Parliament Day 11: संसद का मॉनसून सत्र 11वें दिन पहुंचा, सरकार दो अहम बिल पास करवा चुकी है
सरकार ने दो अहम बिल पास किए, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आज सदन में टकराव संभव
Parliament Day 11: भारतीय संसद का मॉनसून सत्र 2026 अपने 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। सोमवार सुबह ग्यारह बजे से शुरू होने वाली दोनों सदनों की कार्यवाही के लिए राजनीतिक तापमान पहले से ही काफी चढ़ा हुआ है। सत्र के शुरुआत में कुल आठ महत्वपूर्ण विधेयक सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से दो प्रमुख विधेयकों को सरकार दोनों सदनों से सफलतापूर्वक पारित करवा चुकी है। इनमें ‘वंदे मातरम’ यानी राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जुड़ा ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर संशोधन विधेयक’ तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने वाला ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक’ शामिल हैं। इसके अलावा जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक को भी लोकसभा से हरी झंडी मिल चुकी है। हालाँकि, अब तक पारित विधेयकों और आगे सूचीबद्ध एजेंडे के बावजूद, विपक्षी दलों के कड़े तेवरों और नए विवादित मुद्दों के चलते संसद में तीखे हंगामे और गतिरोध के पूरे आसार बने हुए हैं।
सरकार द्वारा पास करवाए गए प्रमुख विधेयक और उनका महत्व
केंद्र सरकार के दृष्टिकोण से सत्र का अब तक का सफर विधायी दृष्टिकोण से काफी अहम रहा है। परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए लाया गया पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक 2026 दोनों सदनों से पास हो चुका है, जिसमें धांधली करने वालों और सर्विस प्रोवाइडर्स पर भारी जुर्माना व कठोर कारावास की व्यवस्था की गई है। वहीं, राष्ट्रगान के साथ-साथ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का अनादर रोकने के मकसद से लाया गया संशोधन विधेयक भी विपक्ष के भारी शोर-शराबे और वॉकआउट के बीच पारित हो गया। अब सरकार की प्राथमिकता अन्य लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाने की है, जिनमें एमएसएमई विकास संशोधन बिल और विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन बिल शामिल हैं। एमएसएमई विधेयक का उद्देश्य छोटे उद्योगों को विधिक व वित्तीय राहत देना है, जबकि एफसीआरए विधेयक गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लिए विदेशी फंडिंग के नियमों को और अधिक पारदर्शी व सख्त बनाने पर केंद्रित है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के सांकेतिक प्रदर्शन पर गहराया विवाद
संसद के तीसरे हफ्ते की शुरुआत के साथ ही राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और गबन के आरोपों का मुद्दा सदन के भीतर और बाहर सबसे बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। सत्र के 10वें दिन निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में मकर द्वार के निकट पुजारी का वेश धारण कर ‘चंदा चोरी’ पर एक सांकेतिक नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया था, जिसमें राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने भी भाग लिया था। इस प्रदर्शन के दौरान दानपेटी लेकर भागने के दृश्य पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा एतराज जताया है और इसे सनातन धर्म, भगवा वस्त्र और भगवान राम का अपमान करार दिया है। इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जताई गई सख्त नाराजगी और दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के कारण सोमवार को दोनों सदनों में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिल सकती है।
Parliament Day 11: पहले दो हफ्तों का हंगामा और तीसरे हफ्ते की रणनीतियाँ
मॉनसून सत्र के शुरुआती दो हफ्ते पहले ही छात्र आंदोलनों, नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवादों और बेरोजगारी के मुद्दों पर हुए भारी हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। पहले हफ्ते में छात्र संगठनों के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा था, जबकि दूसरे हफ्ते में पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया था। अब तीसरे हफ्ते में जहाँ सरकार रणनीतिक रूप से अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए लंबित बिलों को पास कराने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी खेमा ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के नेतृत्व में राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे के साथ-साथ देश के अन्य ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
निष्कर्ष
संसद का 11वां दिन विधायी कार्यों और राजनीतिक टकराव दोनों के (Parliament Day 11) लिहाज से अत्यंत संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है। एक तरफ जहाँ सरकार दो बड़े बिल पास कराकर अपने विधायी ट्रैक रिकॉर्ड को मजबूत दिखा रही है, वहीं विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे सदन में भारी नारेबाजी और कार्यवाही में व्यवधान का कारण बन सकते हैं। दोनों पक्षों के बीच जारी इस खींचतान के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अध्यक्ष व सभापति किस तरह सदन की उत्पादकता बनाए रखते हैं और जनहित के अन्य विधेयकों पर सार्थक चर्चा हो पाती है या नहीं।
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