25 April 2026 Ka Panchang: जानकी जयंती पर नवमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र और रवि योग का शुभ संयोग, जानें पूरे दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का शुभ समय

माता सीता की जयंती पर रवि योग का फल; जानें दिल्ली से कोलकाता तक राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त।

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Panchang April 25 2026: 25 अप्रैल 2026 का पंचांग हिंदू धर्मावलंबियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस दिन वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र और पूरे दिन रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शनिवार 25 अप्रैल को माता जानकी यानी सीता जयंती मनाई जाएगी। रामायण की प्रमुख नायिका माता सीता की जयंती पर भक्तों में खास उत्साह देखा जाता है। पंचांग के अनुसार इस दिन कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं जो पूजा-पाठ, नए कार्य शुरू करने और मांगलिक आयोजनों के लिए बेहद अनुकूल माने जाते हैं। ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की यह स्थिति भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगी।

पंचांग हिंदू कैलेंडर का आधार होता है जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का पूरा विवरण दिया जाता है। यह न सिर्फ त्योहारों की तिथि बताता है बल्कि रोजमर्रा के कार्यों के लिए शुभ-अशुभ समय भी निर्धारित करता है। 25 अप्रैल 2026 को जानकी जयंती के साथ-साथ नवमी तिथि का विशेष महत्व है क्योंकि नवमी तिथि को माता दुर्गा और माता सीता दोनों की आराधना का दिन माना जाता है। यदि आप भी इस पावन दिन को धार्मिक रूप से मनाना चाहते हैं तो इस लेख में दी गई पूरी जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

25 अप्रैल 2026 का पूरा पंचांग: तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल

25 अप्रैल 2026 को वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। यह तिथि शाम 6 बजकर 29 मिनट तक प्रभावी रहेगी। नवमी तिथि को हिंदू धर्म में माता सीता और भगवान राम की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आश्लेषा नक्षत्र इस दिन रात 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। आश्लेषा नक्षत्र सर्प देवता से जुड़ा होता है और इसमें भक्ति, संरक्षण और कुटुंब सुख की प्राप्ति होती है।

पूरे दिन रवि योग बना रहेगा जो सूर्य की ऊर्जा को और मजबूत बनाता है। रवि योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य तेजी से फल देता है। शनिवार का दिन होने के कारण भगवान शनिदेव की कृपा भी प्राप्त होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस तरह के संयोग में माता जानकी की जयंती मनाने से भक्तों को वैवाहिक सुख, संतान सुख और पारिवारिक समृद्धि मिलती है। इस दिन सूर्योदय सुबह 5:45 बजे और सूर्यास्त शाम 6:52 बजे होगा।

जानकी जयंती का धार्मिक महत्व: रामायण की महानायिका की जयंती कैसे मनाएं

जानकी जयंती यानी माता सीता की जन्म तिथि हिंदू धर्म में बेहद पवित्र दिन मानी जाती है। रामायण के अनुसार माता सीता का जन्म राजा जनक की राजधानी मिथिला में वैशाख शुक्ल नवमी को हुआ था। वे पृथ्वी से प्रकट हुई थीं और उन्हें भूमिजा भी कहा जाता है। माता सीता को धैर्य, पतिव्रता, त्याग और शक्ति की प्रतीक माना जाता है।

जानकी जयंती पर घर में राम-सीता की मूर्ति या चित्र स्थापित करके पूजा की जाती है। भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान कर माता सीता को फूल, फल, मिठाई और सफेद वस्त्र अर्पित करते हैं। सीता राम स्तोत्र, सीता अष्टक और हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु और कुटुंब सुख की कामना करती हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 25 अप्रैल 2026 को जानकी जयंती मनाने से कुंडली में मंगल और शुक्र ग्रह मजबूत होते हैं।

25 अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्त: इन समयों में करें पूजा-पाठ और शुभ कार्य

इस दिन कई महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जो पूजा, नए कार्य शुरू करने और मांगलिक आयोजनों के लिए आदर्श हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:44 बजे से 5:29 बजे तक। (जप, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए विशेष)।

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 1:02 बजे तक। (सबसे शुभ, नए काम शुरू करने के लिए)।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:44 बजे से 3:35 बजे तक। (विजय और सफलता के लिए)।

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:58 बजे से 7:20 बजे तक। (धार्मिक क्रियाओं के लिए शुभ)।

  • अमृत काल: शाम 6:29 बजे से 8:04 बजे तक। (दीर्घकालिक फल देने वाला समय)।

राहुकाल का समय: इन घंटों में सावधानी बरतें

राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। 25 अप्रैल 2026 को विभिन्न शहरों में राहुकाल का समय:

  • दिल्ली: सुबह 9:03 बजे से 10:41 बजे तक।

  • मुंबई: सुबह 9:26 बजे से 11:01 बजे तक।

  • लखनऊ: सुबह 8:49 बजे से 10:27 बजे तक।

  • कोलकाता: सुबह 8:22 बजे से 9:58 बजे तक।

  • अहमदाबाद: सुबह 9:24 बजे से 11:01 बजे तक।

  • चेन्नई: सुबह 8:59 बजे से 10:33 बजे तक।

  • चंडीगढ़: सुबह 9:03 बजे से 10:42 बजे तक।

  • भोपाल: सुबह 9:05 बजे से 10:42 बजे तक।

Panchang April 25 2026: जानकी जयंती पर पूजा विधि, उपाय और व्रत नियम

सुबह स्नान के बाद राम-सीता की मूर्ति को स्नान कराएं। उन्हें पीले या सफेद वस्त्र, फूल, फल, मिठाई और अगरबत्ती चढ़ाएं। सीता राम मंत्र का 108 बार जाप करें। व्रत रखने वाले भक्त फलाहार करें। शाम को आरती के बाद प्रसाद वितरित करें। विशेष उपाय के रूप में गरीबों को अन्नदान, ब्राह्मणों को दक्षिणा और पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना शुभ फल देता है।

इस पावन दिन क्या करें और क्या न करें: ज्योतिषीय सलाह

क्या करें: सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में पूजा शुरू करें। सात्विक भोजन लें। नए कपड़े पहनकर मंदिर जाएं और परिवार के साथ समय बिताएं। क्या न करें: मांसाहार, नशा और विवाद से पूरी तरह दूर रहें। राहुकाल के समय कोई नया काम न शुरू करें। ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश सलाह देते हैं कि इस दिन माता सीता के चरित्र को याद रखते हुए धैर्य और समर्पण का भाव रखें।

निष्कर्ष

25 अप्रैल 2026 का पंचांग जानकी जयंती के साथ नवमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र और रवि योग का दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है। शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाकर आप अपनी पूजा-पाठ को और अधिक फलदायी बना सकते हैं। माता जानकी की जयंती पर भक्ति भाव से पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहेगी।

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