सुप्रीम कोर्ट की ‘हवाई यात्रा न करें’ टिप्पणी पर भड़के CJP नेता सौरभ दास, सिस्टम पर उठाए सवाल
CJP Leader Saurav Das: सुप्रीम कोर्ट की 'हवाई यात्रा न करें' टिप्पणी पर भड़के CJP नेता सौरभ दास, सिस्टम पर उठाए सवाल
CJP Leader Saurav Das: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरभ दास ने सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि “हवाई यात्रा न करें।” दास ने इस पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि यही सिस्टम है जिसने लोगों को कॉकरोच बना दिया है। CJP ने अभी इस पर कोई आधिकारिक अगला कदम घोषित नहीं किया है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपारेश सिंह की बेंच के सामने वकील ने हवाई किराए में 700 फीसदी तक बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए मामले की जल्द सुनवाई की मांग की। याचिकाकर्ता का तर्क था कि हवाई यात्रा एक जरूरी सेवा है और इतनी भारी कीमतें संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन हैं। जस्टिस नाथ ने तत्काल लिस्टिंग से मना करते हुए कहा, “हवाई यात्रा न करें। नेक्स्ट केस।” यह अर्जी एस लक्ष्मीनारायणन की लंबित जनहित याचिका में दाखिल की गई थी, जिसमें डायनेमिक प्राइसिंग और अचानक किराए बढ़ने को नियंत्रित करने की मांग की गई है। पीआईएल की अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय है।
सौरभ दास ने क्या लिखा?
सौरभ दास ने खबर शेयर करते हुए लिखा कि जहरीली हवा है तो सांस मत लो, सड़कों पर गड्ढे हैं तो चलो मत, पेट्रोल महंगा है तो गाड़ी मत चलाओ, पेपर लीक है तो परीक्षा मत दो, मीडिया बांट रहा है तो टीवी मत देखो, बेरोजगारी है तो नौकरी मत ढूंढो। उन्होंने कहा कि यही सिस्टम है जिसने हमें कॉकरोच बना दिया है। दास ने पहले भी अदालतों के फैसलों और टिप्पणियों पर तंज कसे हैं। उन्होंने लिखा था कि कुछ जज सरकार के मनमाने इस्तेमाल पर लगाम लगाने के बजाय निजी पूर्वाग्रहों से फैसले देते हैं, जो देश पर धब्बा है।
किराए में कितनी बढ़ोतरी का दावा किया गया?
याचिका में दीवाली से पहले कई रूटों पर किराए सामान्य से 2 से 7 गुना तक बढ़ने का जिक्र किया गया। उदाहरण के तौर पर दिल्ली-कोलकाता का टिकट, जो आमतौर पर 10,000-11,000 रुपये का होता है, एक तारीख के लिए 78,000 रुपये से ज्यादा पहुंच गया। अन्य रूटों पर भी एक ही दिन की उड़ानों के किराए में बड़ा अंतर बताया गया। याचिकाकर्ता ने एल्गोरिदम आधारित डायनेमिक प्राइसिंग और अतिरिक्त शुल्कों पर सवाल उठाए हैं। केंद्र सरकार ने पहले अदालत को बताया था कि नए नियमों की मंजूरी हो चुकी है और उन्हें जल्द प्रकाशित किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी और सौरभ दास कौन हैं?
CJP एक छोटा राजनीतिक समूह है, जो हाल के महीनों में दिल्ली के प्रदर्शनों में सक्रिय रहा है। सौरभ दास इसके प्रमुख चेहरों में से एक हैं। अक्टूबर में पार्टी के कुछ नेताओं को जंतर मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामलों में हिरासत में लिया गया था। दास अक्सर सोशल मीडिया पर सरकार और सिस्टम की आलोचना करते रहे हैं। उनके इस ताजा बयान में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को व्यापक व्यवस्था की समस्या से जोड़ा गया है।
इस टिप्पणी पर क्या चर्चा हो रही है?
सुप्रीम कोर्ट की “हवाई यात्रा न करें” वाली टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। कुछ लोग इसे व्यावहारिक सलाह मान रहे हैं, जबकि आलोचक कह रहे हैं कि आम यात्रियों के लिए त्योहारी सीजन में विकल्प सीमित होते हैं। हवाई किराए का मुद्दा पुराना है। पहले भी अदालत और सरकार ने डायनेमिक प्राइसिंग पर चर्चा की है। फिलहाल याचिका लंबित है और 16 नवंबर को सुनवाई होनी है। सौरभ दास की प्रतिक्रिया ने इस कानूनी मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक बहस से जोड़ दिया है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि रोजमर्रा की समस्याओं पर अदालती टिप्पणियां और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं दोनों चर्चा पैदा करती हैं। किराए नियंत्रण की मांग वाली याचिका पर आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है।
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