Himachal Weather Updates: हिमाचल में भारी बारिश ने बरपाया कहर, 155 लोगों की मौत और 8352 करोड़ का अनुमानित नुकसान

Himachal Weather Updates: हिमाचल में भारी बारिश ने बरपाया कहर, 155 लोगों की मौत और 8352 करोड़ का अनुमानित नुकसान

0
Himachal Weather Updates: हिमाचल प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में प्रकृति का भयंकर रूप देखने को मिल रहा है, जहां हिमाचल में भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 155 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि सरकारी और निजी संपत्तियों को मिलाकर कुल 8352 करोड़ रुपये से अधिक का भारी नुकसान हुआ है। मूसलाधार बारिश के बाद लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण पूरे प्रदेश में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है और 250 से ज्यादा रास्ते पूरी तरह से बंद पड़े हैं। इसके अलावा कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति ठप है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राज्य सरकार और राहत दल प्रभावित इलाकों में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए दिन-रात युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।

Himachal Weather Updates: भूस्खलन और हादसों से सहमा देवभूमि का जनजीवन

पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान कुदरत का कहर अक्सर देखने को मिलता है, लेकिन इस बार स्थिति बेहद विकट हो गई है। लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ों के दरकने का सिलसिला थम नहीं रहा है, जिससे प्रमुख राजमार्गों से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्ग तक मलबे में तब्दील हो चुके हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर की रिपोर्ट बताती है कि सड़क बंद होने के मामलों में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां दर्जनों मार्ग अवरुद्ध हैं। इसके अलावा कुल्लू और शिमला जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन जिलों में भी यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और प्रशासन लगातार लोगों से एहतियात बरतने की अपील कर रहा है।

सड़क हादसों और आपदाओं में गई अनमोल जानें

इस मानसूनी तबाही में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 155 तक पहुंच चुका है, जो प्रशासन और आम जनता के लिए चिंता का विषय है। राज्य में सामने आए कुल आंकड़ों के अनुसार, आपदा से जुड़ी विभिन्न घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं ने मिलकर भारी तबाही मचाई है। मंडी जिले में आपदा जनित घटनाओं में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि कांगड़ा, चंबा और शिमला में भी जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। भूस्खलन, अचानक बाढ़, पेड़ गिरने और मकान ढहने जैसी घटनाओं ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के खतरनाक मोड़ों और फिसलन भरे रास्तों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं ने भी कई बेकसूर लोगों की जिंदगी छीन ली है।

अरबों रुपये के नुकसान की चपेट में सरकारी और निजी संपत्ति

आपदा के इस दौर में हिमाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे को जबरदस्त आघात पहुंचा है, जिसका कुल अनुमानित नुकसान 8352 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान लोक निर्माण विभाग को उठाना पड़ा है क्योंकि सड़कें, पुल और कलवर्ट मलबे में समा गए हैं। जल शक्ति विभाग को भी पेयजल योजनाओं के नष्ट होने से भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। रिहायशी मकानों को भी इस आपदा ने नहीं बख्शा है, जहां सैकड़ों पक्के मकान पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में कच्चे आशियाने, दुकानें और पशुबाड़े भी तबाह हो गए हैं, जिससे किसानों और पशुपालकों की आजीविका पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

Himachal Weather Updates: बिजली आपूर्ति ठप और युद्धस्तर पर चल रहा बहाली का काम

भारी बारिश और ट्रांसफार्मरों के खराब होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है, जिससे दैनिक गतिविधियां पूरी तरह थम गई हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार ढाई सौ से अधिक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे हैं, जिनकी मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन की टीमें, पुलिस और आपदा प्रबंधन बल बंद पड़े रास्तों को खोलने के लिए लगातार भारी मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित उप-मंडलों में मुख्य सड़कों को यातायात के लिए बहाल करने के काम को सबसे ऊपर रखा गया है ताकि राहत सामग्री समय पर पहुंचाई जा सके। पेयजल और बिजली की लाइनों को भी दुरुस्त करने के लिए तकनीशियन लगातार मैदानी इलाकों में डटे हुए हैं।

Read More Here:- 

Delhi To Valley Of Flowers: 12 घंटे के सफर में पहुंचें फूलों से सजी उत्तराखंड की स्वर्ग जैसी खूबसूरत वादियों में

Wanted Terrorists: 15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 19 वांटेड आतंकियों के पोस्टर जारी; लाल किले समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी

Parliament Monsoon Session: NDA सांसदों का मकर द्वार तक मार्च, विपक्ष का राम मंदिर चंदे पर प्रदर्शन; हंगामे के बीच दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित

महाराष्ट्र में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, नासिक में 2.8 और पालघर में 3.2 व 3.4 तीव्रता के झटके, जान-माल का नुकसान नहीं

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.