Meerut Blue Drum Murder Case: मुस्कान-साहिल को फांसी, सौरभ की मां ने दिया भावुक संदेश

सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा के बाद मां ने रिश्तों और इंसानियत पर कही बड़ी बात

0

Meerut Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में न्याय की अंतिम मुहर लग गई है। मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से दफनाने के जघन्य मामले में मेरठ की जिला अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी करार दी गई सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा से दंडित किया है। फैसले के बाद मृतक सौरभ के परिवार ने गहरी राहत व्यक्त की है। सौरभ की मां ने नम आंखों और रुंधे गले से समाज को झकझोरने वाला संदेश देते हुए कहा कि यदि वैवाहिक जीवन में अनबन हो या साथ न रहना हो तो शांति से अलग हो जाना चाहिए, लेकिन इस तरह किसी की बेरहमी से जान नहीं लेनी चाहिए।

Meerut Blue Drum Murder Case: अदालत के फैसले के बाद भावुक हुआ सौरभ का परिवार

फैसला आने के बाद सौरभ की बुजुर्ग मां ने अपने आंसुओं को रोकते हुए कहा कि जिस बेटे को उन्होंने बड़े लाड-प्यार से पाला और उसके सुनहरे भविष्य के सपने संजोए थे, उसकी यादें आज भी घर के हर कोने में बसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अब कभी लौटकर नहीं आएगा, लेकिन अदालत के इस फैसले से आत्मा को शांति जरूर मिली है।

सौरभ की मां ने युवाओं और विवाहित जोड़ों से अपील करते हुए कहा कि रिश्तों में कड़वाहट या मतभेद होना संभव है, लेकिन उसका समाधान किसी की जान लेना कभी नहीं हो सकता। किसी के परिवार से उसका चिराग छीन लेना ऐसा गहरा घाव है, जिसे दुनिया का कोई भी मुआवजा नहीं भर सकता। परिवार ने इस लंबी और कठिन कानूनी लड़ाई में निष्पक्ष पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों, गवाहों और मेरठ पुलिस प्रशासन का आभार जताया।

अदालत ने अपराध को माना ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’, महाभारत का दिया संदर्भ

मेरठ के जिला जज की अदालत ने साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को भारतीय न्याय संहिता के तहत सुनियोजित हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोपों में दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि जिस क्रूरता के साथ जीवित व्यक्ति को नशीला पदार्थ देकर काटा गया और सीमेंट में जमाया गया, वह मानवता के विरुद्ध एक अक्षम्य अपराध है।

फैसला सुनाते समय न्यायाधीश ने महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए न्याय और धर्म के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने टिप्पणी की कि जब अपराध की विभीषिका समाज की सामूहिक अंतरात्मा को हिला दे, तो समाज में कानून का इकबाल कायम रखने के लिए कठोरतम दंड देना ही धर्मसम्मत होता है। सुरक्षा कारणों के चलते दोनों दोषियों को जेल से सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जिला अदालत द्वारा दिए गए मृत्युदंड की तामील से पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा इसकी औपचारिक पुष्टि (Confirmation) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

क्या था मेरठ का सनसनीखेज नीला ड्रम हत्याकांड?

यह दिल दहला देने वाला मामला मार्च 2025 में उस समय उजागर हुआ था, जब मेरठ पुलिस ने लापता चल रहे सौरभ राजपूत की गुमशुदगी की पड़ताल शुरू की थी। जांच की कड़ियां जुड़ते ही पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो एक बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम से बदबू रोकने के लिए भरे गए ठोस सीमेंट के नीचे से सौरभ के क्षत-विक्षत अवशेष बरामद हुए थे।

पुलिस विवेचना में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सौरभ की गैर-मौजूदगी में मुस्कान और उसके पुराने परिचित साहिल शुक्ला के बीच अवैध संबंध बन गए थे। जब सौरभ विदेश से वापस लौटा, तो दोनों ने मिलकर उसके भोजन में नशीला पदार्थ मिलाया और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। शव की पहचान मिटाने और दुर्गंध छिपाने के लिए शरीर के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट डालकर उसे सील कर दिया गया था। इसके बाद दोनों आरोपी बिना किसी पश्चाताप के हिमाचल प्रदेश की सैर पर निकल गए थे।

13 महीने का सघन ट्रायल, 126 पेशियां और 22 गवाहों की गवाही

इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने अत्यधिक मुस्तैदी के साथ कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। लगभग 13 महीने तक चले इस अदालती ट्रायल के दौरान कुल 126 पेशियां हुईं और अभियोजन की ओर से 22 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। फोरेंसिक लैब की डीएनए रिपोर्ट, नीले ड्रम की बरामदगी और डिजिटल साक्ष्यों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध को अकाट्य रूप से साबित किया।

अदालत ने 30 सितंबर 2026 को ही दोनों को हत्या का दोषी ठहरा दिया था, जिसके बाद 14 अक्टूबर को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के उपरांत सजा-ए-मौत का फरमान जारी किया गया।

Meerut Blue Drum Murder Case: रिश्तों के अंत का रास्ता कानूनी अलगाव है, हिंसक अपराध नहीं

मेरठ के इस बहुचर्चित हत्याकांड का पटाक्षेप पूरे समाज के लिए एक गंभीर सबक छोड़ गया है। सौरभ की मां का बयान आधुनिक समाज में तेजी से बिखरते वैवाहिक और पारिवारिक रिश्तों की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जहां संवादहीनता और स्वार्थ अपराध की ओर धकेलते हैं।

यदि किसी रिश्ते में विश्वास खत्म हो जाए, तो कानूनी रूप से तलाक या अलगाव का रास्ता चुनना ही सभ्य समाज का नियम है। छल और विश्वासघात के सहारे किए गए अपराध का अंत केवल जेल की कालकोठरी और फांसी के फंदे तक ही पहुंचता है। अदालत का यह कड़ा फैसला उन तमाम अपराधियों के लिए एक सख्त नजीर है जो कानून से बचने का भ्रम पाले रहते हैं।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.