Kamaraj Breakfast Scheme: तमिलनाडु में कामराज ब्रेकफास्ट योजना का विस्तार, अब 8वीं तक के बच्चों को भी मिलेगा उपमा-खिचड़ी वाला नाश्ता
Kamaraj Breakfast Scheme: तमिलनाडु में कामराज ब्रेकफास्ट योजना का विस्तार, अब 8वीं तक के बच्चों को भी मिलेगा उपमा-खिचड़ी वाला नाश्ता
Kamaraj Breakfast Scheme: तमिलनाडु सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए चलाई जा रही अपनी लोकप्रिय ब्रेकफास्ट योजना को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब तक यह सुविधा राज्य के सरकारी स्कूलों में केवल पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को ही मिलती थी, लेकिन मुख्यमंत्री थलपति सी. जोसेफ विजय ने इस योजना का दायरा बढ़ाकर छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों तक कर दिया है। यह विस्तारित योजना 22 सितंबर से लागू होने जा रही है, जब मुख्यमंत्री लंदन दौरे से लौटने के बाद इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को स्कूल में पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि इस योजना को शुरू में समाज सुधारक पेरियार की जयंती के मौके पर गुरुवार को लॉन्च किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के चलते इसे टाल दिया गया।
Kamaraj Breakfast Scheme: क्या है यह ब्रेकफास्ट योजना
तमिलनाडु सरकार की इस पहल को पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना के नाम से जाना जाता है, जो राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल के समय के दौरान ही निशुल्क नाश्ता उपलब्ध कराया जाता है, ताकि पढ़ाई शुरू होने से पहले उनका पेट भरा रहे और उनकी एकाग्रता प्रभावित न हो। यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के बच्चों के लिए राहत भरी मानी जाती है, जहां सुबह के समय बच्चों को पर्याप्त पोषण मिल पाना मुश्किल होता है।
22 सितंबर से होगा विस्तारित योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री थलपति विजय 22 सितंबर को इस विस्तारित योजना का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वह लंदन के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वे तमिलनाडु में नए निवेश को आकर्षित करने के मकसद से विभिन्न बैठकें कर रहे हैं। दौरे से लौटने के तुरंत बाद वे इस योजना को धरातल पर उतारेंगे, जिसके बाद राज्य के लाखों छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
शुरुआत में क्यों टली थी योजना
गौरतलब है कि इस विस्तारित योजना को पहले गुरुवार के दिन ही लॉन्च किया जाना तय था, क्योंकि यह दिन समाज सुधारक पेरियार की जयंती के रूप में मनाया जाता है। तमिलनाडु की राजनीति और सामाजिक न्याय आंदोलन में पेरियार का विशेष महत्व रहा है, इसलिए इस तारीख को प्रतीकात्मक रूप से चुना गया था। हालांकि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के कार्यक्रम के चलते लॉन्च की तारीख को आगे बढ़ाकर 22 सितंबर कर दिया गया।
किन जिलों में अभी नहीं लागू होगी योजना
यह योजना भले ही पूरे तमिलनाडु में लागू की जाएगी, लेकिन दो जिलों में फिलहाल इसे टाल दिया गया है। चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में विधानसभा उपचुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसकी वजह से इन दोनों जिलों में योजना का विस्तार अभी शुरू नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार आचार संहिता के दौरान किसी भी नई सरकारी योजना की शुरुआत पर रोक रहती है, इसलिए इन जिलों के छात्रों को कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है।
पहले सिर्फ पांचवीं तक मिलती थी सुविधा
अब तक तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में यह ब्रेकफास्ट सुविधा सिर्फ नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए ही उपलब्ध थी। छोटे बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए यह योजना पहले शुरू की गई थी, जिसे अब बड़ी कक्षाओं तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों को भी नियमित और पौष्टिक नाश्ता मिलने से उनकी सेहत और पढ़ाई में एकाग्रता, दोनों में सुधार आएगा।
Kamaraj Breakfast Scheme: नाश्ते के मेन्यू में रखा गया पोषण और स्वाद का ध्यान
इस योजना के मेन्यू को तैयार करते समय बच्चों के पोषण और स्वाद, दोनों पहलुओं का ख्याल रखा गया है। बच्चों को उपमा, खिचड़ी और मीठे पकवान जैसे व्यंजन परोसे जाएंगे, जो न सिर्फ स्वादिष्ट हैं बल्कि पोषण के लिहाज से भी संतुलित माने जाते हैं। इस तरह के मेन्यू के जरिए सरकार की कोशिश है कि बच्चे नाश्ता करने में रुचि लें और उन्हें दिनभर पढ़ाई के लिए जरूरी ऊर्जा भी मिल सके।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु सरकार का यह कदम राज्य के लाखों स्कूली बच्चों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है। मुख्यमंत्री थलपति विजय की इस पहल से न सिर्फ बच्चों को नियमित पौष्टिक नाश्ता मिलेगा, बल्कि उनके स्कूल में बने रहने और पढ़ाई में मन लगाने की संभावना भी बढ़ेगी। हालांकि चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों के छात्रों को उपचुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक थोड़ा इंतजार करना होगा। 22 सितंबर को होने वाला यह विस्तारित शुभारंभ राज्य की शिक्षा और पोषण नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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