Rajasthan Municipal Elections 2026: 309 निकायों में 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे
309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में दो चरणों में होगा मतदान, 14 सितंबर को नतीजे
Rajasthan Municipal Elections 2026: राजस्थान की स्थानीय राजनीति में बहुप्रतीक्षित नगर निकाय चुनावों का शंखनाद हो चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के नगरीय निकायों में चुनाव कराने के पूरे कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस निर्णय के तहत प्रदेश की 309 नगरीय संस्थाओं में कुल दो चरणों में मतदान संपन्न कराया जाएगा। चुनावी तारीखों की घोषणा के साथ ही संबंधित सभी शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी कर दी गई है। प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर चुनावी तैयारियां अंतिम दौर में हैं, वहीं प्रमुख राजनीतिक दल भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग को चुनावी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावों के दौरान पारदर्शिता और शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
Rajasthan Municipal Elections 2026: दो चरणों में संपन्न होगी मतदान प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी समय सारणी के अनुसार प्रदेश भर के 309 नगरीय निकायों के 10 हजार 245 वार्डों में पार्षदों के चयन हेतु प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। मतदान का पहला चरण 9 सितंबर को आयोजित होगा। इसके ठीक बाद 11 सितंबर को दूसरे चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। दोनों चरणों का मतदान संपन्न होने के उपरांत 14 सितंबर को मतगणना कराई जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
चुनावों के तहत जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े महानगरों के साथ-साथ राज्य भर की विभिन्न नगर परिषदों और नगरपालिकाओं के मतदाता अपने वार्ड प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे।
पार्षद चुनेंगे निकाय प्रमुख और उप-प्रमुख
राजस्थान में लागू नगर निकाय व्यवस्था के तहत मतदाता सीधे तौर पर निकाय प्रमुखों का चयन नहीं करते हैं। आम नागरिक अपने-अपने वार्डों से केवल पार्षदों को चुनकर साधारण सभा में भेजते हैं। इसके बाद चुने गए पार्षद आपस में मतदान करके महापौर, नगर परिषद सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष का चयन करते हैं।
इस चुनावी प्रक्रिया में पार्षदों का चुनाव पूरा होने के बाद 21 सितंबर को निकाय प्रमुखों (मेयर, अध्यक्ष व सभापति) के पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 22 सितंबर को उप-महापौर, उप-सभापति और उपाध्यक्ष के पदों के लिए आम बैठकों में चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आदर्श आचार संहिता लागू, नई घोषणाओं पर रोक
चुनावी कार्यक्रम के सार्वजनिक होते ही संबंधित नगरीय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। आचार संहिता के प्रभावी रहने तक सरकारी तंत्र या स्थानीय प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की नई विकास योजनाओं, निविदाओं अथवा लोक-लुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
राजनीतिक दलों और भावी उम्मीदवारों को आयोग द्वारा तय सीमा के भीतर ही प्रचार-प्रसार करने की अनुमति होगी। सरकारी संसाधनों के उपयोग पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए साख का सवाल
राजस्थान के ये निकाय चुनाव राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के लिए शहरी क्षेत्रों में अपने जनाधार और प्रशासनिक प्रदर्शन को बनाए रखने की चुनौती होगी। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का यह बड़ा अवसर है।
इन चुनावों में सफाई व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति और स्थानीय नागरिक सुविधाओं जैसे बुनियादी मुद्दे केंद्र में रहने की संभावना है।
Rajasthan Municipal Elections 2026: नागरिकों और मतदाताओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
मतदान के दौरान सभी मतदाताओं को अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य पहचान पत्र साथ रखना होगा। आयोग ने बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय निकायों में मतदाता पंजीकरण की स्थिति जांचने, अपनी मतदाता पर्ची देखने अथवा किसी भी प्रकार की सहायता हेतु नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल या नागरिक सेवा पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं।
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