France Student Protest: छात्रों के बीच ढाल बने मेयर Bally Bagayoko, वीडियो वायरल

पुलिस कार्रवाई के बीच सेंट-डेनिस के मेयर Bally Bagayoko छात्रों के बीच ढाल बनकर खड़े हुए

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France Student Protest: फ्रांस में सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और स्कूलों में बुनियादी संसाधनों की कमी को लेकर छात्रों का असंतोष अब एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। मंगलवार को राजधानी पेरिस सहित देश के कई प्रमुख शहरों में लाखों छात्र, शिक्षक और अभिभावक सड़कों पर उतरे। इस व्यापक प्रदर्शन के दौरान पेरिस के उपनगरीय क्षेत्र सेंट-डेनिस से सामने आए एक नाटकीय घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं। सेंट-डेनिस के मेयर बैली बागायोको (Bally Bagayoko) प्रदर्शनकारी छात्रों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच खुद ढाल बनकर खड़े हो गए। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि नाबालिग छात्रों को पुलिसिया बल प्रयोग से बचाने के लिए आगे आते दिखाई दे रहे हैं।

France Student Protest: छात्रों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच खड़े हुए मेयर बागायोको

वायरल वीडियो फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि जब पूरी तरह हथियारों और शील्ड से लैस दंगा-रोधी पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों को खदेड़ने के लिए आगे बढ़ रही थी, तभी मेयर बैली बागायोको दोनों पक्षों के बीच आकर खड़े हो गए। मेयर ने अपने दोनों हाथ फैलाकर पुलिस अधिकारियों से लगातार बल प्रयोग रोकने और पीछे हटने की भावुक अपील की।
उनका तर्क था कि प्रदर्शन कर रहे किशोर छात्र कोई अपराधी नहीं हैं, बल्कि वे अपने मौलिक शैक्षणिक अधिकारों और बेहतर भविष्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आवाज उठा रहे हैं। गतिरोध के दौरान जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, तो मेयर खुद भी उसकी चपेट में आ गए। वीडियो में दिखाई देता है कि गंभीर जलन और सांस लेने में तकलीफ के बीच कुछ छात्र मेयर की आंखों में आई-ड्रॉप डालते हुए उनकी मदद कर रहे हैं।

आखिर क्यों सड़कों पर उतरे फ्रांस के छात्र और शिक्षक?

फ्रांस में इस बड़े आंदोलन की शुरुआत सितंबर महीने में पेरिस क्षेत्र के कुछ उपनगरीय स्कूलों से हुई थी, जो अब पूरे देश में फैल चुकी है। छात्रों और शिक्षक संगठनों की प्रमुख शिकायत है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण कई विषयों की कक्षाएं महीनों से नहीं चल पा रही हैं। इसके अलावा दशकों पुरानी स्कूल इमारतों की जर्जर स्थिति, कक्षाओं में अत्यधिक भीड़ और बढ़ती गर्मी के बावजूद एयर कंडीशनिंग या वेंटिलेशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का न होना छात्रों के सब्र का बांध तोड़ चुका है।
फ्रांसीसी गृह मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को देश भर में 2.5 लाख से अधिक लोग विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए, जबकि शिक्षक यूनियनों और आयोजकों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक थी।

शांतिपूर्ण मार्च के बीच कई शहरों में पुलिस और छात्रों के बीच झड़प

फ्रांस के अधिकांश हिस्सों में रैलियां शांतिपूर्ण रहीं, लेकिन राजधानी पेरिस, मार्सिले और ल्योन जैसे बड़े शहरों में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस, पानी की बौछारें और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया, जिसके जवाब में कुछ उपद्रवी तत्वों ने पथराव किया और कचरे के डिब्बों में आग लगा दी।
फ्रांसीसी गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मंगलवार को हुई झड़पों के बाद देशभर से लगभग 500 लोगों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मियों और छात्रों के घायल होने की भी सूचना है। सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है, जबकि विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने नाबालिग छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।

मेयर ने की पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग

इस घटना के बाद मेयर बैली बागायोको ने सरकार और पुलिस प्रशासन से प्रदर्शनों से निपटने के मौजूदा तौर-तरीकों की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधारों की जायज मांग कर रहे बच्चों पर इस तरह का हिंसक व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य है। साथ ही उन्होंने छात्रों से भी शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के उकसावे या तोड़फोड़ से दूर रहने की अपील की।
गौरतलब है कि बागायोको पहले भी अपने क्षेत्र के स्कूलों और युवाओं के अधिकारों के लिए मुखर रहे हैं। इससे पहले भी एक अन्य वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ भ्रामक दावे किए गए थे, लेकिन फ्रांसीसी मीडिया की स्वतंत्र जांच में यह साबित हुआ था कि वह स्कूल परिसर के बाहर आग बुझाने और जलते हुए कूड़ेदान को इमारत से दूर करने का प्रयास कर रहे थे।

France Student Protest: शिक्षा सुधारों पर बढ़ा चौतरफा दबाव

सड़कों पर उमड़े इस भारी जनसैलाब ने फ्रांसीसी सरकार पर गंभीर नीतिगत दबाव बना दिया है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और स्कूल कर्मचारियों के घायल होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है और संकेत दिया है कि सरकार स्कूलों की संरचनात्मक समस्याओं के समाधान के लिए संवाद के रास्ते तलाश रही है।
यह आंदोलन अब केवल शैक्षणिक बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहकर फ्रांस के राष्ट्रीय राजनीतिक पटल का मुख्य मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार छात्रों और शिक्षकों की मांगों पर क्या ठोस नीतिगत कदम उठाती है, क्योंकि छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।

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