Ranchi Student Protest: रांची में 18वें दिन भी उग्र छात्र आंदोलन, लाठीचार्ज के बाद अस्पताल से देवेंद्र महतो का बड़ा ऐलान- ‘अब सरकार से कोई बातचीत नहीं’

लाठीचार्ज के बाद RIMS में भर्ती देवेंद्र महतो बोले- मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा

0

Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC), जेएसएससी (JSSC) और सीजीएल (CGL) परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को अपने 18वें दिन भी बेहद उग्र और तनावपूर्ण मोड में जारी रहा। बीते सोमवार को राजभवन और विधानसभा घेराव के लिए निकले हजारों छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज, वाटर कैनन के प्रयोग और आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद पूरे राज्य में छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है।

आंदोलन की अगुवाई कर रहे और नौ दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अत्यधिक बिगड़ने के बाद उन्हें रिम्स (RIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के बेड से देवेंद्र महतो ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि अब राज्य सरकार के साथ किसी भी स्तर पर कोई वार्ता नहीं होगी। वहीं, लाठीचार्ज की घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा बुलाया गया राज्यव्यापी बंद भी राजधानी समेत कई जिलों में प्रभावी दिख रहा है।

Ranchi Student Protest: विधानसभा घेराव के दौरान रणक्षेत्र बनी रांची की सड़कें

बीते सोमवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मोर्चा के बैनर तले हजारों प्रतियोगी अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए थे। वहां से राष्ट्रीय ध्वज और तख्तियां लेकर छात्र विधानसभा की ओर बढ़े। छात्रों की मुख्य मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई (CBI) जांच, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करना शामिल है।

प्रशासन ने छात्रों को रोकने के लिए जगन्नाथपुर मंदिर और विधानसभा मार्ग पर कंटीले तारों से बहुस्तरीय बैरिकेडिंग कर रखी थी। दोपहर के समय जब आक्रोशित छात्रों ने बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया, तो पुलिस ने पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर लाठीचार्ज करते हुए आंसू गैस के दर्जनों गोले छोड़े। इस झड़प में कई छात्र-छात्राओं के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की ओर से हुए पथराव व चप्पलबाजी में 14 पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।

स्ट्रेचर पर पहुंचे देवेंद्र महतो, हालत बिगड़ने पर RIMS में भर्ती

नौ दिनों से निर्जला और अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो गंभीर स्थिति के बावजूद एम्बुलेंस के जरिए मार्च स्थल तक पहुंचे थे। वे स्ट्रेचर पर लेटे-लेटे ही कंटीली बैरिकेडिंग के सामने पहुंचे और सरकार की नीतियों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि युवाओं के हक की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग किया जा रहा है और सरकार छात्रों के आक्रोश से डर गई है।

मार्च के दौरान अचानक उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया, जिससे वे अचेत हो गए। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद देवेंद्र महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और अब सरकार के साथ कोई औपचारिक वार्ता नहीं की जाएगी।

पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित छात्राएं और अभ्यर्थी, आंदोलन हुआ और तेज

पुलिस कार्रवाई के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा और भड़क गया है। प्रदर्शन में शामिल कई महिला अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे छात्रों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों ने बर्बरता से लाठियां भांजीं। कई घायल अभ्यर्थियों का कहना है कि लाठीचार्ज से आवाज को नहीं दबाया जा सकता, बल्कि इससे छात्रों का संकल्प और मजबूत हुआ है।

अब यह आंदोलन केवल परीक्षा में सुधार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य और स्वाभिमान का मुद्दा बन चुका है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता नहीं आती और पारदर्शी जांच के आदेश नहीं दिए जाते, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

लाठीचार्ज के खिलाफ बीजेपी का राज्यव्यापी ‘झारखंड बंद’

छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को पूरे झारखंड में बंद का आह्वान किया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं के साथ दमनकारी नीति अपना रही है। बंद के कारण रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो सहित कई प्रमुख शहरों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा सांसद झारखंड में छात्र आंदोलन पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन का पक्ष: धारा 163 लागू होने के कारण करना पड़ा बल प्रयोग

मामले पर सफाई देते हुए जिला प्रशासन और रांची पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू की गई थी। पुलिस का दावा है कि जब प्रदर्शनकारियों ने कंटीले बैरिकेड्स तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की और सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू किया, तो स्थिति को नियंत्रित करने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए सीमित बल प्रयोग करना अपरिहार्य हो गया था।

वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि वह छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और कई बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि कागजी आश्वासनों के बजाय जब तक धरातल पर कड़े कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

Ranchi Student Protest: परीक्षा सुधार की मांग और आगे का परिदृश्य

यह पूरा विवाद जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में पेपर लीक, उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर और एजेंसी चयन में हुई वित्तीय धांधलियों से उपजा है। हाल ही में जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आए बड़े खुलासों के बाद से अभ्यर्थियों का विश्वास पूरी तरह डिग चुका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं के इस आक्रोश को केवल बल प्रयोग से हल नहीं किया जा सकता। यदि सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर और निष्पक्ष जांच के आदेश देकर अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक राजनीतिक व सामाजिक रूप ले सकता है।

Read More Here

JPSC Merit Scam मेधा घोटाले में बड़ा खुलासा: इंटरव्यू में 15 लाख की वसूली, पूर्व अधिकारियों और कोचिंग संचालकों के सिंडिकेट का दावा

महाराष्ट्र में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, नासिक में 2.8 और पालघर में 3.2 व 3.4 तीव्रता के झटके, जान-माल का नुकसान नहीं

Stock Market Today: निफ्टी 24,500 के नीचे फिसला, सेंसेक्स 250 अंक टूटा; कच्चे तेल और वैश्विक तनाव ने बढ़ाई चिंता

Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण 2026 पर देवगुरु बृहस्पति का उदय, वृषभ, कर्क और मकर राशि वालों की खुलेगी किस्मत, जानिए क्या कहते हैं आपके सितारे

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.