Petrol-Diesel Price 23 August 2026: पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में जानें आज के ताजा रेट
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और पटना समेत प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
Petrol-Diesel Price 23 August 2026: भारतीय पेट्रोलियम और ईंधन बाजार में 23 अगस्त 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में स्थिरता का रुख निरंतर बना हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)—ने प्रतिदिन सुबह 6 बजे होने वाली मूल्य समीक्षा के तहत खुदरा दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में बनी अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ईंधन के दाम पुराने स्तर पर ही स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों में भी दरें पूर्ववत बनी हुई हैं।
घरेलू स्तर पर खुदरा दरों का स्थिर रहना आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए बड़ी राहत का कारण बना हुआ है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे तौर पर माल ढुलाई, कृषि लागत और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के वितरण व्यय को प्रभावित करती हैं। ऐसे में खुदरा कीमतों में निरंतर स्थिरता बने रहने से बाजार में मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है और आम जनता के मासिक घरेलू बजट पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ रहा है।
Petrol-Diesel Price 23 August 2026: दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थानीय करों और राज्यों के अलग-अलग वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) के चलते कीमतों में आंशिक अंतर दर्ज किया जाता है, हालांकि सभी प्रमुख केंद्रों पर कीमतें स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 95.56 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर दर्ज किया गया है। वहीं हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहर गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।
एनसीआर के शहरों के बीच प्रतिदिन लाखों लोग अपने निजी वाहनों, वाणिज्यिक कैब और दोपहिया वाहनों से आवागमन करते हैं। कीमतों में उतार-चढ़ाव न होने से कामकाजी पेशेवरों और परिवहन ऑपरेटरों को अपने दैनिक यात्रा व्यय का प्रबंधन करने में सुविधा मिल रही है। दिल्ली में वैट की दरें संतुलित रहने के कारण यहां ईंधन का उठाव पड़ोसी सीमावर्ती कस्बों से बेहतर रहता है।
मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद में ईंधन की दरें
देश के चारों महानगरों और प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों में स्थानीय कर व्यवस्था के कारण कीमतों में विभिन्नता देखी जाती है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर टिका हुआ है। महाराष्ट्र में वैट और स्थानीय उपकर की दरें अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण यहां ईंधन के दाम दिल्ली की तुलना में ऊंचे बने हुए हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।
दक्षिण भारत के महानगरों में भी स्थिरता का यही क्रम जारी है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज किया गया है। कर्नाटक की तकनीकी राजधानी बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 98.80 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पेट्रोल 115.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो देश के बड़े महानगरों में सबसे अधिक दरों में शामिल है।
उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अन्य प्रमुख शहरों का हाल
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल 112.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 101.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 114.30 रुपये प्रति लीटर और डीजल 100.26 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में डीजल का भाव देश के मैदानी इलाकों में सबसे किफायती बना हुआ है, जहां यह लगभग 89.47 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 113.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल 102.98 रुपये प्रति लीटर के दायरे में बना हुआ है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर और झारखंड के रांची में भी दरें स्थिर बनी हुई हैं। विभिन्न राज्यों में कीमतों का यह अंतर राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय बिक्री कर, सेस और रिफाइनरी से डिपो तक की माल ढुलाई लागत पर निर्भर करता है।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की चाल और घरेलू स्थिरता का समीकरण
वैश्विक कमोडिटी बाजार में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री व्यापारिक जलमार्गों पर उत्पन्न आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार दबाव बना हुआ है। भारत अपनी कुल ऊर्जा आवश्यकताओं और कच्चे तेल का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वैश्विक बाजारों से आयात करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय भाव सीधे तौर पर घरेलू बाजार को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
इसके बावजूद घरेलू तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा दरों में बदलाव न करने की नीति जारी रखी है। कंपनियां अल्पकालिक अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव को अपने परिचालन मार्जिन के जरिए समायोजित कर रही हैं ताकि आम नागरिकों पर अचानक मूल्य वृद्धि का बोझ न पड़े। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रहीं, तो भविष्य में मूल्य समीक्षा चक्र में दबाव देखने को मिल सकता है।
राज्यवार कर संरचना और मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया
भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा दरें पूरे देश में एक समान नहीं होती हैं। केंद्र सरकार द्वारा वसूले जाने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क के अतिरिक्त प्रत्येक राज्य सरकार अपनी राजस्व आवश्यकताओं के आधार पर स्थानीय वैट और विकास उपकर लागू करती है। इसी कारण कम कर वाले राज्यों और अधिक कर लगाने वाले राज्यों के बीच ईंधन के दामों में प्रति लीटर 10 से 14 रुपये तक का अंतर दिखाई देता है।
इसके अतिरिक्त पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन और रिफाइनरी से विभिन्न वितरण केंद्रों तक की भौगोलिक दूरी (फ्रेट चार्ज) भी स्थानीय मूल्य को तय करने में भूमिका निभाती है। पहाड़ी और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में ढुलाई व्यय अधिक होने के कारण मैदानी क्षेत्रों की तुलना में खुदरा कीमतें थोड़ी अधिक दर्ज की जाती हैं।
Petrol-Diesel Price 23 August 2026: अर्थव्यवस्था पर असर और उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
ईंधन की स्थिर कीमतें सीधे तौर पर आम जनजीवन और व्यापक अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करती हैं। निजी वाहन चालकों के अलावा बस, ऑटो, टैक्सी और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के संचालन व्यय में स्थिरता रहने से दैनिक यात्रियों और व्यापारियों का बजट नियंत्रित रहता है। साथ ही खेती-किसानी में उपयोग होने वाले ट्रैक्टरों और सिंचाई पंपों का खर्च भी स्थिर बना हुआ है।
उपभोक्ता अपने शहर और नजदीकी पेट्रोल पंप पर ईंधन की ताजा और सटीक दरों की पुष्टि करने के लिए तेल कंपनियों के अधिकृत मोबाइल ऐप, एसएमएस सेवा और आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग कर सकते हैं।
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