Parliament Monsoon Session: NDA सांसदों का मकर द्वार तक मार्च, विपक्ष का राम मंदिर चंदे पर प्रदर्शन; हंगामे के बीच दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित
NDA सांसदों ने मकर द्वार तक मार्च किया, विपक्ष ने राम मंदिर चंदे पर प्रदर्शन किया
Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के दौरान मंगलवार को संसद परिसर में तीखा सियासी टकराव देखने को मिला। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मकर द्वार की ओर मार्च निकाला, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने राम मंदिर चंदे में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संसद के दोनों सदनों में जारी भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद परिसर में दोनों पक्षों की ओर से हुई नारेबाजी और बयानों से राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर सदन न चलने देने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।
Parliament Monsoon Session: एनडीए सांसदों का मकर द्वार की ओर मार्च और राहुल गांधी पर तीखा हमला
मंगलवार सुबह एनडीए के सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर मकर द्वार की ओर मार्च निकाला। बीजेपी सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे चर्चा से भाग रहे हैं और दोहरे मापदंड अपना रहे हैं। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया जाना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हैं, लेकिन जब गृह मंत्री सदन में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, तो राहुल गांधी खुद चर्चा में शामिल होने से कतरा रहे हैं।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी विपक्षी रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनों पर शोर मचाने वाला विपक्ष झारखंड में निर्दोष छात्रों पर हुए अत्याचार पर चुप्पी साधे बैठा है। वहीं भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के पास सदन में ठोस चर्चा करने की कोई रणनीति नहीं है और उनका एकमात्र उद्देश्य संसद की कार्यवाही को बाधित करना है।
कंगना रनौत और अन्य नेताओं के गंभीर आरोप
मार्च में शामिल हुईं भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष सदन को सुचारु रूप से चलाने में लगातार बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी सरकार चर्चा के लिए आगे आती है, विपक्षी दल किसी न किसी बहाने पीछे हट जाते हैं और देश को गुमराह करने का काम करते हैं।
भाजपा के अन्य सांसदों और एनडीए घटक दलों के नेताओं ने भी विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही न चलने देकर महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को रोका जा रहा है, जिससे आम जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है।
विपक्ष का राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन
दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में राम मंदिर निर्माण के चंदे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने एनडीए सांसदों द्वारा निकाले गए मार्च पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार देखा जा रहा है कि सत्ता पक्ष के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के दबाव के कारण ही सरकार रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर हुई है।
झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने पहले ही झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी बातें सुनी हैं और छात्र हितों के लिए अपनी आवाज उठाई है।
झारखंड छात्र आंदोलन का राष्ट्रीय संसद पर असर
झारखंड में पिछले कई दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों, पेपर लीक और भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। रांची में विधान सभा घेराव के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग के बाद यह राज्य स्तरीय मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।
राहुल गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से कहा था कि किसी भी सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और बल प्रयोग पूरी तरह गलत है। हालांकि, भाजपा नेताओं का कहना है कि जहां विपक्षी गठबंधन की सरकारें हैं, वहां युवाओं के साथ हो रहे अन्याय पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल दोहरा रवैया अपनाते हैं।
हंगामे की भेंट चढ़ी दोनों सदनों की कार्यवाही
संसद के मानसून सत्र का यह अंतिम सप्ताह विधायी दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित हुआ है। मंगलवार को जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की बैठक शुरू हुई, दोनों पक्षों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और पीठासीन अधिकारियों की बार-बार अपील के बावजूद जब सदन में व्यवस्था कायम नहीं हो सकी, तो दोनों सदनों के सभापतियों ने कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करने का फैसला सुनाया।
Parliament Monsoon Session: सियासी गतिरोध और आगे की राह
सत्ता पक्ष का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, बशर्ते विपक्ष सदन को चलने दे। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि सरकार मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए खुद विरोध प्रदर्शन का नाटक कर रही है। दोनों ही पक्षों के इस कड़े और अड़ियल रुख के कारण संसद में किसी भी दूरगामी विषय पर सकारात्मक चर्चा होना कठिन नजर आ रहा है।
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र के शेष बचे दिनों में भी यदि यही स्थिति बनी रही तो देश के महत्वपूर्ण विधेयकों पर बिना विस्तृत चर्चा के ही पारित होने की नौबत आ सकती है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के दृष्टिकोण से चिंताजनक है।
Read More Here
- महाराष्ट्र में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, नासिक में 2.8 और पालघर में 3.2 व 3.4 तीव्रता के झटके, जान-माल का नुकसान नहीं
- Ranchi High Alert: झारखंड बंद को लेकर रांची में हाई अलर्ट, 3 हजार जवान तैनात; ड्रोन-CCTV से चप्पे-चप्पे पर नजर
- Aaj Ka Rashifal 11 August 2026: सावन शिवरात्रि पर जानें मेष से मीन तक सभी राशियों का भाग्योदय और दैनिक भविष्यफल
- Aaj Ka Mausam 11 August 2026: देशभर में मानसून हुआ विकराल, जानें अपने शहर और राज्य का पूरा मौसम अपडेट