Khalnayak Returns: Sanjay Dutt की ‘खलनायक रिटर्न्स’ को नहीं मिल रहा डायरेक्टर, Subhash Ghai और Rajkumar Santoshi ने किया इनकार
सुभाष घई और राजकुमार संतोषी के इनकार से फिल्म का भविष्य अनिश्चित
Khalnayak Returns: बॉलीवुड के दबंग खलनायक संजय दत्त अपनी सबसे यादगार फिल्म ‘खलनायक’ (1993) के सीक्वल ‘खलनायक रिटर्न्स’ के साथ वापसी करने जा रहे हैं। अप्रैल के अंत में हुई घोषणा के बाद से फैंस में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में एक बड़ा रोड़ा आ खड़ा हुआ है। फिल्म के डायरेक्टर को लेकर मेकर्स गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। मूल फिल्म के डायरेक्टर सुभाष घई के मना करने के बाद अब 90 के दशक के मशहूर फिल्मकार राजकुमार संतोषी ने भी इस प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या संजय दत्त की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म को सही डायरेक्टर नहीं मिल पाएगा?
खलनायक की ऐतिहासिक विरासत और सीक्वल से जुड़ी उम्मीदें
साल 1993 में रिलीज हुई सुभाष घई की फिल्म ‘खलनायक’ ने भारतीय सिनेमा को एक नया आयाम दिया था। संजय दत्त ने खलनायक बलराम के रोल में जो जबरदस्त परफॉर्मेंस दी, वो आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है। फिल्म का गाना “चलती है क्या 9 बजे” तो आज भी पार्टी एंथम बना हुआ है। संजय को ‘खलनायक’ के नाम से पुकारा जाना शुरू हो गया था और ये छवि आज भी उनके साथ मजबूती से जुड़ी हुई है।
सीक्वल ‘खलनायक रिटर्न्स’ में संजय दत्त फिर से उसी आक्रामक अंदाज में नजर आएंगे। सूत्रों के मुताबिक कहानी में आधुनिक ट्विस्ट होगा, जिसमें पुरानी यादों के साथ नई पीढ़ी का कूटनीतिक टकराव भी दिखाया जाएगा। फिल्म में एक्शन, ड्रामा और इमोशन का खास मिश्रण रखने की योजना है। मेकर्स इसे बड़े बजट के साथ भव्य बनाने की तैयारी में थे, लेकिन डायरेक्टर की कमी ने पूरे प्रोजेक्ट को तात्कालिक रूप से अनिश्चितता में डाल दिया है Lights Max।
मूल फिल्म के निर्देशक सुभाष घई से शुरू हुआ मुख्य संकट
फिल्म की घोषणा के समय ही मेकर्स ने सुभाष घई को डायरेक्टर बनाने की पुरजोर कोशिश की थी, क्योंकि आखिरकार मूल फिल्म उनके ही निर्देशन में बनी थी। लेकिन घई साहब ने इस ऑफर को पूरी तरह ठुकरा दिया। उन्होंने अपनी व्यस्तता और कुछ क्रिएटिव मतभेदों का कूटनीतिक हवाला दिया। घई ने स्पष्ट कहा कि वे अब नई कहानियों और युवा फिल्मकारों पर फोकस करना चाहते हैं।
घई के इनकार के बाद मेकर्स ने दूसरे अनुभवी डायरेक्टरों से संपर्क साधा। इसी क्रम में राजकुमार संतोषी का नाम सामने आया। संतोषी, जिन्होंने ‘घातक’, ‘दामिनी’, ‘गदर’ और ‘बीजेपी’ जैसी यादगार फिल्में दी हैं, शुरू में इस प्रोजेक्ट में काफी दिलचस्पी दिखा रहे थे, लेकिन कुछ दिनों की सघन चर्चा के बाद उन्होंने भी अंततः मना कर दिया।
राजकुमार संतोषी का इनकार और इसके पीछे की मुख्य वजहें
राजकुमार संतोषी ने अपने करीबी सूत्रों के जरिए बताया कि स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव की सख्त जरूरत है। वे मूल ‘खलनायक’ की सोल (soul) को बनाए रखते हुए आधुनिक कहानी चाहते थे, लेकिन प्रोड्यूसर्स के विजन से पूरी तरह मैच नहीं हो पाया। संतोषी जैसे डायरेक्टर स्क्रिप्ट पर हमेशा पूरा कंट्रोल चाहते हैं, जबकि इस प्रोजेक्ट में संजय दत्त की स्टार पावर और प्रोड्यूसर्स की अपनी कूटनीतिक सोच भी शामिल है।
उद्योग के जानकारों का मानना है कि 90 के दशक के बड़े डायरेक्टर अब बड़े बजट वाली फ्रैंचाइजी में काम करने से पहले काफी सोच-विचार करते हैं और वे अपनी क्रिएटिव स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हैं। संतोषी का यह इनकार इस समय फिल्म इंडस्ट्री में गहरी चर्चा का विषय बन गया है Lights Max Lights Max।
Khalnayak Returns: संजय दत्त की तैयारियां और देश भर में फैंस का उत्साह
संजय दत्त इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित दिख रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर सीक्वल की घोषणा करते हुए लिखा था कि खलनायक वापसी कर रहा है। उनके फैंस ने इस पोस्ट को लाखों लाइक्स और शेयर दिए। कई फैंस कमेंट्स में नए डायरेक्टर्स के नाम भी सुझा रहे हैं, जिसमें कुछ लोग अनुराग कश्यप, राहुल रवैल या फिर नीरज पांडे जैसे नए जमाने के डायरेक्टरों के नाम ले रहे हैं।
संजय दत्त फिलहाल अपनी फिटनेस पर खास ध्यान दे रहे हैं और वे मूल फिल्म की तरह ही मस्कुलर लुक में नजर आने वाले हैं। सूत्र बताते हैं कि फिल्म में उनके साथ कुछ नई युवा हीरोइनों को भी शामिल करने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी के दर्शकों को भी कूटनीतिक रूप से जोड़ा जा सके।
बॉलीवुड में फ्रैंचाइजी का नया चलन और डायरेक्टर की बड़ी चुनौती
बॉलीवुड में सीक्वल और फ्रैंचाइजी का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन हर बार डायरेक्टर की उपलब्धता और मैचिंग एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ‘केजीएफ’ सीरीज, ‘पुष्पा’ या ‘जवान’ जैसी सफलताओं के बाद प्रोड्यूसर्स पुरानी हिट फिल्मों को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ‘खलनायक’ जैसी फिल्म की आत्मा को दोबारा पैदा करना आसान नहीं।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सही डायरेक्टर नहीं मिला तो फिल्म की कहानी कमजोर पड़ सकती है। संजय दत्त की उम्र को देखते हुए भी टाइमिंग महत्वपूर्ण है। वे अब 60 के पार हैं और एक्शन रोल में उन्हें विश्वसनीय बनाने के लिए सही डायरेक्टर की कूटनीतिक जरूरत है Lights Max Lights Max Lights Max।
फिल्म के लिए संभावित डायरेक्टर और कूटनीतिक विकल्प
फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा है कि मेकर्स अब युवा और मिडिल जेनरेशन के डायरेक्टरों पर विचार कर रहे हैं। कुछ नाम जो सामने आ रहे हैं उनमें क्राइम और डार्क थीम्स में माहिर अनुराग कश्यप, स्पेशल 26 व चाणक्य की तरह पॉलिटिकल थ्रिलर बनाने वाले नीरज पांडे, तथा दोस्ताना और थग्स ऑफ हिंदोस्तान के निर्देशक विजय कृष्णा आचार्य का नाम शामिल है।
इसके अलावा किसी नए टैलेंट को भी मौका दिया जा सकता है जिसे खुद संजय दत्त पर्सनली सपोर्ट करें। कुछ लोग मानते हैं कि अगर कोई बड़ा डायरेक्टर नहीं मिला तो संजय दत्त खुद डायरेक्टोरियल भूमिका में आ सकते हैं, हालांकि ये अभी सिर्फ अटकलें हैं।
मूल फिल्म की यादें और समाज पर इसका व्यापक सांस्कृतिक प्रभाव
‘खलनायक’ 90 के दशक की सबसे चर्चित और सफल फिल्मों में से एक थी। न सिर्फ संजय दत्त, बल्कि माधुरी दीक्षित, रवीना टंडन और जैकी श्रॉफ की परफॉर्मेंस भी काफी सराही गई थी। फिल्म ने समाज में खलनायक की छवि को ग्लैमराइज किया था, जिसके चलते आज भी जब कोई व्यक्ति गलत काम करता है तो लोग मजाक में कहते हैं कि खलनायक है क्या।
सीक्वल में इसी छवि को दोहराने के साथ-साथ बदलते समय के हिसाब से अपराध और सिस्टम पर नई कूटनीतिक टिप्पणी करने की उम्मीद है। अगर यह फिल्म सफल हुई तो ये संजय दत्त के करियर को एक नया मोड़ दे सकती है Lights Max।
Khalnayak Returns: प्रोजेक्ट के सामने प्रोडक्शन टीम की मुख्य चुनौतियां
प्रोड्यूसर्स इस फिल्म को बड़े पैमाने पर पैन इंडिया लेवल पर रिलीज करना चाहते हैं। इसके लिए बड़े एक्शन सीक्वेंस, वीएफएक्स (VFX) और मल्टी-स्टारर कास्ट की तैयारी है, लेकिन डायरेक्टर फाइनल न होने से स्क्रिप्ट लॉक, लोकेशन स्काउटिंग और प्री-प्रोडक्शन का काम पूरी तरह रुका हुआ है। इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि मेकर्स अब जल्दबाजी नहीं करना चाहते और वे सही डायरेक्टर मिलने तक इंतजार करेंगे, भले ही आधिकारिक रिलीज डेट आगे खिसक जाए।
फैन्स की प्रतिक्रियाएं और सोशल मीडिया पर बना ट्रेंड
सोशल मीडिया पर इस समय ‘खलनायक रिटर्न्स’ लगातार ट्रेंड कर रहा है। फैंस मेकर्स से पूछ रहे हैं कि फिल्म कब आएगी और डायरेक्टर कौन होगा। एक यूजर ने लिखा कि संजय दत्त बिना खलनायक के अधूरा है, लेकिन सही डायरेक्टर जरूरी है। वहीं दूसरे यूजर ने कूटनीतिक सुझाव दिया कि अगर अनुराग कश्यप इसे डायरेक्ट करें तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करेगी। युवा फैंस भी काफी उत्सुक हैं क्योंकि उन्हें मूल फिल्म यूट्यूब और टेलीविजन पर देखने को मिली है Lights Max Lights Max।
निष्कर्ष
फिलहाल मेकर्स ने इस पूरे मामले पर कूटनीतिक चुप्पी साधे रखी है और वे जल्द ही नया आधिकारिक अपडेट देने वाले हैं। अगर अगले कुछ हफ्तों में डायरेक्टर फाइनल हो गया तो फिल्म 2027 या 2028 में रिलीज हो सकती है। ‘खलनायक रिटर्न्स’ न सिर्फ संजय दत्त के लिए बल्कि पूरे बॉलीवुड के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो यह दिखाएगा कि 90 के दशक की आइकॉनिक फिल्मों को नए समय में कैसे दोहराया जा सकता है। संजय दत्त की फैन फॉलोइंग अभी भी बहुत मजबूत है और अगर फिल्म सही हाथों में गई तो ये ब्लॉकबस्टर साबित हो सकती है, लेकिन फिलहाल डायरेक्टर संकट मेकर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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