Mini Thailand of India: भारत में मिनी थाईलैंड हिमाचल की जिभी गांव में विदेश जैसा नजारा, कम बजट में पूरा हो जाएगा सपना

हिमाचल का जिभी गांव बना मिनी थाईलैंड, जानें कैसे पहुंचें, खर्च कितना आएगा और घूमने की पूरी गाइड

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Mini Thailand of India: विदेश घूमने का सपना हर किसी के मन में होता है, लेकिन महंगे खर्च इसे चुनौती बना देते हैं। अगर आप भी थाईलैंड की हरी-भरी वादियों और स्वच्छ पानी की धाराओं का मजा लेना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बसा जिभी गांव ‘मिनी थाईलैंड’ के नाम से मशहूर है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और चट्टानों के बीच बहती नदी थाईलैंड के द्वीपों की याद दिलाती है।

जिभी को मिनी थाईलैंड क्यों कहें?

जिभी को ‘मिनी थाईलैंड’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां स्थित ‘कुल्ही कटांडी’ नामक जगह की भौगोलिक बनावट थाईलैंड के जंगलों और प्राकृतिक पूलों से काफी मिलती-जुलती है। तीर्थन घाटी में स्थित यह गांव दो विशाल चट्टानों के बीच से बहते नीले पानी और उन पर जमी हरी काई (मॉस) के कारण एक जादुई अहसास देता है। यहां का शांत वातावरण और घने देवदार के जंगल पर्यटकों को विदेश में होने का अनुभव कराते हैं।

प्रमुख पर्यटन स्थल कौन से हैं?

जिभी में घूमने के लिए कई शानदार जगहें हैं। गांव के पास ही स्थित ‘जिभी वॉटरफॉल’ सबसे लोकप्रिय है, जहां तक पहुंचने के लिए एक छोटा और खूबसूरत ट्रेक करना पड़ता है। इसके अलावा, 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित ‘जलोरी पास’ और वहां से ‘सरोलसर झील’ का ट्रेक प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। ऐतिहासिक अनुभव के लिए आप ‘चेनी कोठी’ के पारंपरिक लकड़ी के बने ऊंचे मंदिरों और घरों को देख सकते हैं।

जिभी गांव कैसे पहुंच सकते हैं?

जिभी पहुंचना काफी आसान और रोमांचक है। दिल्ली से सबसे अच्छा विकल्प सड़क मार्ग है; आप कुल्लू या मनाली जाने वाली बस लेकर ‘ऑट’ (Aut) उतर सकते हैं और वहां से लोकल बस या टैक्सी से जिभी पहुंच सकते हैं। यदि आप ट्रेन से आना चाहते हैं, तो चंडीगढ़ नजदीकी रेलवे स्टेशन है। हवाई यात्रा के लिए भुंतर (कुल्लू) एयरपोर्ट सबसे करीब है, जो जिभी से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

यात्रा का सही समय क्या है?

जिभी घूमने के लिए मार्च से जून तक का समय सबसे अनुकूल माना जाता है क्योंकि इस दौरान मौसम बेहद सुहावना रहता है। अगर आप हल्की ठंड और खिले हुए फूलों का आनंद लेना चाहते हैं, तो सितंबर से नवंबर के बीच भी यहां जा सकते हैं। सर्दियों (दिसंबर से फरवरी) में जिभी पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है, जो उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें बर्फबारी पसंद है।

अनुमानित बजट कितना होगा?

जिभी उन यात्रियों के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन है जो कम बजट में शानदार ट्रिप चाहते हैं। दिल्ली से 2-3 दिन की यात्रा का खर्च प्रति व्यक्ति लगभग 5,000 से 8,000 रुपये के बीच आता है। यहां रहने के लिए 1,000 से 2,500 रुपये में बेहतरीन होमस्टे और ट्रीहाउस मिल जाते हैं। स्थानीय कैफे में खाना भी काफी किफायती है, जहां आप 200-300 रुपये में शुद्ध पहाड़ी और ऑर्गेनिक भोजन का स्वाद ले सकते हैं।

वहां ठहरने की क्या व्यवस्था है?

जिभी में रहने के लिए लकड़ी के बने पारंपरिक होमस्टे, बैकपैकर्स हॉस्टल और लक्जरी रिसॉर्ट्स के कई विकल्प उपलब्ध हैं। कई होमस्टे नदी के किनारे बने हैं, जहां से सुबह उठते ही पहाड़ों और बहते पानी का सुंदर नजारा दिखता है। यहां की मेहमाननवाजी और पहाड़ी सादगी पर्यटकों का दिल जीत लेती है। एडवेंचर के शौकीनों के लिए नदी के किनारे कैंपिंग करने की सुविधा भी कई जगहों पर मिलती है।

सुरक्षा के लिए क्या सावधानी बरतें?

पहाड़ों की यात्रा करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं। ट्रेकिंग के लिए हमेशा मजबूत जूते और साथ में रेनकोट रखें क्योंकि पहाड़ों में मौसम कभी भी बदल सकता है। मोबाइल नेटवर्क कहीं-कहीं कमजोर हो सकता है, इसलिए ऑफलाइन मैप्स साथ रखना फायदेमंद रहता है। पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें और स्थानीय संस्कृति व परंपराओं का सम्मान करें। यात्रा से पहले मौसम का अपडेट जरूर चेक कर लें।

Mini Thailand of India: निष्कर्ष

जिभी एक ऐसी ऑफबीट जगह है जो शिमला और मनाली की भीड़ से दूर शांति की तलाश करने वालों के लिए एकदम सही है। कम खर्च में विदेश जैसा अनुभव और हिमालय की गोद में बसा यह छोटा सा गांव आपकी आत्मा को सुकून से भर देगा। चाहे आप अकेले सफर कर रहे हों या परिवार के साथ, जिभी की प्राकृतिक सुंदरता आपको बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देगी। तो देर किस बात की, अपनी अगली ट्रिप ‘मिनी थाईलैंड’ के लिए आज ही प्लान करें!

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