Gold-Silver Price 29 October 2026: सोने-चांदी के भाव में हलचल, खरीदारी से पहले जानें 22K और 24K का ताजा रेट

दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में 22 और 24 कैरेट सोने के भाव के साथ चांदी की कीमतें जानें

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Gold-Silver Price 29 October 2026: करवा चौथ के पावन पर्व और आगामी धनतेरस व दिवाली की त्योहारी तैयारियों के बीच भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर खरीदारों तथा निवेशकों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। 29 अक्टूबर 2026 को बहुमूल्य धातुओं के खुदरा और वायदा बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स के उतार-चढ़ाव के चलते घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले सत्र में मुनाफावसूली का दबाव दर्ज किया गया था। त्योहारों के इस व्यस्त मौसम में आभूषणों की भारी मांग के बीच आम खरीदार यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या आज पीली धातु के भाव में नरमी आई है या फिर स्थानीय प्रीमियम के चलते दाम ऊंचे बने हुए हैं।

Gold-Silver Price 29 October 2026: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा भाव का रुख

वायदा बाजार के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर अनुबंध वाले सोने में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी। एमसीएक्स पर सोना फिसलकर लगभग 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता देखा गया, जिसमें दिन के कारोबार के दौरान 1,43,321 रुपये से लेकर 1,43,867 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में उतार-चढ़ाव बना रहा। इसी तरह औद्योगिक मांग और वैश्विक रुझानों से प्रभावित दिसंबर वायदा चांदी में भी दबाव देखने को मिला और इसके भाव लगभग 1,548 रुपये की गिरावट के साथ 1,95,169 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुए। बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि वायदा बाजार के ये भाव थोक अनुबंधों पर आधारित होते हैं, इसलिए आम जनता को इन्हें सीधे तौर पर ज्वेलरी दुकानों के खुदरा बिक्री मूल्य के समतुल्य नहीं मानना चाहिए।

दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में 22K और 24K सोने के खुदरा दाम

देश के प्रमुख शहरों के खुदरा सराफा बाजार में स्थानीय करों और ट्रांसपोर्टेशन लागत के आधार पर अलग-अलग दरें प्रभावी हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने की खुदरा कीमत लगभग 1,43,300 रुपये से 1,43,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में दर्ज की गई है। वहीं आभूषण निर्माण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले 22 कैरेट जेवराती सोने का भाव 1,31,360 रुपये से 1,31,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सराफा बाजारों में भी त्योहारी खरीदारी के चलते भाव मजबूत बने हुए हैं, जहां 24 कैरेट सोना लगभग 1,43,450 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,31,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,31,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया। विभिन्न राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय वैट और नगर निगम शुल्कों के कारण एक ही दिन अलग-अलग शहरों में प्रति 10 ग्राम पर कुछ सौ रुपये का मामूली अंतर दिखाई देना स्वाभाविक है।

चांदी की चमक पर दबाव, खुदरा और वायदा बाजार का बड़ा अंतर

सोने की तरह ही चांदी की कीमतों में भी बीते कारोबारी सत्रों के दौरान मुनाफावसूली का असर देखा गया है। जहां एक तरफ एमसीएक्स वायदा पर चांदी का भाव 1,95,169 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास सिमट गया था, वहीं दिल्ली और उत्तर भारत के खुदरा सराफा बाजारों में हाजिर चांदी का भाव 2,19,900 रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 2,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच दर्ज किया गया।
वायदा और हाजिर बाजार के दामों में दिखने वाले इस अंतर का मुख्य कारण रिफाइनिंग लागत, स्थानीय आयात शुल्क और तैयार सिल्लियों व सिक्कों पर लगने वाला प्रीमियम होता है। औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा घटकों के लिए चांदी की वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे लंबी अवधि में कीमतों को लगातार आधार मिल रहा है।

वैश्विक समीकरण और त्योहारी मांग का घरेलू बाजार पर असर

घरेलू सराफा बाजार में सोने और चांदी के भाव मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से संचालित होते हैं। विदेशी बाजारों में लंदन बुलियन मार्केट और अमेरिकी कॉमेक्स पर सोने की चाल, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के दाम सीधे तौर पर भारतीय आयात लागत को तय करते हैं। इसके अतिरिक्त भारत अपनी घरेलू खपत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अक्टूबर के इस महीने में करवा चौथ, अहोई अष्टमी, धनतेरस, दीवाली और उसके बाद शुरू होने वाले वैवाहिक सीजन के चलते पारंपरिक आभूषणों और सिक्कों की मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है। घरेलू आभूषण कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भले ही कुछ सत्रों में मामूली गिरावट दिखे, लेकिन स्थानीय मांग का दबाव खुदरा कीमतों को बहुत नीचे नहीं आने देता।

Gold-Silver Price 29 October 2026: आभूषण और सिक्के खरीदते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां

त्योहारी सीजन में सोने अथवा चांदी की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को अत्यंत सजग रहने की आवश्यकता होती है। जब भी आप सोने के गहने खरीदें तो केवल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित छह अंकों वाले हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या (HUID) युक्त आभूषणों को ही प्राथमिकता दें। 24 कैरेट सोना निवेश के उद्देश्य से खरीदे जाने वाले सिक्कों और बार के लिए उपयुक्त होता है, जबकि आभूषणों के लिए 22 कैरेट अथवा 18 कैरेट सोने का चयन किया जाता है।
आभूषण खरीदते समय ज्वेलर्स द्वारा लगाए जाने वाले मेकिंग चार्ज और तीन प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) के संबंध में पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। चांदी की खरीद के समय भी उसकी 999 शुद्धता और वजन का इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर सत्यापन कर लेना चाहिए। किसी भी भ्रम से बचने के लिए खरीदारी पर निकलने से पूर्व अपने शहर के अधिकृत बुलियन एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा खुदरा भाव की पुष्टि कर लेना आर्थिक रूप से सबसे सुरक्षित कदम रहता है।

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