Israel US Iran War: ट्रंप का आक्रामक अवतार “गुस्से में डुबो दिए ईरान के 158 जहाज”, इजरायल-लेबनान सीजफायर के बीच हिजबुल्लाह को दी अंतिम चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप बोले- 158 ईरानी जहाज डुबोए, सीजफायर के बाद हिजबुल्लाह को चेतावनी, वैश्विक तनाव पर नजर

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Israel US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध पर एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान की 158 जहाजों को समुद्र की तलहटी में डुबो दिया, क्योंकि उन्हें गुस्सा आ गया था। उन्होंने कहा, “हम इनका इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन मुझे गुस्सा आ गया था।” यह बयान इजरायल-लेबनान सीजफायर घोषणा के बाद आया है, जिसमें ट्रंप ने हिजबुल्लाह को चेतावनी भी दी है।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे उम्मीद है कि हिजबुल्लाह अब अच्छा व्यवहार करेगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो यह उनके लिए एक बहुत बड़ा क्षण होगा। अब और हत्याएं नहीं। आखिरकार शांति होनी चाहिए!” ह्वाइट हाउस ने इस पोस्ट को शेयर किया है।

कड़ा रुख: ट्रंप का विवादास्पद बयान

ट्रंप ने कहा, “ईरान तो एक बहुत सुंदर देश है, लेकिन हमें वहां जाना पड़ा, अन्यथा बहुत बुरी चीजें हो सकती थीं। अब तुम कुछ अद्भुत नतीजे देखने वाले हो।” उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरब के किंग सलमान ने एक-डेढ़ साल पहले उन्हें बताया था कि “तुम्हारा देश मर चुका है”, लेकिन अब अमेरिका दुनिया का सबसे आकर्षक और मजबूत देश बन गया है।

ट्रंप ने ईरान पर हमले को जस्टिफाई करते हुए कहा, “मैं हमला नहीं करना चाहता था! लेकिन हमें करना पड़ा…क्योंकि हम उन्हें न्यूक्लियर वेपन नहीं बनाने दे सकते!”

वैश्विक मंच: संयुक्त राष्ट्र का रुख

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने इजरायल-लेबनान युद्ध विराम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मैं इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा का स्वागत करता हूं। इसके लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की भूमिका की सराहना करता हूं। मुझे आशा है कि यह संघर्ष के लंबे समय तक चलने वाले समाधान की दिशा में बातचीत का रास्ता प्रशस्त करेगा।”

UN मिशन ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिरता के लिए ईरान के अधिकारों और हितों का सम्मान जरूरी बताया।

खुशी का माहौल: लेबनान में मना जश्न

सीजफायर की घोषणा के बाद लेबनान की सड़कों पर जश्न का माहौल है। लोग वाहनों में निकलकर सीजफायर का जश्न मना रहे हैं।

ईरानी प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बयान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि जनता के 40 दिनों के दृढ़ संकल्प ने युद्ध के दौरान आक्रमणकारियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

शांति का समर्थन: भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने इजरायल-लेबनान सीजफायर का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि शांति और स्थिरता क्षेत्र के लिए फायदेमंद है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर निरंतर निगरानी की जा रही है।

तनाव का इतिहास: युद्ध की पृष्ठभूमि

अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया था। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान को न्यूक्लियर क्षमता हासिल करने से रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाए हुए है।

भविष्य की राह: सीजफायर के बाद

सीजफायर के बाद क्षेत्र में शांति स्थापना की कोशिशें तेज हो गई हैं। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका दोनों पक्षों से युद्धविराम का सम्मान करने की अपील कर रहे हैं। हिजबुल्लाह पर नजर रखी जा रही है।

बाजार पर असर: वैश्विक आर्थिक प्रभाव

युद्ध के दौरान तेल की कीमतें बढ़ी थीं। सीजफायर से तेल बाजार में राहत मिली है। भारत जैसे आयातक देशों को फायदा होगा।

नागरिक सुरक्षा: भारत पर प्रभाव

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय लगातार संपर्क में है। ईरान और लेबनान में फंसे भारतीयों को निकालने की प्रक्रिया जारी है।

प्रशासनिक विजन: ट्रंप की विदेश नीति

ट्रंप का यह बयान उनकी “अमेरिका फर्स्ट” नीति को दर्शाता है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा।

अरब जगत: अन्य क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं

सऊदी अरब, UAE और अन्य अरब देशों ने सीजफायर का स्वागत किया है। वे शांति और स्थिरता चाहते हैं।

Israel US Iran War: निष्कर्ष

ट्रंप के विवादास्पद बयान ने दुनिया का ध्यान खींचा है। सीजफायर के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन चुनौतियां अभी बाकी हैं। भारत समेत दुनिया के कई देश स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

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