Patna ADM Raid: पटना एडीएम और दानापुर सब-रजिस्ट्रार दंपती के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, भारी कैश, ज्वेलरी और संपत्ति के दस्तावेज बरामद
आय से अधिक संपत्ति मामले में पटना और बेगूसराय के चार ठिकानों पर विजिलेंस की कार्रवाई
Patna ADM Raid: बिहार के प्रशासनिक महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते यानी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने राजधानी पटना में तैनात दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों में बड़ी छापेमारी की। विजिलेंस की विशेष जांच टीमों ने पटना के अपर समाहर्ता (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर तथा उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी, जो वर्तमान में दानापुर निबंधन कार्यालय में जिला सब-रजिस्ट्रार के पद पर पदस्थापित हैं, के आवासीय एवं अन्य संबंधित परिसरों पर एक साथ दबिश दी। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान जांच अधिकारियों को भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और रियल एस्टेट व वित्तीय साधनों में किए गए भारी निवेश के अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं।
Patna ADM Raid: पटना से बेगूसराय तक एक साथ छापेमारी
निगरानी ब्यूरो के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के विरुद्ध लंबे समय से अपनी घोषित आय के ज्ञात वैध स्रोतों से कई गुना अधिक अवैध परिसंपत्तियां अर्जित करने की गोपनीय शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। प्रारंभिक जांच और ठोस साक्ष्यों के संकलन के पश्चात निगरानी थाना में आय से अधिक संपत्ति का नियमित मामला दर्ज किया गया। इसके तुरंत बाद विशेष निगरानी अदालत से विधिवत सर्च वारंट प्राप्त कर टीमों का गठन किया गया।
कार्रवाई के तहत जांच दलों ने एक साथ पटना स्थित उनके आधिकारिक आवास, दानापुर और उनके पैतृक जिले बेगूसराय में स्थित ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। छापेमारी दल में महिला पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक और स्वतंत्र गवाह शामिल रहे। कई घंटों तक चली इस सघन तलाशी में घर के विभिन्न कमरों, अलमारियों और लॉकरों की बारीकी से जांच की गई, जिससे संपत्ति से संबंधित कई बंडल कागजात और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
नकदी, स्वर्णाभूषण और बैंक खातों का विस्तृत मूल्यांकन
तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों के परिसरों से महत्वपूर्ण मात्रा में भारतीय मुद्रा (कैश) और भारी वजन के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। विजिलेंस की टीम ने बरामद नकदी की गिनती के लिए नोट गिनने की मशीनों और आभूषणों की शुद्धता व वास्तविक मूल्य के प्रामाणिक आकलन के लिए सरकारी स्वर्णकारों (अप्रूव्ड वैल्यूअर्स) की सेवाएं लीं।
इसके अतिरिक्त, दोनों अधिकारियों और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों में संचालित बचत खातों, सावधि जमा (FDs) और बैंक लॉकरों के विवरण भी जांच के दायरे में लिए गए हैं। निगरानी ब्यूरो ने संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर इन खातों के लेन-देन को फ्रीज करने और लॉकरों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न की जा सके।
जमीन, मकान और वित्तीय निवेश से जुड़े अहम दस्तावेजों की जब्ती
विजिलेंस की इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू जमीन, भूखंडों और रियल एस्टेट से जुड़े विलेखों (डीड्स) की बरामदगी है। चूंकि कुमारी स्वीटी स्वयं दानापुर जैसे अत्यधिक मूल्यवान और तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में जिला सब-रजिस्ट्रार के रूप में कार्यरत हैं, इसलिए निबंधन कार्यालय के प्रभाव का अनुचित उपयोग कर बेनामी संपत्तियां खरीदने की आशंका की भी गहराई से जांच की जा रही है।
बरामद कागजातों में पटना के प्राइम लोकेशंस, दानापुर, बिहटा और बेगूसराय के आसपास कई कीमती आवासीय व व्यावसायिक भूखंडों, फ्लैटों और निर्माणाधीन मकानों में पूंजी निवेश के प्रमाण मिले हैं। इसके साथ ही विभिन्न जीवन बीमा पॉलिसियों, म्यूचुअल फंड्स और शेयर बाजार में किए गए निवेश के कागजात भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन अचल संपत्तियों की खरीद के समय जो सर्किल रेट या बाजार मूल्य दिखाया गया था, उसके लिए धन का वास्तविक स्रोत क्या था।
आय से अधिक संपत्ति की विधिक जांच प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की निर्धारित धाराओं के अंतर्गत आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां ‘चेक पीरियड’ (जांच अवधि) तय करती हैं। इस अवधि के दौरान संबंधित लोकसेवक को प्राप्त कुल वेतन, भत्ते और अन्य विधिक स्रोतों से हुई कुल वैध आय की गणना की जाती है। तत्पश्चात, उसी अवधि में अधिकारी द्वारा किए गए पारिवारिक खर्च, बच्चों की शिक्षा, यात्राओं और कुल अर्जित चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन होता है।
यदि कुल संपत्ति और खर्च का योग अधिकारी की कुल वैध आय से अस्वाभाविक रूप से बहुत अधिक निकलता है और अधिकारी उस अतिरिक्त अंतर का संतोषजनक विधिक स्रोत बताने में असमर्थ रहता है, तो उसे अवैध आय माना जाता है। विजिलेंस के अधिकारी अब दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर बरामद नकदी, जेवरात और जमीन के कागजातों पर बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगेंगे। संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में न्यायालय में औपचारिक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और संपत्तियों को जब्त (अटैच) करने की कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
Patna ADM Raid: भ्रष्ट लोकसेवकों पर प्रशासनिक शिकंजा कसने का कड़ा संदेश
बिहार में हाल के महीनों के दौरान आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अभियंताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के विरुद्ध की गई लगातार कार्रवाइयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पटना एडीएम रविंद्र कुमार दिवाकर और दानापुर सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी के विरुद्ध हुई यह संयुक्त कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि जांच एजेंसियों की नजर उन मलाईदार पदों पर विशेष रूप से टिकी है जहां जनता से सीधे जुड़े कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की गुंजाइश अधिक रहती है।
वर्तमान में जांच प्राथमिक चरण में है और दस्तावेजों की फॉरेंसिक व वित्तीय जांच पूरी होने के उपरांत ही इस अवैध साम्राज्य के कुल मूल्य का अंतिम आंकड़ा आधिकारिक रूप से स्पष्ट हो सकेगा। यह कार्रवाई राज्य के प्रशासनिक हलकों में यह कड़ा संदेश देने के लिए पर्याप्त है कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए अवैध धनकुबेर बनने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा होना ही पड़ेगा।
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