Premanand Maharaj Ashram: लापता अपनों की तलाश में वृंदावन पहुंचे कई परिवार, आश्रम के बाहर बढ़ी हलचल

आश्रम के बाहर कई परिवारों ने लगाई गुहार, पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों की जांच तेज की

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Premanand Maharaj Ashram: धार्मिक नगरी वृंदावन में स्थित प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के बाहर इन दिनों लापता लोगों की तलाश को लेकर भारी हलचल देखी जा रही है। देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से पहुंचे कई परिवार अपने लापता बच्चों और परिजनों की तस्वीरें हाथों में लेकर आश्रम के आसपास सुराग जुटाने में लगे हैं। इस दौरान कुछ परिजनों द्वारा आश्रम प्रबंधन पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए मुख्य द्वार पर प्रदर्शन और धरना भी दिया गया। पुलिस प्रशासन ने इन सभी गुमशुदगी के मामलों का संज्ञान लेते हुए सघन जांच शुरू कर दी है। हाल ही में हाथरस के एक लापता किशोर को बरसाना के एक अन्य आश्रम से सकुशल बरामद किए जाने के बाद इस पूरे मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है।

Premanand Maharaj Ashram: हाथरस के किशोर की गुमशुदगी और बरसाना से बरामदगी

यह पूरा विवाद तब खुलकर सामने आया जब हाथरस जिले के रहने वाले अनुज चौधरी के परिजनों ने आश्रम के बाहर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों के अनुसार, किशोर ने जून माह में वृंदावन आकर प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और इसके उपरांत वह अपने घर लौट गया था। इसके कुछ समय बाद वह दोबारा वृंदावन जाने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन कई हफ्तों तक उसका कोई अता-पता नहीं चला।
लंबे समय तक संपर्क न होने पर परिवार ने स्थानीय पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई और तलाश करते हुए श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पहुंचे। परिजनों का आरोप था कि उन्हें आश्रम प्रबंधन से कोई स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा था, जिसके चलते परिवार और ग्रामीणों ने आश्रम के बाहर धरना दे दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मथुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी निगरानी और सुरागों के आधार पर अनुज को बरसाना क्षेत्र के एक अन्य धार्मिक आश्रम से सकुशल बरामद कर लिया।

कासगंज और महाराष्ट्र से भी पहुंचे परेशान परिजन

हाथरस के मामले के बाद अन्य राज्यों और जिलों से भी परिजनों के वृंदावन पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश के कासगंज का एक परिवार अपने नाबालिग बेटे की तलाश में आश्रम पहुंचा, जबकि महाराष्ट्र से आई एक व्यथित महिला ने अपने लापता बेटे को लेकर आश्रम के बाहर गुहार लगाई।
परिजनों का कहना है कि उनके परिजन सोशल मीडिया और धार्मिक सत्संगों के जरिए संत प्रेमानंद महाराज के विचारों से गहरे प्रभावित थे और वृंदावन में साधना करने की बात कहकर घर से निकले थे। आश्रम के सुरक्षा घेरे और नियमों के कारण अंदर प्रवेश न मिलने से नाराज परिजनों ने जब विरोध जताया, तो वहां मौजूद कुछ सेवादारों और स्थानीय लोगों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कुछ लोगों को थाने ले जाकर पूछताछ की।

नोएडा की महिला के लापता होने का मामला

इसी कड़ी में नोएडा की रहने वाली एक महिला के रहस्यमयी तरीके से लापता होने का मामला भी पुलिस के पास पहुंचा है। महिला के परिजनों का दावा है कि वह अगस्त महीने में प्रेमानंद महाराज के दर्शन और आश्रम में सेवा करने की बात कहकर निकली थी, जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद है और उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
परिजनों ने आशंका जताई है कि वह आश्रम परिसर या वृंदावन के किसी अन्य भक्ति केंद्र में हो सकती है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक महिला की आश्रम के भीतर मौजूदगी का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस आश्रम के आगंतुक रजिस्टरों और शहर के सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर महिला के वास्तविक ठिकाने का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

आश्रम प्रबंधन का पक्ष और पुलिस की स्पष्टता

इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस और आश्रम की ओर से स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है। हाथरस के किशोर के संदर्भ में पुलिस जांच में पाया गया कि उसने आश्रम से विधिवत दीक्षा जरूर ली थी, लेकिन वह आश्रम के स्थायी सेवादार या निवासी के रूप में वहां दर्ज नहीं था।
आश्रम प्रबंधन का कहना है कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और दीक्षा लेते हैं, जिसका अर्थ यह नहीं है कि सभी को आश्रम में रहने की अनुमति दी जाती है। आश्रम ने यह भी दावा किया कि लापता किशोर की सूचना मिलते ही उसकी तस्वीर सेवादारों के आंतरिक समूहों में प्रसारित कर उसकी तलाश में पुलिस का सहयोग किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने भी रेखांकित किया है कि दीक्षा लेना और आश्रम में निवास करना दो अलग-अलग बातें हैं, इसलिए हर मामले में तथ्यों की पुष्टि के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

Premanand Maharaj Ashram: लगातार दर्ज हो रही शिकायतों के बाद पुलिस की निगरानी तेज

वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल पर एक के बाद एक परिजनों के पहुंचने से स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। मथुरा पुलिस का कहना है कि हर गुमशुदगी का सीधा संबंध किसी विशेष आश्रम से नहीं जोड़ा जा सकता, क्योंकि कई बार युवा घर से बिना बताए निकलकर वृंदावन के विभिन्न मंदिरों, घाटों या धर्मशालाओं में रहने लगते हैं।
अनुज चौधरी के सकुशल मिल जाने से उसके परिजनों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन अन्य लापता लोगों के परिवार अभी भी अपने परिजनों की एक झलक पाने के लिए वृंदावन की गलियों में भटक रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें अब सभी शिकायतों को प्राथमिकता पर लेकर जांच कर रही हैं ताकि सभी लापता लोगों को जल्द से जल्द उनके परिवारों से मिलाया जा सके।

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