ईरान-अमेरिका युद्धविराम: दूसरे दौर की वार्ता की तारीख अभी अनिश्चित, होर्मुज में US Navy का ब्लॉकेड जारी; ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया
वार्ता पर अनिश्चितता के बादल; US नौसेना का ब्लॉकेड जारी और ईरान की परमाणु समझौते से हटने की धमकी।
Iran-US-Israel War: मध्य पूर्व में तनाव की आग अभी भी धधक रही है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम के बावजूद दूसरे दौर की वार्ता की तारीख तय नहीं हो पाई है। अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी बंदरगाहों पर अपना ब्लॉकेड बनाए हुए है, जिसके चलते ईरान ने बातचीत की मेज पर आने से इनकार कर दिया है।
Iran-US-Israel War: ट्रंप का नरम रुख और युद्धविराम का अनिश्चितकालीन विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष को लेकर कोई जल्दबाजी न करने का संकेत दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव के लिए कोई समय सीमा (Deadline) निर्धारित नहीं की है। ट्रंप का बयान स्पष्ट है: “ईरान संघर्ष पर कोई समय-सीमा नहीं, कोई समय का दबाव नहीं।” इस नीति के तहत युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे फिलहाल बड़े सैन्य हमले की आशंका कम हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ब्लॉकेड और जहाजों की जब्ती
अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सक्रिय रूप से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की हुई है।
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नौसैनिक कार्रवाई: रिपोर्ट के अनुसार, ब्लॉकेड के दौरान 31 तेल टैंकरों और जहाजों को वापस भेजा गया।
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ईरानी प्रतिक्रिया: ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कंटेनर जहाजों को जब्त करने के वीडियो जारी किए हैं।
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पनामा का विरोध: पनामा ने अपने राष्ट्रीय ध्वज वाले जहाज की जब्ती पर कड़ी निंदा व्यक्त की है।
Iran-US-Israel War: ईरान की परमाणु धमकी और सैन्य प्रदर्शन
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों से बाहर निकल जाएगा।
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मिसाइल और ड्रोन रैली: तेहरान में हाल ही में बैलिस्टिक मिसाइलों और ‘शाहेद ड्रोनों’ (Shahed Drones) की विशाल रैली निकाली गई, जिसमें एक पिंक शाहेद ड्रोन आकर्षण का केंद्र रहा।
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संप्रभु अधिकार: ईरान का दावा है कि परमाणु हथियार रखना उसका संप्रभु अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
अमेरिकी प्रशासन में हलचल: नौसेना सचिव का इस्तीफा
तनाव के बीच अमेरिका के नौसेना सचिव जॉन फेलन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह इस्तीफा ईरान नीति पर आंतरिक मतभेदों और युद्ध की रणनीति पर असहमति का संकेत देता है।
Iran-US-Israel War: वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत पर प्रभाव
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के 20 प्रतिशत तेल परिवहन का मार्ग है। भारत के लिए यह स्थिति चिंताजनक है:
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भारत की निर्भरता: देश की 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्ची तेल आपूर्ति और 60 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें इसी मार्ग से जुड़ी हैं।
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भारतीय नौसेना की सतर्कता: भारत ने क्षेत्र में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए मौजूदगी बढ़ाई है और किसी भी प्रकार की ‘रिश्वत’ के दावों को खारिज किया है।
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वैश्विक मंदी: IMF के अनुसार, मध्य पूर्व की अस्थिरता वैश्विक विकास दर को 0.5 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकती है।
निष्कर्ष: शांति की उम्मीद बनाम युद्ध की तैयारी
ईरान-अमेरिका के बीच की यह ‘कोल्ड वॉर’ वर्तमान में बातचीत और सैन्य घेराबंदी के बीच फंसी हुई है। जहाँ ट्रंप का अनिश्चितकालीन विस्तार थोड़ी राहत देता है, वहीं ईरान की परमाणु धमकी स्थिति को और गंभीर बना रही है। वैश्विक समुदाय की नजरें इस बात पर हैं कि क्या कूटनीति सैन्य नाकेबंदी के ऊपर जीत हासिल कर पाएगी या नहीं।
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