Mahua Moitra ने सत्ता परिवर्तन की मांग की, केंद्र सरकार पर तीखा हमला
Mahua Moitra ने सत्ता परिवर्तन की मांग की, केंद्र सरकार पर तीखा हमला
Mahua Moitra: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सत्ता परिवर्तन की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो सरकार अपने निहत्थे नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में लेती है और उन्हें जेल भेजने के लिए पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल करती है, उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हां हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।
महुआ मोइत्रा का पूरा बयान
महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि विपक्ष अब सत्ता परिवर्तन चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निहत्थे नागरिकों को तिरंगा फहराने के लिए हिरासत में ले रही है। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की आड़ में पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर लोगों को जेल भेजा जा रहा है। ऐसे में इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। उनका यह बयान राष्ट्रीय राजधानी में हुए प्रदर्शनों के बीच आया है। इन प्रदर्शनों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। विपक्षी दलों और सरकार के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है।
कपिल सिब्बल का पलटवार
महुआ मोइत्रा के बयान से पहले राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी सत्ता परिवर्तन पर केंद्र सरकार को घेरा था। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कांग्रेस और सहयोगी दलों पर बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने के आरोप पर सिब्बल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं बल्कि देश की जनता चाहती है। सिब्बल ने एक्स पर लिखा कि राजनाथ सिंह कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं जबकि वास्तव में जनता सत्ता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत के नारे के साथ हुए प्रदर्शनों ने मौजूदा सरकार को सत्ता तक पहुंचाया था।
राजनाथ सिंह के आरोप
राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी में कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं और अराजकता फैलाने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र किसी को भी अराजकता फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करने का अधिकार नहीं देता। उनके इस बयान के बाद विपक्ष की तरफ से प्रतिक्रियाएं आईं।
कपिल सिब्बल के आरोप और मांग
कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सरकार ने भ्रष्टाचार को गले लगाया, संस्थाओं पर कब्जा किया और मतदाता सूची में हेरफेर किया। उन्होंने कहा कि अब सरकार के जाने का समय आ गया है। सिब्बल का बयान महुआ मोइत्रा के बयान से पहले आया था। दोनों नेताओं ने सत्ता परिवर्तन की बात कही है। हालांकि दोनों के बयानों का संदर्भ थोड़ा अलग है। एक तरफ प्रदर्शनों में हुई कार्रवाई पर सवाल हैं तो दूसरी तरफ चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं को लेकर आरोप हैं।
नितिन नवीन का जवाब
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की यह टिप्पणी विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने के उसके कथित दुर्भावनापूर्ण एजेंडे को उजागर करती है। नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधारों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण या देश के युवाओं के भविष्य के लिए नहीं है। उनके मुताबिक विपक्ष अराजकता फैलाकर किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहता है।
भाजपा अध्यक्ष के दावे
नितिन नवीन ने दावा किया कि सत्ता परिवर्तन जैसे शब्दों के इस्तेमाल से विपक्ष का असली एजेंडा सामने आ गया है। उन्होंने इसे विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने का कथित प्रयास बताते हुए अर्बन नक्सल एजेंडे से जोड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनादेश से होकर गुजरता है, अराजकता से नहीं। देश की जनता और भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगी। उनका यह बयान विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों के जवाब में आया।
चर्चा का माहौल
महुआ मोइत्रा, कपिल सिब्बल और नितिन नवीन के बयानों से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ विपक्ष सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहा है तो दूसरी तरफ भाजपा इसे अराजकता और विदेशी साजिश से जोड़ रही है। राजनाथ सिंह के आरोपों पर सिब्बल ने जवाब दिया था। प्रदर्शनों में हुई हिरासत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ सामने आ रहे हैं। आगे की राजनीतिक हलचल पर नजर बनी हुई है।
महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए साफ कहा कि वे सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने निहत्थे नागरिकों की हिरासत और पुलिस मशीनरी के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। कपिल सिब्बल ने भी सरकार के जाने का समय आ गया है ऐसा कहा और जनता की इच्छा का जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर बांग्लादेश की तर्ज पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया था। नितिन नवीन ने विपक्ष के बयानों को विदेशी ताकतों से जोड़कर अस्थिरता का प्रयास बताया। चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच ये बयान आए हैं। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
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