Gold Silver Price: एक हफ्ते में सोना ₹3320 महंगा, चांदी में ₹35000 का जबरदस्त उछाल, जानें आज के ताजा रेट
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 143930 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी
Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी का सिलसिला जारी है। पिछले एक हफ्ते में कीमती धातुओं में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। 18 जनवरी 2026 को राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143930 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं बेंगलुरु में 24 कैरेट गोल्ड 143780 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि महज एक हफ्ते में सोना 3320 रुपये महंगा हो गया है, जबकि चांदी में 35000 रुपये का शानदार उछाल आया है।
Gold Silver Price: एक हफ्ते में कितना बदला सोने का भाव
पिछले सात दिनों में सोने की कीमतों (Gold Silver Price) में आई तेजी ने निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया है। जो लोग सोना खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह महंगाई का झटका है। वहीं जिन लोगों ने पहले निवेश किया था, के लिए यह अच्छी खबर है।
शहरवार सोने की कीमतें
अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों (Gold Silver Price) में मामूली अंतर देखने को मिलता है। यह अंतर स्थानीय करों, परिवहन लागत और मांग-आपूर्ति के कारण होता है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 143930 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है, जबकि 22 कैरेट सोना कुछ सस्ता होता है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों में भी कीमतें इसी रेंज में हैं। बेंगलुरु में 143780 रुपये प्रति 10 ग्राम का भाव है।
छोटे शहरों में भी सोने की कीमतें लगभग समान स्तर पर हैं, हालांकि स्थानीय सुनारों के पास मेकिंग चार्ज अलग हो सकते हैं।
चांदी में 35000 रुपये का उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों (Gold Silver Price) में भी जबरदस्त तेजी देखी गई है। पिछले एक हफ्ते में चांदी 35000 रुपये महंगी हुई है। यह उछाल चांदी के निवेशकों के लिए शानदार रिटर्न लेकर आया है।
चांदी में निवेश क्यों बढ़ रहा
चांदी को सोने का सस्ता विकल्प माना जाता है। जो लोग सोने में निवेश नहीं कर सकते, वे चांदी में निवेश करते हैं। इसके अलावा, औद्योगिक उपयोग में भी चांदी की भारी मांग रहती है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल उपकरणों में चांदी का व्यापक इस्तेमाल होता है। इस बढ़ती मांग ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है।
Gold Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव
घरेलू बाजार की तेजी का बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूती (Gold Silver Price) है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव 2804.51 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक स्थिति सभी मायने रखते हैं।
हाल के हफ्तों में भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ी है। मध्य पूर्व में तनाव, अमेरिका-चीन के बीच व्यापार संबंध और यूरोप की आर्थिक चुनौतियां निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेल रही हैं।
घरेलू कारक जो बढ़ा रहे हैं कीमतें
अंतरराष्ट्रीय कारकों के साथ-साथ भारत में भी कुछ घरेलू कारक सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। जब रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है। चूंकि भारत सोने का बड़ा आयातक है, इसलिए रुपये की कमजोरी का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
शादी का सीजन और त्योहारी मांग
भारत में शादी का सीजन चल रहा है। इस दौरान सोने की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। दुल्हन के लिए सोने के गहने खरीदना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा है।इसके अलावा, आने वाले महीनों में कई त्योहार हैं जिनमें सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस बढ़ती मांग का असर भी कीमतों पर दिख रहा है।
सरकार की आयात नीति और कस्टम ड्यूटी में बदलाव भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। हाल के महीनों में सरकार ने सोने के आयात पर कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है, लेकिन भविष्य में किसी भी नीतिगत बदलाव का असर कीमतों पर पड़ सकता है।
Gold Silver Price: सोने में निवेश का सही समय
कीमतों में इतनी तेजी के बाद सवाल उठता है कि क्या अभी सोना खरीदना सही है या इंतजार करना चाहिए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोना अभी भी सुरक्षित निवेश बना हुआ है। जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा समय हो सकता है।
हालांकि, अल्पकालिक निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है, खासकर अगर वैश्विक तनाव कम होता है या अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बदलाव करता है।
SIP के जरिए निवेश
जो लोग बाजार की अस्थिरता से बचना चाहते हैं, वे सोने में SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए निवेश कर सकते हैं। इससे औसत लागत का फायदा मिलता है और एकमुश्त निवेश का जोखिम कम होता है। गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और डिजिटल गोल्ड भी निवेश के अच्छे विकल्प हैं। इनमें फिजिकल गोल्ड के मुकाबले मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की समस्या नहीं होती।
गहने खरीदने वालों के लिए सुझाव

जो लोग शादी या अन्य अवसरों पर गहने खरीदना चाहते हैं, उनके लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें। सोने की कीमत तो तय होती है, लेकिन मेकिंग चार्ज अलग-अलग सुनारों के यहां अलग होता है। कुछ जगहों पर मेकिंग चार्ज 10-15% होता है तो कहीं 20-25% तक पहुंच जाता है।
खरीदारी से पहले कई दुकानों पर मेकिंग चार्ज की तुलना करें। कभी-कभी बड़े ज्वैलर्स ऑफर देते हैं जिनमें मेकिंग चार्ज कम या माफ होता है। 1 जून 2021 से देश में हॉलमार्किंग अनिवार्य हो गई है। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। यह सोने की शुद्धता की गारंटी होती है।
हॉलमार्क में 6 डिजिट का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जिसे HUID (Hallmark Unique Identification) कहते हैं। इसे BIS की वेबसाइट पर वेरीफाई किया जा सकता है।
पुराने सोने की एक्सचेंज वैल्यू
अगर आप पुराना सोना एक्सचेंज करके नया खरीद रहे हैं, तो पुराने सोने की सही कीमत जरूर चेक करें। कुछ ज्वैलर्स एक्सचेंज में कम कीमत देते हैं। पुराने सोने का वजन करवाएं और मौजूदा रेट के हिसाब से कैलकुलेशन करें। मेकिंग चार्ज घटा के जो वैल्यू बनती है, वह आपको मिलनी चाहिए।
Gold Silver Price: आगे क्या होगा सोने-चांदी के दाम?
अब सवाल है कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों (Gold Silver Price) का क्या रुख रहेगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव बना रहा तो सोना और मजबूत हो सकता है। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि सोना 3000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।
हालांकि, अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और फेड ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सोने में गिरावट आ सकती है। ब्याज दरें बढ़ने पर डॉलर मजबूत होता है और सोना कमजोर होता है।
भारतीय बाजार के संकेत
भारत में आने वाले महीनों में त्योहारी सीजन रहेगा। होली, अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों में सोने की खरीदारी बढ़ती है। इससे कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। रुपये की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। अगर रुपया और कमजोर होता है तो सोना और महंगा हो सकता है। इसके विपरीत, रुपये में मजबूती आने पर कीमतों में राहत मिल सकती है।
निष्कर्ष: सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Price) में पिछले हफ्ते आई तेजी ने बाजार में हलचल मचा दी है। सोने में 3320 रुपये और चांदी में 35000 रुपये का उछाल निवेशकों के लिए मिश्रित संकेत है। जो लोग पहले से निवेश किए हुए हैं, उनके लिए यह अच्छा रिटर्न है। लेकिन नए खरीदारों के लिए यह महंगाई का झटका है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि खरीदारी से पहले अपनी जरूरत और बजट का सही आकलन करें। निवेश के लिए SIP या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प पर विचार करें। गहने खरीदते समय हॉलमार्किंग और मेकिंग चार्ज पर विशेष ध्यान दें। आने वाले दिनों में वैश्विक और घरेलू कारकों पर नजर रखना जरूरी होगा। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए सोच-समझकर फैसला लें।
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