Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी में तेजी, MCX पर सोना ₹1,49,565 और चांदी ₹2,44,412 के पार, जानें आज के भाव

सोना 1.49 लाख और चांदी 2.44 लाख के पार, वैश्विक तनाव से बाजार में हल्की तेजी

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Gold-Silver Price Today: वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय वायदा बाजार (MCX) में आज कीमती धातुओं की कीमतों में हल्की बढ़त देखी गई। पिछले सत्र की उठापटक के बाद निवेशक अब सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में प्राथमिकता दे रहे हैं। रुपये की विनिमय दर और औद्योगिक मांग ने भी बाजार के सेंटिमेंट को सकारात्मक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।

MCX पर आज क्या भाव?

मंगलवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून की डिलीवरी वाला सोना 1,49,565 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया, जो 0.15% की बढ़त दर्शाता है। वहीं, 3 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी में 0.21% की तेजी आई और यह 2,44,412 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। बाजार खुलने के साथ ही दोनों धातुओं में खरीदारी का रुझान रहा, जिससे भाव हरे निशान पर टिके रहे।

सोमवार को बाजार कैसा रहा?

सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था, जहाँ इसकी कीमतों में 2.8% (करीब 6,800 रुपये) की भारी छलांग देखी गई और यह 2,49,500 रुपये पर बंद हुई। इसके विपरीत, सोने में मुनाफावसूली के कारण 1.3% की गिरावट दर्ज की गई थी और यह 1,52,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था। सोमवार की चांदी की तेजी ने आज के बाजार के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया।

कीमतें बढ़ने का मुख्य कारण?

सोने-चांदी की कीमतों में इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण जियोपॉलिटिकल तनाव है। ईरान और यूएई के बीच बढ़ते टकराव और हॉर्मुज स्ट्रेट में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया है। संकट के समय में सोना हमेशा ‘सेफ हेवन’ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार में आयातित सोने को और अधिक महंगा बना दिया है।

चांदी की मांग क्यों बढ़ी?

चांदी की कीमतों में तेजी केवल निवेश के कारण नहीं, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग की वजह से भी है। सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर (विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन) में चांदी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। औद्योगिक गतिविधियों में सुधार के संकेतों ने चांदी को सोने के मुकाबले अधिक रिटर्न देने वाली धातु बना दिया है, जिससे बड़े निवेशक अब चांदी की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।

वैश्विक बाजार का क्या असर?

अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी सोने और चांदी के भाव सकारात्मक बने हुए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों को लेकर जारी अटकलों और वैश्विक मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों ने कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ता है, तो सोना जल्द ही 1,55,000 रुपये और चांदी 2,60,000 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर को छू सकते हैं।

निवेशकों के लिए क्या सलाह?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान कीमतों पर लंबी अवधि के लिए निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे एक बार में बड़ी रकम लगाने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (ETF) या SIP के जरिए धीरे-धीरे खरीदारी करें। चूंकि बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) अधिक है, इसलिए भौतिक सोना खरीदते समय मेकिंग चार्ज और शुद्धता (GST) की जांच अवश्य करें। पोर्टफोलियो का 5-10% हिस्सा इन धातुओं में रखना जोखिम प्रबंधन के लिए बेहतर है।

भविष्य की क्या है उम्मीद?

2026 के आगामी महीनों के लिए विश्लेषकों का नजरिया सकारात्मक है। शादी-ब्याह के सीजन और त्योहारों की मांग कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है। यदि वैश्विक मंदी के संकेत मिलते हैं, तो सोने की कीमतों में और भी बड़ा उछाल आने की संभावना है। हालांकि, किसी भी कूटनीतिक समझौते या शांति वार्ता की खबर आने पर कीमतों में अस्थायी सुधार या गिरावट भी देखी जा सकती है, जिसके लिए निवेशकों को तैयार रहना चाहिए।

Gold-Silver Price Today: निष्कर्ष

सोने और चांदी की कीमतों में आई यह हल्की बढ़त वैश्विक अस्थिरता और बढ़ती औद्योगिक जरूरतों का प्रतिबिंब है। 5 मई 2026 के भाव यह स्पष्ट करते हैं कि कीमती धातुएं अब भी निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बनी हुई हैं। चाहे वह गहनों के रूप में हो या डिजिटल निवेश के रूप में, भारतीय बाजार में सोने-चांदी की चमक बरकरार रहने वाली है। निवेशकों को सलाह है कि वे वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखें और सावधानी के साथ अपना निवेश बढ़ाएं।

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