NEET Preparation Tips: NEET Re-Exam 2026 को लेकर AIR-1 तन्मय गुप्ता की बड़ी सलाह: आखिरी 25 दिनों में 8-10 घंटे की स्मार्ट पढ़ाई, मॉक टेस्ट और रिवीजन से बढ़ सकती है सफलता की संभावना

तन्मय गुप्ता ने आखिरी दिनों की तैयारी और समय प्रबंधन के अहम टिप्स दिए

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NEET Preparation Tips: नीट यूजी 2026 का पेपर लीक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एनटीए (NTA) ने परीक्षा रद्द कर 21 जून को री-एग्जाम का ऐलान किया है। करीब 22 लाख छात्र-छात्राएं दोबारा तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में देश के टॉपर डॉक्टर तन्मय गुप्ता (NEET AIR-1) ने उन सभी छात्रों के लिए खास सलाह दी है जो इस बार भी डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना चाहते हैं।

तन्मय का कहना है कि इस वक्त घबराहट और स्ट्रेस सबसे बड़ा दुश्मन है। उन्होंने खुद 2021 में इसी तरह की स्थिति का सामना किया था। अब वे छात्रों को अपनी सफलता का सीक्रेट शेयर कर रहे हैं।

लीक विवाद को भूलकर तैयारी पर फोकस करें

तन्मय गुप्ता कहते हैं कि जब वे तैयारी कर रहे थे, तब भी पेपर लीक की अफवाहें तेज थीं। इससे उनका मनोबल काफी गिरा था, लेकिन उन्होंने खुद को समझाया कि जो मेहनत कर रहा है, उसे अंत में फल जरूर मिलेगा। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि अब न्यूज, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर लीक से जुड़े वीडियो देखना पूरी तरह बंद कर दें।

जितना ज्यादा इस मुद्दे पर समय बर्बाद करेंगे, उतना ही डिप्रेशन बढ़ेगा। उनके अनुसार, अब आपके पास 25-26 दिन से भी कम समय बचा है और इस समय को बेस्ट तरीके से इस्तेमाल करना है।

पिछले साल के पेपर से शुरू करें प्रैक्टिस

तन्मय की सबसे महत्वपूर्ण सलाह है कि आखिरी दिनों में नए टॉपिक्स बिल्कुल न छुएं। जो सिलेबस आपने पहले पढ़ रखा है, उसी पर मजबूती से काम करें। उन्होंने बताया कि पिछले 10 साल के NEET पेपर सॉल्व करें और उनमें आने वाले पैटर्न को समझें।

जिन टॉपिक्स में आप कमजोर महसूस करते हैं, उनकी अलग लिस्ट बनाएं और रोजाना उन पर समय दें। जो टॉपिक्स पहले से मजबूत हैं, उन्हें सिर्फ कूटनीतिक रिवीजन के लिए रखें Lights Max।

रोज मॉक टेस्ट देना जरूरी, लेकिन थकान भी ध्यान रखें

तन्मय गुप्ता ने खुलासा किया कि वे खुद रोजाना 8 से 10 घंटे ही पढ़ पाते थे। इससे ज्यादा पढ़ने की कोशिश करने पर उनका दिमाग थक जाता था। वे कहते हैं कि अपना मैक्सिमम दो, लेकिन जबरदस्ती मत करो।

जब उन्हें लगता कि पढ़ाई नहीं हो रही है, तो वे तुरंत मॉक टेस्ट दे देते थे। इससे उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता था और समय प्रबंधन का भी अभ्यास होता था। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को हर दिन या कम से कम हर दूसरे दिन फुल लेंथ मॉक टेस्ट देना चाहिए और उसके बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण जरूर करना चाहिए।

एग्जाम हॉल में समय प्रबंधन का सीक्रेट

तन्मय ने अपने एग्जाम पैटर्न को भी शेयर किया। वे बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स के क्रम में पेपर हल करते थे। वे बायोलॉजी को लगभग 50 मिनट, केमिस्ट्री को 30-35 मिनट और फिजिक्स को 1 घंटा 20 मिनट का समय देते थे।

उनका कहना है कि बायोलॉजी को जल्दी निपटाएं क्योंकि इसमें ज्यादा समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। फिजिक्स और केमिस्ट्री के लिए हमेशा पर्याप्त समय बचाकर रखें।

कोविड काल की तैयारी का कूटनीतिक अनुभव

तन्मय ने 2021 में कोविड महामारी के दौरान परीक्षा दी थी। उस समय गर्मी, मास्क और एग्जाम सेंटर का माहौल काफी चुनौतीपूर्ण था, जिसके लिए उन्होंने घर पर ही इस स्थिति का अभ्यास किया था। वे अपने कमरे का एसी बंद कर देते थे और मास्क लगाकर मॉक टेस्ट देते थे, जिससे असली एग्जाम वाले दिन उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई।

उन्होंने वर्तमान छात्रों को भी यही सलाह दी है कि घर की आरामदायक आदतों से बाहर निकलें। कभी-कभी बिना एसी के, सामान्य कुर्सी पर बैठकर मॉक दें ताकि एग्जाम हॉल में असहजता न हो।

तन्मय गुप्ता का मोटिवेशनल मैसेज

तन्मय कहते हैं कि नीट सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि धैर्य और निरंतरता की परीक्षा है। कई छात्र इस बार हार मानने के बारे में सोच रहे होंगे, लेकिन वे बताते हैं कि दूसरी कोशिश अक्सर पहली से बेहतर होती है। उनके अनुसार, जो छात्र इस मुश्किल समय में भी लगातार मेहनत करेंगे, वे न सिर्फ अच्छा स्कोर करेंगे बल्कि जीवन में भी मजबूत बनेंगे।

छात्रों के लिए कुछ अतिरिक्त जरूरी टिप्स

सफलता के लिए रोजाना कम से कम 6-7 घंटे सोएं क्योंकि नींद की कमी से याददाश्त प्रभावित होती है। हमेशा हेल्दी खाना खाएं और ज्यादा जंक फूड से बचें। परिवार और दोस्तों से सकारात्मक बातें करें तथा किसी भी प्रकार की नेगेटिव चर्चा से दूर रहें।

पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लें। लगातार 3-4 घंटे पढ़ने से बेहतर है कि 50-60 मिनट पढ़ाई के बाद 10 मिनट का ब्रेक लें। अपनी प्रोग्रेस को ट्रैक करें और हर हफ्ते मॉक टेस्ट के स्कोर को नोट करते रहें।

अंतिम चरण की कूटनीतिक रणनीति

अब सिर्फ रिवीजन, मॉक टेस्ट और कमजोर टॉपिक्स पर फोकस करने का समय है। तन्मय गुप्ता का मानना है कि क्वालिटी पढ़ाई मात्रा से ज्यादा मायने रखती है। जो छात्र इस बार भी घबराए हुए हैं, उन्हें तन्मय का यह वाक्य याद रखना चाहिए कि स्ट्रेस लो मत, बस अपना बेस्ट दो। बाकी सब सही हो जाएगा।

निष्कर्ष

21 जून 2026 को होने वाले NEET Re-Exam में सभी छात्रों को शुभकामनाएं। तन्मय गुप्ता जैसे टॉपर्स कूटनीतिक रूप से यह साबित करते हैं कि सही रणनीति, लगन और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।

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