Khunti Miyazaki Mango: झारखंड के आदिवासी बहुल जिले खूंटी से सफलता की एक ऐसी अनोखी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे देश के कृषि वैज्ञानिकों और किसानों को हैरान कर दिया है। आज यानी 26 मई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले मरचा मिशन गांव की एक प्रगतिशील आदिवासी महिला किसान सिलप्रिया टोपनो ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर जापान के मशहूर और दुनिया के सबसे महंगे आमों में शुमार ‘मियाजाकी आम’ (Miyazaki Mango) की सफल खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस खास आम की कीमत ₹1.5 लाख से लेकर ₹2 लाख प्रति किलो तक आंकी जाती है। सिलप्रिया के इस अनोखे बगीचे में विदेशी आमों के पेड़ों पर चमकीले लाल रंग के बड़े-बड़े फल लटकने शुरू हो गए हैं, जिसे देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से लोग उनके गांव पहुंच रहे हैं और यह बगीचा इस वक्त पूरे जिले में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सिलप्रिया ने पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने की चाह में चार साल पहले यह जोखिम उठाया था, जो अब पूरी तरह सफल साबित हो रहा है। आइए जानते हैं कि कैसे झारखंड की इस महिला किसान ने कोलकाता से ऑनलाइन पौधे मंगाकर इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया।
Khunti Miyazaki Mango: कोलकाता से ऑनलाइन मंगाए थे पौधे, 4 साल की कड़ी मेहनत का मिला फल
महिला किसान सिलप्रिया टोपनो ने बताया कि उन्हें हमेशा से बागवानी का शौक था और वे इंटरनेट पर नई-नई फसलों के बारे में पढ़ती रहती थीं। इसी दौरान उन्हें जापान के मियाजाकी और अमेरिका के रेड पाल्मर आम के बारे में पता चला। उन्होंने साल 2022 में कोलकाता की एक नर्सरी से ऑनलाइन माध्यम के जरिए इन विदेशी प्रजातियों के पौधे ऑर्डर करके मंगाए थे।
सिलप्रिया ने अपनी बारी (बगीचे) में मियाजाकी आम के 3 पौधे और अमेरिका के प्रसिद्ध ‘रेड पाल्मर’ आम के 7 पौधों के साथ-साथ कुछ अन्य उन्नत नस्ल के आम के पेड़ लगाए थे। लगातार 4 वर्षों तक दिन-रात कड़ा परिश्रम करने, जैविक खाद डालने और सही ढंग से देखभाल करने के बाद अब इन पेड़ों पर बंपर फल आए हैं। इन आमों का रंग गहरा लाल और आकार काफी बड़ा है, जिनमें से कई फलों का वजन तो 1 किलो से भी ज्यादा दर्ज किया गया है।
लाखों के आम की सुरक्षा का डर: रातभर जागकर करनी पड़ रही रखवाली
जैसे-जैसे सिलप्रिया के बगीचे में लगे इन कीमती और दुर्लभ आमों की चर्चा पूरे क्षेत्र में फैल रही है, वैसे-वैसे उनकी खुशी के साथ-साथ एक अनोखी चिंता भी बढ़ गई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये की कीमत रखने वाले इन आमों पर चोरों की नजर न पड़े, इसके लिए सिलप्रिया को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
आमों की चोरी होने के डर से महिला किसान अब रात-रात भर जागकर अपने पूरे बगीचे की खुद रखवाली कर रही हैं। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए उन्होंने पेड़ों के चारों तरफ मजबूत बांस और कटीले तारों की घेराबंदी (Fencing) भी कर दी है। गांव के लोग भी इस बात से हैरान हैं कि उनके छोटे से इलाके में दुनिया का सबसे महंगा फल पेड़ पर लटक रहा है।
पिछले साल ₹1000 किलो बिका था आम, सही बाजार न मिलने से परेशानी
अपनी इस अनोखी फसल के विपणन (Marketing) के अनुभवों को साझा करते हुए सिलप्रिया टोपनो ने बताया कि पिछले वर्ष उनके पेड़ों पर पहली बार कुछ फल आए थे। उन आमों को लेकर जब वह रांची गई थीं, तो वहां के शौकीन ग्राहकों ने इसे ₹1000 प्रति किलो की ऊंची दर पर हाथों-हाथ खरीद लिया था। इस बार फसल पिछले साल के मुकाबले काफी अच्छी और भारी मात्रा में हुई है।
सिलप्रिया का कहना है कि उनके ग्रामीण क्षेत्र में इतने महंगे और प्रीमियम आम को खरीदने वाले स्थानीय ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने सरकार और राज्य के उद्यानिकी विभाग (Horticulture Department) से अपील की है कि यदि उन्हें उचित मार्केटिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट (निर्यात) की सरकारी व्यवस्था मिल जाए, तो खूंटी और तोरपा के अन्य आदिवासी किसान भी पारंपरिक खेती छोड़कर इस विदेशी आम की कमर्शियल खेती से बंपर मुनाफा कमा सकते हैं।
Khunti Miyazaki Mango: स्वाद ही नहीं, पोषक तत्वों का खजाना है मियाजाकी आम: डॉक्टरों की राय
जापान का यह मियाजाकी आम सिर्फ अपनी बेहिसाब कीमत और रंग-रूप के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि सेहत के लिहाज से भी इसे एक सुपरफूड माना जाता है। खूंटी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद किशोर उरांव ने इस आम के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बेहद महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां साझा की हैं।
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भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स: मियाजाकी आम में एंथोसायनिन और बीटा-कैरोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मददगार है।
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विटामिन्स का पावरहाउस: इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड और पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कई गुना बढ़ा देता है।
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त्वचा और आंखों के लिए वरदान: डॉ. उरांव के अनुसार, यह आम त्वचा को चमकदार बनाए रखने, आंखों की रोशनी तेज करने, पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और दिल को स्वस्थ रखने में बेहद सहायक साबित होता है।
Khunti Miyazaki Mango: इलाके के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनीं सिलप्रिया
मरचा मिशन गांव की सिलप्रिया टोपनो आज खूंटी ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के किसान समाज के लिए एक रोल मॉडल और प्रेरणा बनकर उभरी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सही तकनीक, अटूट हौसला और मेहनत हो, तो झारखंड की लाल मिट्टी में भी जापान और अमेरिका के सबसे महंगे फल उगाए जा सकते हैं। उनके इस सफल प्रयोग ने क्षेत्र के अन्य छोटे और सीमांत किसानों के लिए आधुनिक, कैश-क्रॉप और अत्यधिक लाभकारी खेती के नए द्वार खोल दिए हैं।
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