संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी की पीएम मोदी को खुली चुनौती, बोले- मेरे साथ बैठकर डिबेट करें
Rahul Gandhi Sangrur Rally: संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी की पीएम मोदी को खुली चुनौती, बोले- मेरे साथ बैठकर डिबेट करें
Rahul Gandhi Sangrur Rally: संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूंका। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती दी और कहा कि पांच मिनट की बहस में साबित कर देंगे कि उनकी नीतियां देश के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह से मिलकर अपना भाषण बदला और पंजाब में नशे तथा कानून-व्यवस्था के बिगड़ने पर सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को बहस की चुनौती क्यों दी?
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ आमने-सामने बैठकर बहस करने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री उनके साथ डिबेट करें, जज कोई भी हो, मोहन भागवत को बुला लें, बस पांच मिनट बहस कर लें तो साबित कर देंगे कि उनकी नीतियां देश के हितों के खिलाफ हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नियंत्रित करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने महज पांच मिनट में अमेरिका के साथ डील पर हस्ताक्षर कर दिए और इससे किसानों तथा छोटे उद्योगपतियों के भविष्य को दांव पर लगा दिया। ट्रंप बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाने का दावा करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री इस पर कोई ठोस जवाब नहीं देते। राहुल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री उन्हें देशद्रोही कहते हैं। सिर्फ 5 मिनट लेंगे और 6ठे मिनट में साफ हो जाएगा कि देशद्रोही कौन है। वे उनसे डिबेट कर ही नहीं सकते। अगर वह संसद में बोलते हैं तो माइक बंद कर दिया जाता है।
सिद्धू मूसेवाला के पिता से मिलकर राहुल ने भाषण क्यों बदला?
राहुल गांधी ने भाषण की शुरुआत में सभी का अभिवादन किया। जैसे ही वह आगे बढ़ने लगे, तभी चुप हो गए। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला को याद किया। राहुल ने कहा कि अभी सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह मिल गए, उन्हें देखकर मैं अपना भाषण का प्लान बदल रहा हूं। उन्होंने इशारा कर मूसेवाला के पिता को पास बुलाया। राहुल ने कहा कि कुछ साल पहले सिद्धू मूसेवाला को जानता भी नहीं था। उसके गाने नहीं सुने थे। बाजू पर टैटू। बताया गया कि ये म्यूजिशियन हैं। उसके बाद उसके बारे में जाना और गाने सुने ‘295’। उसकी सिक्योरिटी हटाई जाती है। काली एसयूवी में डेलाइट में उसकी हत्या कर दी गई। राहुल ने आगे कहा कि जब मूसेवाला की हत्या हुई तो वे मूसा गांव गए थे। तब बलकौर सिंह ने कहा था कि पिता मरता है, माता मरती है तो दुख होता है, लेकिन जिस पिता को अपने बेटे की मौत देखनी पड़ती है, उससे बड़ा दर्द इस दुनिया में नहीं है। जो इनके बेटे के साथ हुआ, आज पंजाब में फैशन बन गया है।
पंजाब में नशा और कानून-व्यवस्था पर राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि आज भी पंजाब में कोने-कोने में टैलेंटेड नौजवानों की हत्या हो रही है। जो व्यक्ति पंजाब के लिए काम करना चाहता है, उसे डराया-धमकाया जाता है और गोली मार दी जाती है। कुछ वर्ष पहले वह पंजाब आए थे तो भी उन्होंने कहा था कि पंजाब में नशा फैल रहा है। विरोधी पार्टियों ने कहा था कि राहुल गांधी को पंजाब के बारे में कुछ नहीं पता। किंतु अब लोगों को समझ आ रही है। आज अगर पंजाब में शिक्षा, रोजगार व उद्योग नहीं होगा तो यहां नशा ही होगा और इसी प्रकार कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी व गोलियां चलेंगी। पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा नशा ही है। चिट्टा, मेडिकल नशा, ड्रग सबसे बड़ा मुद्दा है। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि नशा कहां से आ रहा है, सरकार दबाव डाले।
रैली में अन्य कांग्रेस नेताओं ने क्या मुद्दे उठाए?
पंजाब कांग्रेस के प्रधान परगट सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के देहांत के बाद स्मारक के लिए स्थान न दिए जाने पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के शासन में पंजाब में जंगलराज कायम हो चुका है। आम आदमी हो या किसान, हर वर्ग परेशान है। मंडियों में 25 प्रतिशत धान लावारिस पड़ा है, लेकिन खरीद एजेंसियों ने खरीद बंद कर दी। तीन नौजवानों के शव मुर्दाघर में पड़े हैं। पंजाब को पुलिस स्टेट बना दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गोवा और गुजरात में आप के कारण ही कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी। उन्होंने पंजाब सरकार को भ्रष्ट करार दिया और आरोप लगाया कि पंजाब में होने वाली वसूली का पैसा सीधे दिल्ली भेजा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और कहा कि जनता का समर्थन और जमीनी कार्यकर्ताओं का हौसला ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।
इंसाफ रैली से पंजाब चुनाव 2027 के लिए क्या संदेश गया?
संगरूर की इंसाफ रैली से कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अभियान का शंखनाद किया। राहुल गांधी के भाषण में मोदी को बहस की चुनौती, मूसेवाला हत्याकांड और नशे के मुद्दे प्रमुख रहे। अन्य नेताओं ने कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्या और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। रैली में समर्थकों का उत्साह रहा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नशा, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पंजाब के सबसे बड़े मुद्दे हैं। आगे देखना होगा कि यह अभियान चुनावी मैदान में कैसे असर डालता है।
संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने पीएम मोदी को डिबेट की चुनौती दी, मूसेवाला के पिता से मुलाकात की और पंजाब में नशे तथा कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा।
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