Punjab Drug Crisis: ओवरडोज से सैकड़ों मौतें, 7500 करोड़ का अवैध कारोबार और कार्यकर्ताओं की हत्याएं
Punjab Drug Crisis: ओवरडोज से सैकड़ों मौतें, 7500 करोड़ का अवैध कारोबार और कार्यकर्ताओं की हत्याएं
Punjab Drug Crisis: पंजाब में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार राज्य के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। ओवरडोज से युवाओं की मौतों का सिलसिला जारी है और नशा विरोधी आवाज उठाने वालों पर हमले भी हो रहे हैं। प्रशासनिक अनुमानों के अनुसार यह सालाना कारोबार करीब 7500 करोड़ रुपये का है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन समस्या की जड़ें गहरी हैं।
ओवरडोज से मौतों का आंकड़ा क्या कहता है?
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में नशीले पदार्थों के अधिक सेवन से होने वाली मौतें लगातार दर्ज हो रही हैं। 2021 में 78, 2022 में 144, 2023 में 89 और 2024 में 106 लोगों की जान गई। 2024 में पंजाब देश में दूसरे स्थान पर रहा। ये आंकड़े दिखाते हैं कि समस्या नियंत्रित होने के बजाय बनी हुई है। परिवार अक्सर संदिग्ध मौतों के बाद सड़कों पर प्रदर्शन करते हैं, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ता है।
नशा विरोधी कार्यकर्ताओं पर हमले क्यों हो रहे हैं?
नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी है। मानसा में कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या हुई। पिछले दो महीनों में ऐसी तीन घटनाएं सामने आई हैं। तस्कर नेटवर्क विरोधियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे इलाकों में डर का माहौल बन रहा है। ये घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
अवैध कारोबार का आकार कितना बड़ा है?
विभिन्न अनुमानों के मुताबिक पंजाब में नशीले पदार्थों का सालाना कारोबार लगभग 7500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। राज्य की करीब 30 लाख आबादी किसी न किसी रूप में इन पदार्थों के प्रभाव में मानी जाती है। इतने बड़े पैमाने पर आर्थिक लेनदेन से स्पष्ट है कि आपूर्ति श्रृंखला गहरी जड़ें जमा चुकी है। सीमा पार तस्करी और आंतरिक नेटवर्क दोनों इसमें भूमिका निभाते हैं।
ड्रोन और सीमा पार तस्करी कैसे हो रही है?
पंजाब की पाकिस्तान से लगती सीमा अवैध आपूर्ति का प्रमुख मार्ग बनी हुई है। गुरदासपुर जैसे क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हेरोइन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री भेजी जाती है। रात के समय उड़ने वाले इन ड्रोन को पूरी तरह रोकना सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ है। हेरोइन की बड़ी खेपें जब्त होने के बावजूद आपूर्ति पूरी तरह नहीं रुक पाई है।
पुलिस की कार्रवाई और संपत्ति जब्ती का क्या असर है?
16 मार्च 2022 से विशेष अभियानों के तहत एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 95,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। 1.27 लाख से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 7260 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त हुई है। तस्करों की लगभग 902 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज या जब्त किया गया है। आर्थिक प्रहार से नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश चल रही है, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
पंजाब में नशे का मुद्दा सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा तीनों स्तरों पर असर डाल रहा है। ओवरडोज मौतें और कार्यकर्ताओं पर हमले समस्या की गंभीरता दिखाते हैं। पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन लंबे समय तक समाधान के लिए मांग और आपूर्ति दोनों पर ध्यान देने की जरूरत है।
Read More Here:-
High Uric Acid: लौंग, तेजपत्ता और दालचीनी की चाय के फायदे
Diwali Decoration Ideas: कपड़ों की कतरनों से बनाएं 4 सुंदर डेकोर आइटम
UP Panchayat Election 2026: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए गांव में 6 महीने रहना जरूरी