का मौसम रुक जाएगा।
चातुर्मास में चार महीने का विराम
देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और इसी के साथ चातुर्मास का आरंभ होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में विवाह (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026), गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
चातुर्मास की अवधि लगभग चार महीने की होती है जो जुलाई के मध्य से शुरू होकर नवंबर तक चलती है। इस दौरान परिवार अन्य धार्मिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं।
Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026: नवंबर-दिसंबर में फिर से शुरू होगा शादी सीजन
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जागते हैं और उसके अगले दिन से पुनः शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। साल 2026 में देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर और दिसंबर में लगभग 15 से 18 विवाह मुहूर्त (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) बनेंगे।
नवंबर 2026 के 6 मुहूर्त
नवंबर में शादी सीजन की वापसी होगी। 21, 24, 25, 26, 27 और 30 नवंबर को विवाह संपन्न किए जा सकेंगे। यह समय शीत ऋतु की शुरुआत का होता है जो शादियों के लिए सुहावना माना जाता है।
दिसंबर 2026 में सबसे अधिक अवसर
साल के अंतिम महीने दिसंबर में सबसे अधिक 10 मुहूर्त बन रहे हैं। 1, 2, 3, 4, 6, 9, 10, 11, 12 और 13 दिसंबर को परिवार शादियों का आयोजन कर सकते हैं। इस समय मौसम भी सुहावना होता है और नक्षत्र भी अनुकूल रहते हैं।
पंचांग का महत्व
हिंदू धर्म में विवाह (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) को सोलह संस्कारों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इसी कारण शादी की तारीख निर्धारित करते समय पंचांग, तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि उचित मुहूर्त में की गई शादी दांपत्य जीवन में सुख और समृद्धि लाती है।
पंचांग में पांच तत्व शामिल होते हैं – तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन सभी का समुचित विश्लेषण करके ही विवाह का शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। अशुभ योगों और राहु काल से बचना भी आवश्यक माना जाता है।
Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026छ योजना बनाने का सही समय
विशेषज्ञों के अनुसार जो परिवार साल 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपनी तारीख सुनिश्चित कर लेनी चाहिए। विशेष रूप से फरवरी, मार्च, अप्रैल और दिसंबर के महीनों में मांग अधिक रहने की संभावना है।
शादी के स्थान, पंडित की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पहले से बुकिंग करना उचित रहता है। बड़े शहरों में शादी के सीजन में सभी सुविधाएं जल्दी बुक हो जाती हैं।
ज्योतिषीय सलाह भी जरूरी
यद्यपि साल 2026 में कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, फिर भी परिवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पारिवारिक पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें। वर-वधू की कुंडली मिलान और व्यक्तिगत ग्रह स्थिति के आधार पर कुछ तिथियां अधिक अनुकूल हो सकती हैं।
विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में पंचांग की गणना में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए स्थानीय पंचांग और परंपराओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
निष्कर्ष: साल 2026 विवाह (Shadi-Vivah Shubh Muhurat 2026) के इच्छुक परिवारों के लिए अनुकूल समय लेकर आ रहा है। देवशयनी एकादशी से पहले और देवउठनी एकादशी के बाद कुल 60 से अधिक शुभ मुहूर्त मिलने से सभी को पर्याप्त विकल्प मिलेंगे। उचित योजना और तैयारी के साथ परिवार इन शुभ अवसरों का लाभ उठा सकते हैं और अपने प्रियजनों के जीवन में खुशियां ला सकते हैं।