Gorakhpur Ramgarhtal: गोरखपुर रामगढ़ताल में अब मिलेगी सुरक्षित सैर, हर किलोमीटर पर तैनात होंगे पुलिसकर्मी और बढ़ेगी निगरानी

Gorakhpur Ramgarhtal: गोरखपुर रामगढ़ताल में अब पुलिस का कड़ा पहरा

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Gorakhpur Ramgarhtal: पूर्वांचल का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल रामगढ़ताल अब अपनी खूबसूरती के साथ साथ सुरक्षा के लिए भी जाना जाएगा। बीते दिनों ताल में हुई दुखद घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया है। अब ताल के चारों ओर सुरक्षा का एक अभेद्य घेरा तैयार किया जाएगा, जिसमें हर एक किलोमीटर की दूरी पर पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती होगी। जीडीए के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक नई जल पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी।

Gorakhpur Ramgarhtal: सुरक्षा को लेकर क्यों उठा सवाल?

रामगढ़ताल पिछले कुछ वर्षों में गोरखपुर की पहचान बन चुका है। नौकायन, क्रूज की सवारी, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड सेंटर्स की वजह से यहां सुबह से लेकर देर रात तक पर्यटकों का तांता लगा रहता है। लेकिन इन सबके बीच सुरक्षा व्यवस्था काफी कमजोर थी, जो लगातार सवालों के घेरे में थी। हाल ही में 12 जून को एक किशोरी के ताल में डूबने की घटना ने प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया। यह घटना उस समय हुई जब ताल पर पर्यटकों की भारी भीड़ थी, लेकिन जल सुरक्षा के नाम पर वहां कोई भी जिम्मेदार टीम मौजूद नहीं थी। इसके बाद सुरक्षा के इंतजामों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे, जिसके संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

क्या है नई सुरक्षा कार्ययोजना

पुलिस द्वारा तैयार की गई नई योजना के तहत रामगढ़ताल के पांच किलोमीटर के दायरे को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में पैडलेगंज से नौकायन तक का ढाई किलोमीटर का मार्ग आता है, जिसकी जिम्मेदारी रामगढ़ताल थाने को सौंपी गई है। दूसरे हिस्से में आरकेबीके से पैडलेगंज तक का ढाई किलोमीटर का मार्ग है, जिसकी निगरानी कैंट थाने की पुलिस करेगी। इन दोनों मार्गों पर हर एक किलोमीटर की दूरी पर दो दो पुलिसकर्मियों को सुबह से लेकर देर रात तक तैनात किया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात इन पुलिसकर्मियों का मुख्य काम होगा गश्त करना और यह सुनिश्चित करना कि कोई भी पर्यटक सेल्फी लेने या अन्य कारणों से रेलिंग पार करके पानी के खतरनाक दायरे में न जाए।

आधुनिक उपकरणों से लैस होगी पुलिस

सिर्फ पुलिसकर्मियों की तैनाती ही काफी नहीं होती, इसलिए प्रशासन ने तकनीकी और संसाधन आधारित सुरक्षा पर भी जोर दिया है। अब तक ताल क्षेत्र में सुरक्षा के लिए केवल दो पीआरवी (PRV) वाहन तैनात थे, जिनकी संख्या को बढ़ाकर अब चार कर दिया गया है। इससे पुलिस की रिस्पॉन्स टाइम यानी किसी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचने की गति बढ़ेगी। साथ ही, जीडीए की मदद से ताल के चारों ओर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की सीधी निगरानी पैडलेगंज और नौकायन की पुलिस चौकियों से की जाएगी, ताकि कंट्रोल रूम से ही पूरे क्षेत्र पर पैनी नजर रखी जा सके।

Gorakhpur Ramgarhtal: जल पुलिस चौकी की स्थापना पर जोर

रामगढ़ताल जैसे विशाल जलाशय में किसी भी बड़े हादसे को रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण जरूरत एक जल पुलिस चौकी की थी। पुलिस ने इसके लिए स्थान भी चिन्हित कर लिया है और जीडीए के अधिकारियों को औपचारिक पत्र भेज दिया है। जल्द ही यहां एक स्थायी जल पुलिस चौकी खुलेगी, जिसमें गोताखोरों की टीम और पानी में काम करने वाले आधुनिक उपकरण मौजूद रहेंगे। यह चौकी किसी भी डूबने की घटना या दुर्घटना के समय त्वरित कार्रवाई (क्विक रिस्पांस) करेगी, जिससे बहुमूल्य जीवन को बचाने की संभावना बढ़ जाएगी।

Gorakhpur Ramgarhtal: प्रशासन का संकल्प और भविष्य की राह

इस पूरे बदलाव को लेकर नगर पुलिस अधीक्षक निमिष पाटील ने कहा कि रामगढ़ताल गोरखपुर का गौरव है और पर्यटकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी कार्ययोजना धरातल पर उतारने की तैयारी है। पुलिस चौकी के लिए जगह के चयन से लेकर सीसीटीवी कैमरे लगाने तक की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि बहुत जल्द इन सभी सुरक्षा इंतजामों को लागू कर दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को एक सुरक्षित और आनंदमयी माहौल मिलेगा।

रामगढ़ताल के सुरक्षा इंतजामों में यह बदलाव न केवल स्थानीय लोगों के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह उन हजारों पर्यटकों के लिए भी सुकून भरा है जो हर रोज यहां सुकून के पल बिताने आते हैं। किसी भी पर्यटन स्थल की असली खूबसूरती वहां की शांति और सुरक्षा में ही बसती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इन नए कदमों के बाद रामगढ़ताल के प्रति पर्यटकों का विश्वास और अधिक बढ़ेगा। अब बस जरूरत इस बात की है कि इन आदेशों को सख्ती से लागू किया जाए और सुरक्षा का यह दायरा आने वाले कई वर्षों तक इसी तरह चुस्त और दुरुस्त बना रहे।

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