Kaziranga National Park Reopen 2026: जंगल सफारी के लिए खुला काजीरंगा

कोहोरा और बागोरी रेंज में जीप सफारी शुरू, एलीफेंट सफारी के लिए नवंबर तक इंतजार

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Kaziranga National Park Reopen 2026: असम का विश्वप्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान नए पर्यटन सत्र 2026-27 के लिए पर्यटकों के वास्ते पुनः खोल दिया गया है। ब्रह्मपुत्र नदी के बेसिन में बसे इस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल को हर वर्ष की तरह मानसूनी बाढ़ और वन्यजीवों की सुरक्षा के चलते कुछ महीनों के लिए बंद रखा गया था। 3 अक्टूबर से शुरू हुए इस नए पर्यटन सत्र में सैलानियों के लिए रोमांचक जीप सफारी औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। हालांकि, दलदली घास के मैदानों में होने वाली प्रसिद्ध एलीफेंट सफारी के लिए वन्यजीव प्रेमियों को अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।

Kaziranga National Park Reopen 2026: कोहोरा और बागोरी रेंज में जीप सफारी शुरू, तय हुए दो टाइम स्लॉट

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने पहले चरण में पार्क के दो सबसे प्रमुख और पसंदीदा क्षेत्रों में जीप सफारी की अनुमति दी है। इनमें सेंट्रल रेंज कोहोरा शामिल है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य केंद्र माना जाता है और जहां हरियाली, जल निकाय तथा हिरणों के बड़े झुंड आसानी से देखे जा सकते हैं। दूसरा क्षेत्र वेस्टर्न रेंज बागोरी है, जो एक सींग वाले गैंडों और दलदली हिरणों के दीदार के लिए सबसे प्रसिद्ध माना जाता है।
शुरुआती चरण में केवल इन्हीं दो रेंजों के चयनित मार्गों पर वाहनों को जाने की अनुमति दी गई है, जबकि बुरहापहाड़ और अगरातली जैसे अन्य रेंजों को सड़कों की मरम्मत पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। सफारी के लिए प्रतिदिन दो मुख्य समय स्लॉट निर्धारित किए गए हैं, जिसमें सुबह का स्लॉट 7:30 बजे से 10:00 बजे तक और दोपहर का स्लॉट 1:30 बजे से 3:00 बजे तक रखा गया है। वन विभाग के कड़े नियमों के अनुसार, निर्धारित समय सीमा समाप्त होते ही सभी वाहनों को पार्क की सीमाओं से बाहर निकलना अनिवार्य है।

एलीफेंट सफारी के लिए कब तक करना होगा इंतजार?

हाथी की पीठ पर बैठकर घने कांसा और हाथी घास के बीच वन्यजीवों को निहारने वाली एलीफेंट सफारी काजीरंगा का सबसे बड़ा आकर्षण मानी जाती है। हालांकि, अक्टूबर माह में पार्क के मैदानी हिस्सों में मानसूनी नमी और कीचड़ बना रहने के कारण हाथियों के ट्रैक्स पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए हैं।
वन अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर में हाथी सफारी पर पूरी तरह रोक रहेगी और इसके नवंबर के प्रथम सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है। आवश्यक सुरक्षा जांच और विभागीय तैयारियों के आधार पर इसे 10 से 20 दिनों के भीतर शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए जो यात्री विशेष रूप से हाथी सफारी का आनंद लेना चाहते हैं, उन्हें आधिकारिक पोर्टल पर स्लॉट की उपलब्धता जांचने के बाद ही अपनी यात्रा तिथियां तय करनी चाहिए।

एक सींग वाले गैंडे से लेकर बिग फाइव का सुरक्षित बसेरा

काजीरंगा नेशनल पार्क अपनी समृद्ध जैव विविधता और विशेष रूप से भारतीय एक सींग वाले गैंडे की दुनिया की सबसे बड़ी आबादी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है।
गैंडों के अलावा यह राष्ट्रीय उद्यान बिग फाइव के अन्य चार सदस्यों—रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई जंगली हाथी, दलदली हिरण और जंगली पानी की भैंस—का भी प्रमुख पर्यावास है। यहां के आर्द्रभूमि क्षेत्र शीतकालीन प्रवासी पक्षियों, पेलिकन और गिद्धों की दुर्लभ प्रजातियों के लिए भी स्वर्ग माने जाते हैं।

काजीरंगा नेशनल पार्क कैसे पहुंचें? रोड, ट्रेन और फ्लाइट रूट

काजीरंगा का मुख्य प्रवेश केंद्र कोहोरा है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग 37 (NH-37) पर स्थित है और देश के प्रमुख शहरों से सुव्यवस्थित रूप से जुड़ा है। हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए सबसे नजदीकी घरेलू हवाई अड्डा जोरहाट है, जो काजीरंगा से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। प्रमुख उड़ानों के लिए गुवाहाटी का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मुख्य विकल्प है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा कोहोरा पहुंचने में लगभग 4 से 5 घंटे का समय लगता है।
रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन जाखलाबंधा और जोरहाट हैं, हालांकि देश के अन्य हिस्सों से लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए गुवाहाटी रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक विकल्प है। इसके अतिरिक्त गुवाहाटी, जोरहाट, तेजपुर और नगांव से नियमित अंतराल पर असम राज्य परिवहन की बसें, वोल्वो और टैक्सियां कोहोरा तक आसानी से उपलब्ध रहती हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और ईको-टूरिज्म को मिलेगा बड़ा संबल

पार्क के फिर से खुलने से असम के स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसायी, होमस्टे संचालक, जीप सफारी चालक और स्थानीय गाइड राहत की सांस ले रहे हैं। मानसून के दौरान बंद रहने के कारण पर्यटन कारोबार पूरी तरह ठप रहता है। असम सरकार बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और काजीरंगा के आसपास ईको-टूरिज्म को नई पहचान देने के लिए निरंतर कदम उठा रही है, जिससे इस सत्र में रिकॉर्ड संख्या में घरेलू और विदेशी सैलानियों के आने की उम्मीद जताई जा रही है।

Kaziranga National Park Reopen 2026: सैलानियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

काजीरंगा भ्रमण की योजना बनाते समय कुछ आवश्यक औपचारिकताओं का पालन करना जरूरी है। सफारी की बुकिंग केवल असम वन विभाग और आधिकारिक पर्यटन वेबसाइटों के जरिए ही कराएं ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
सफारी के दौरान वन्यजीवों के करीब जाने, प्लास्टिक कचरा फेंकने, तेज आवाज वाले उपकरण बजाने और जीप से नीचे उतरने पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। सप्ताहांत और आगामी त्योहारी सीजन के दौरान पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए होटल व सफारी स्लॉट की अग्रिम बुकिंग कराकर यात्रा शुरू करना सबसे सुरक्षित रणनीति होगी।

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