Jharkhand MLA Son Kidnapping Case: सौरभ पासवान के कथित अपहरण में नया मोड़, छात्रों के विवाद की कहानी आई सामने
सौरभ पासवान के कथित अपहरण में पुलिस को छात्रों की मारपीट और शराब विवाद का शक
Jharkhand MLA Son Kidnapping Case: झारखंड की राजधानी रांची में चतरा विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान के पुत्र सौरभ कुमार के कथित अपहरण की सनसनीखेज खबर के बाद पुलिस महकमे और सियासी गलियारों में भारी हड़कंप मच गया। घटना सोमवार शाम करीब 4 बजे धुर्वा थाना क्षेत्र के नया सराय स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार के समीप की बताई गई, जहां से विधायक पुत्र को कुछ युवकों द्वारा गाड़ी में जबरन ले जाने की सूचना से अफरा-तफरी फैल गई। विधायक द्वारा रांची पुलिस के वरीय अधिकारियों को दी गई इस सूचना के बाद पुलिस की तकनीकी और स्पेशल टीमों ने नाकेबंदी कर महज एक से दो घंटे के भीतर सौरभ को विधानसभा मार्ग के पास से सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, बरामदगी और प्रारंभिक पूछताछ के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरी तरह नया मोड़ ले लिया है। रांची पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला किसी पेशेवर फिरौती गिरोह द्वारा किए गए संगठित अपहरण के बजाय दो छात्र गुटों के बीच शराब के नशे में हुई गाली-गलौज, मारपीट और आपसी विवाद का मामला नजर आ रहा है।
पुलिस की ओर से जारी किए गए प्रारंभिक बयानों के अनुसार, यूनिवर्सिटी गेट के पास छात्रों के दो अलग-अलग समूहों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद विवाद मारपीट में बदल गया। इसी खींचतान और झड़प के दौरान दूसरे गुट के युवक सौरभ को अपनी गाड़ी में बैठाकर कुछ दूरी तक ले गए और बाद में पुलिस का पहरा बढ़ता देख सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल, विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है। सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में गठित जांच दल अब दोनों पक्षों के छात्रों, चश्मदीदों और वाहन चालकों से सघन पूछताछ कर रही है।
Jharkhand MLA Son Kidnapping Case: एमिटी यूनिवर्सिटी गेट के बाहर क्या हुआ
प्रत्यक्षदर्शियों और विश्वविद्यालय परिसर के पास मौजूद स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, घटना सोमवार दोपहर बाद करीब 4 बजे की है। सौरभ कुमार, जो एमिटी यूनिवर्सिटी रांची में विधि (लॉ) के अंतिम वर्ष का छात्र है, अपने कुछ दोस्तों के साथ मुख्य द्वार के बाहर मौजूद था। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के गेट के ठीक सामने सौरभ की निजी थार गाड़ी खड़ी थी। उसी दौरान दो अन्य एसयूवी (काली स्कॉर्पियो) में सवार होकर कुछ अन्य युवक मौके पर पहुंचे।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पहले किसी पुराने मुद्दे को लेकर ऊंची आवाज में बहस शुरू हुई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प और लात-घूंसों में तब्दील हो गई। आरोप है कि विपक्षी गुट के युवकों ने सौरभ के साथ मारपीट की और उसे जबरन अपनी गाड़ी में खींचकर बैठा लिया और तेज गति से वहां से निकल गए। गेट के बाहर खड़ी थार गाड़ी और घटनास्थल पर मची भगदड़ को देखकर साथी छात्रों ने तत्काल फोन कर परिजनों और स्थानीय पुलिस को इस वारदात से अवगत कराया, जिसके बाद यह खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई।
अलर्ट मोड पर आई रांची पुलिस: शहर में नाकेबंदी और दो घंटे में सकुशल बरामदगी
चतरा से निर्वाचित लोजपा (आर) विधायक जनार्दन पासवान को जैसे ही अपने बेटे के साथ हुई वारदात की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन और चतरा पुलिस के आला अधिकारियों से फोन पर संपर्क साधा। मामला सत्तारूढ़ गठबंधन और प्रमुख विपक्षी नेताओं से जुड़े विधायक के परिवार का होने के कारण रांची पुलिस मुख्यालय में तुरंत हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
रांची पुलिस ने तुरंत विधानसभा थाना, धुर्वा थाना और आसपास के सभी चेक पोस्ट्स को सील कर दिया और शहर से बाहर निकलने वाले हर छोटे-बड़े रास्तों पर एंटी-क्राइम चेकिंग शुरू कर दी। चतरा पुलिस की साइबर व तकनीकी टीम ने भी मोबाइल टावर डंप डेटा और लोकेशन ट्रैकिंग में रांची पुलिस को त्वरित इनपुट साझा किए। चारों तरफ से पुलिस का घेरा सख्त होता देख युवकों ने सौरभ को यूनिवर्सिटी गेट से लगभग एक किलोमीटर आगे, विधानसभा मार्ग की ओर सड़क किनारे छोड़ दिया और गाड़ी भगा ले गए। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सौरभ को उसी इलाके से सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया और सीधे थाने ले आई।
सिटी एसपी का बड़ा खुलासा: शराब का नशा, फोन पर धमकी और छात्रों का आंतरिक झगड़ा
सौरभ की सकुशल बरामदगी के बाद मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की, तो अपहरण की कहानी का रुख पूरी तरह बदल गया। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने आधिकारिक तौर पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला किसी पेशेवर गिरोह द्वारा की गई किडनैपिंग का नहीं, बल्कि छात्रों के बीच शराब के नशे में हुई मारपीट और आपसी टकराव का है।
पुलिस जांच के अनुसार, घटना से पहले सौरभ और उसके कुछ साथी शराब का सेवन कर रहे थे। आरोप है कि नशे की हालत में सौरभ के एक मित्र ने विश्वविद्यालय के ही किसी अन्य छात्र को फोन किया, जिसके बाद दोनों ओर से तीखी गाली-गलौज हुई और गेट के बाहर आने पर भुगत लेने की चेतावनी दी गई। इसके जवाब में दूसरे पक्ष के छात्रों ने अपने कुछ बाहरी परिचित लड़कों को गाड़ियों से वहां बुला लिया। दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो स्थिति अनियंत्रित हो गई। पुलिस सूत्रों का यह भी दावा है कि थाने लाए जाने के दौरान मेडिकल जांच और ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में शराब के सेवन की पुष्टि के साक्ष्य मिले हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
विधायक जनार्दन पासवान की प्रतिक्रिया: ‘यह सुनियोजित हमला, मामले को भटकाने की न हो कोशिश’
पुत्र के साथ हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही विधायक जनार्दन पासवान आनन-फानन में चतरा से सड़क मार्ग द्वारा रांची पहुंचे। बेटे की सकुशल बरामदगी पर उन्होंने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन साथ ही उन्होंने घटना को केवल सामान्य छात्र विवाद बताए जाने की थ्योरी पर नाराजगी भी व्यक्त की।
विधायक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनके बेटे का किसी के साथ कोई पुराना विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। वह विश्वविद्यालय में नियमित रूप से कानून की पढ़ाई कर रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि दिनदहाड़े हथियार और लग्जरी गाड़ियों के साथ पहुंचे बदमाशों ने उनके बेटे को बेरहमी से पीटा और जान से मारने की नीयत से उठाकर ले गए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले को कमजोर करने या भटकाने के बजाय इसमें शामिल आपराधिक प्रवृत्ति के सभी युवकों की शिनाख्त कर उनके खिलाफ अपहरण, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही पुलिस: कई संदिग्धों से पूछताछ जारी
रांची पुलिस अब इस पूरे मामले को कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। विश्वविद्यालय के गेट, सर्विस लेन और विधानसभा मार्ग के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सुरक्षित कर लिए गए हैं, जिनसे यह साफ हो सकेगा कि सबसे पहले हाथ किसने उठाया और गाड़ी में बैठाए जाने के समय वास्तविक परिस्थिति क्या थी।
पुलिस ने दूसरे गुट से जुड़े कई संदिग्ध युवकों की पहचान कर ली है और उनमें से कुछ को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या विवाद के दौरान किसी अवैध हथियार या आग्नेयास्त्र का प्रदर्शन किया गया था। जांच अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखता हो या किसी भी छात्र संगठन से जुड़ा हो।
Jharkhand MLA Son Kidnapping Case: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी रांची के शैक्षणिक परिसरों के बाहर कानून व्यवस्था, नशे के बढ़ते चलन और छात्रों के बीच पनपती गुटबाजी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े विधानसभा से महज कुछ दूरी पर गाड़ियों से युवकों का आना और मारपीट कर किसी छात्र को खींच ले जाना नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से बेहद चिंताजनक है।
फिलहाल पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और प्राथमिकी (FIR) में उपयुक्त धाराओं के समावेश की प्रक्रिया चल रही है। आने वाले दिनों में पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि यह विशुद्ध रूप से शराब के नशे में हुई सड़क की मारपीट थी या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या सुनियोजित आपराधिक साजिश छिपी हुई थी।
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