Parenting Tips: दिवाली पर पटाखों की आवाज से डरता है बच्चा? माता-पिता इन जरूरी बातों का जरूर ध्यान रखें

Parenting Tips: दिवाली पर पटाखों की आवाज से डरता है बच्चा? माता-पिता इन जरूरी बातों का जरूर ध्यान रखें

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Parenting Tips: दिवाली का त्योहार दीयों की रोशनी, मिठाइयों और परिवार के साथ खुशियां मनाने का मौका होता है। बच्चों को भी यह उत्सव पसंद आता है। लेकिन जैसे ही आसपास पटाखे फूटने लगते हैं, कुछ बच्चे तेज आवाज से घबरा जाते हैं। कोई कान बंद कर लेता है, कोई रोते हुए माता-पिता से लिपट जाता है। कई बार यह डर इतना बढ़ जाता है कि बच्चे को संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में माता-पिता को समझना चाहिए कि बच्चे की यह प्रतिक्रिया सामान्य हो सकती है और उसे डांटने या मजाक उड़ाने के बजाय सही तरीके से संभालना जरूरी है।

पटाखों की अचानक तेज आवाज छोटे बच्चों के लिए समझना आसान नहीं होता। उन्हें पता नहीं होता कि आवाज कहां से आ रही है और कब रुकेगी। इसलिए दिवाली पर बच्चे के डर को हल्के में न लें। सही तरीके से संभालने पर बच्चा सुरक्षित महसूस कर सकता है और त्योहार का आनंद भी ले सकता है। नीचे कुछ जरूरी बातें दी गई हैं जो मदद कर सकती हैं।

बच्चे के डर का मजाक क्यों नहीं उड़ाना चाहिए?

जब बच्चा पटाखों की आवाज सुनकर रोने लगता है तो कई बार माता-पिता कहते हैं कि इसमें डरने की क्या बात है। कुछ लोग उसे बहादुर बनाने के चक्कर में डरपोक भी कह देते हैं। ऐसा करने से डर कम होने के बजाय और बढ़ सकता है। छोटे बच्चे अचानक तेज आवाज को प्रोसेस नहीं कर पाते। उन्हें सुरक्षा की जरूरत होती है।

अगर बच्चा डरकर आपके पास आता है तो उसे डांटने के बजाय प्यार से संभालें। बताएं कि आप उसके साथ हैं और वह सुरक्षित है। उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। जब बच्चा देखता है कि उसके डर को गंभीरता से लिया जा रहा है तो वह ज्यादा सुरक्षित महसूस करता है। मजाक उड़ाने से बच्चे का भरोसा कम हो सकता है।

पटाखों से बच्चे को दूर क्यों रखना चाहिए?

दिवाली पर पटाखे जलाना आम है लेकिन बच्चों को उनके बिल्कुल पास खड़ा करना ठीक नहीं। तेज आवाज से कानों को नुकसान पहुंच सकता है। कोशिश करें कि जब आसपास पटाखे फूट रहे हों तो बच्चा उनसे दूर रहे। अगर बाहर बहुत शोर हो तो बच्चे को घर के ऐसे कमरे में रखें जहां आवाज कम सुनाई दे। खिड़की और दरवाजे बंद करने से आवाज कुछ हद तक कम हो सकती है।

छोटे बच्चों को पटाखे जलाने वाली जगह पर ले जाने से बचें। ईयरमफ या अन्य सुरक्षा उपकरण भी पूरी तरह सुरक्षा नहीं दे सकते। सबसे अच्छा तरीका दूरी बनाए रखना है। बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

बच्चे को पहले से कैसे तैयार करें?

अक्सर बच्चे अचानक होने वाली तेज आवाज से ज्यादा घबराते हैं। दिवाली से पहले आसान शब्दों में बता दें कि त्योहार के दौरान बाहर पटाखों की आवाज सुनाई दे सकती है। समझाएं कि आवाज तेज हो सकती है लेकिन डर लगने पर वे आपके पास आ सकते हैं। अगर पता हो कि शाम को ज्यादा पटाखे फूटेंगे तो बच्चे के लिए पहले से शांत जगह तैयार रखें। वहां उसकी पसंद की किताबें, खिलौने या गेम रख सकते हैं।

बच्चे को आवाज का आदी बनाने के लिए जबरदस्ती तेज शोर में न बैठाएं। अगर वह डर रहा हो तो उसे शांत जगह पर ले जाएं। पहले से बात करने से अचानक का झटका कम हो सकता है।

डरने पर बच्चे को जबरदस्ती चुप क्यों नहीं कराना चाहिए?

जब बच्चा रोने लगता है तो माता-पिता अक्सर तुरंत चुप कराने की कोशिश करते हैं। लेकिन डर लगने पर तुरंत चुप हो जाने के लिए कहना सही नहीं। बच्चे को अपनी भावनाओं को संभालने के लिए थोड़ा समय चाहिए। ऐसी स्थिति में उसे गोद में लें अगर वह चाहे और प्यार से बात करें। बताएं कि आवाज बहुत तेज थी और आप समझ सकते हैं कि वह डर गया।

फिर उसे शांत कमरे में ले जाएं और उसकी पसंद का खेल खेलें या कहानी सुनाएं। इससे उसे शांत होने में मदद मिलती है। जबरदस्ती चुप कराने से डर और बढ़ सकता है।

अगर बच्चा अन्य आवाजों से भी डरता है तो क्या करें?

अगर बच्चा सिर्फ पटाखों से नहीं बल्कि मिक्सर, प्रेशर कुकर या अन्य सामान्य आवाजों से भी ज्यादा घबराता है तो ध्यान देना जरूरी है। हर बच्चे की प्रतिक्रिया अलग होती है। दूसरे बच्चों से तुलना न करें और न ही जबरदस्ती ऐसी आवाजें सुनने को कहें। अगर डर नींद, रोजमर्रा के काम या सामान्य गतिविधियों पर असर डाल रहा हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। डॉक्टर सही मार्गदर्शन दे सकते हैं।

दिवाली पर बच्चे के साथ दीये सजाना, रंगोली बनाना, मिठाइयां तैयार करना या घर पर गेम खेलना भी अच्छा विकल्प है। इससे बच्चा त्योहार का हिस्सा बन सकता है बिना तेज आवाज के। हर बच्चे के लिए दिवाली मनाने का तरीका अलग हो सकता है। माता-पिता का काम बच्चे को जबरदस्ती बहादुर बनाना नहीं बल्कि सुरक्षित महसूस कराना है। जब आप उसके डर को समझेंगे तो वह भी त्योहार का आनंद ज्यादा आराम से ले सकेगा।

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