Nanded Road Accident: तेज रफ्तार ट्रक ने Tata Magic को मारी टक्कर, 9 की मौत

नांदेड-भोकर हाईवे पर भीषण टक्कर, 3 लोग गंभीर रूप से घायल और अस्पताल में भर्ती

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Nanded Road Accident: महाराष्ट्र के नांदेड जिले से शुक्रवार को एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। नांदेड-भोकर राजमार्ग पर वाकड़ गांव के समीप सीताखंडी इलाके में एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक और खचाखच भरे टाटा मैजिक यात्री वाहन के बीच आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी प्रचंड थी कि छोटा यात्री वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

इस भयावह हादसे में 9 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नाजुक हालत में निकटवर्ती सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां वे जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

Nanded Road Accident: सीताखंडी मोड़ के पास आमने-सामने भिड़ंत

प्राथमिक जांच के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त ट्रक भोकर से नांदेड की ओर तीव्र गति से जा रहा था, जबकि यात्रियों से भरा टाटा मैजिक वाहन विपरीत दिशा से आ रहा था। जैसे ही दोनों वाहन वाकड़ गांव के पास सीताखंडी मोड़ पर पहुंचे, तेज गति के कारण वाहनों पर से नियंत्रण खो गया और दोनों में सीधी टक्कर हो गई।

टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के खेतों और बस्तियों में काम कर रहे लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हादसे के बाद टाटा मैजिक का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस गया, जिससे उसमें बैठे कई यात्री मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मिलकर कटर और अन्य उपकरणों की मदद से वाहन के लोहे के ढांचे को काटकर शवों और घायलों को बाहर निकाला।

12 लोग थे सवार: 9 ने तोड़ा दम, 3 की हालत नाजुक

शुरुआती पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, दुर्घटना के समय टाटा मैजिक यात्री वाहन में कुल 12 लोग सवार थे। टक्कर इतनी भयावह थी कि 9 यात्रियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में अधिकांश दैनिक कामकाजी, स्थानीय ग्रामीण और व्यापारी बताए जा रहे हैं जो अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे।

घायल हुए 3 यात्रियों को अत्यधिक रक्तस्राव और सिर व सीने में गंभीर चोटों के चलते तत्काल गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की एक विशेष टीम उनके उपचार में जुटी हुई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

तेज रफ्तार बनी काल: जांच में जुटी नांदेड पुलिस

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाईवे पर ट्रक की गति निर्धारित सीमा से अत्यधिक थी, जिसके चलते मोड़ पर अचानक सामने आए वाहन को देखकर ब्रेक लगाने का अवसर नहीं मिला। नांदेड ग्रामीण और भोकर थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पंचनामा तैयार कर लिया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दुर्घटना के समय चालक शराब या नशे के प्रभाव में था अथवा यांत्रिक विफलता (जैसे ब्रेक फेल होना) के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस टीम ने हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों और इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (iRAD) के माध्यम से दुर्घटना स्थल की जियो-टैगिंग और तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया है।

राजमार्ग पर लगा लंबा जाम, प्रशासन ने संभाली स्थिति

दुर्घटना के तुरंत बाद हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त ट्रक और यात्री वाहन को सड़क से हटाकर किनारे किया, जिसके बाद लगभग दो घंटे की मशक्कत के उपरांत आवागमन को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।

नांदेड जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। किसी भी आपातकालीन सूचना या सहायता के लिए नागरिक सड़क दुर्घटना हेल्पलाइन 1073 अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 02462-233577 पर संपर्क कर सकते हैं।

हाईवे सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग पर उठे गंभीर सवाल

नांदेड-भोकर मार्ग पर हुए इस भीषण हादसे ने एक बार फिर राज्य में राजमार्ग सुरक्षा, भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और ग्रामीण परिवहन में छोटे वाहनों की ओवरलोडिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग के तीखे मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और प्रभावी गति नियंत्रण कैमरों का अभाव लंबे समय से बना हुआ है, जिसके चलते पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।

यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हाईवे पर भारी ट्रकों की ओवरस्पीडिंग पर स्वचालित चालान प्रणाली के जरिए सख्ती नहीं बरती जाएगी और यात्री वाहनों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं कराया जाएगा, तब तक ऐसी दुखद जनहानि को रोकना संभव नहीं होगा।

Nanded Road Accident: निष्कर्ष

नांदेड-भोकर हाईवे पर हुआ यह भीषण सड़क हादसा अत्यंत पीड़ादायक है, जिसने कई परिवारों के चिराग एक झटके में बुझा दिए। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है और घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह त्रासदी सभी वाहन चालकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि राजमार्गों पर सफर करते समय गति सीमा का कठोरता से पालन करें और मोड़ व व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

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