Gold-Silver Price 2 October 2026: सोना ₹1.50 लाख के पार, चांदी ₹2.26 लाख के करीब
सोना ₹1.50 लाख के पार और चांदी ₹2.26 लाख के करीब, जानें प्रमुख शहरों के ताजा भाव
Gold-Silver Price 2 October 2026: त्योहारों के आगमन से ठीक पहले भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल और ऐतिहासिक तेजी दर्ज की जा रही है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी के भाव रिकॉर्ड ऊंचे स्तरों पर बने हुए हैं। 1 अक्टूबर को जारी ऑल इंडिया बुलियन बेंचमार्क के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 999 शुद्धता वाला 24 कैरेट सोना ₹1,50,706 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 999 शुद्धता वाली चांदी ₹2,26,077 प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दिसंबर अनुबंध वाला सोना ₹1.50 लाख के स्तर को छूता हुआ ₹1,49,952 प्रति 10 ग्राम और चांदी वायदा ₹2,25,956 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति और मजबूत औद्योगिक मांग के चलते सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में बुलियन की खरीदारी में तेजी बनी हुई है।
Gold-Silver Price 2 October 2026: 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर
सर्राफा बाजार में निवेश और आभूषण निर्माण के उद्देश्य से सोने की शुद्धता को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। 24 कैरेट (999 शुद्धता) सोने को सबसे शुद्ध माना जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सोने की सिल्लियों (Gold Bars) और सिक्कों के रूप में निवेश के लिए किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, आभूषणों के निर्माण में मुख्य रूप से 22 कैरेट सोने का उपयोग होता है, जिसमें स्थायित्व और मजबूती प्रदान करने के लिए तांबा या चांदी जैसी अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं।
बाजार के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जहां 24 कैरेट सोने का सांकेतिक भाव ₹1,47,790 से ₹1,50,706 प्रति 10 ग्राम के बीच चल रहा है, वहीं 22 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,37,090 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। आभूषण खरीदारों को यह ध्यान रखना आवश्यक है कि 22 कैरेट सोने के आधार पर बनने वाली ज्वेलरी की अंतिम कीमत केवल धातु के भाव पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसमें ज्वेलर का मेकिंग चार्ज (Making Charges), 3% जीएसटी (GST) और हॉलमार्किंग शुल्क भी जोड़ा जाता है।
चांदी की कीमतों में तेज हलचल: ₹2.26 लाख प्रति किलो पर टिका भाव
चांदी के बाजार में भी हाल के दिनों में अभूतपूर्व तेजी और उतार-चढ़ाव का दौर देखा गया है। ऑल इंडिया बुलियन बेंचमार्क में 999 शुद्धता वाली चांदी ₹2,26,077 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जिसमें पिछले सत्र की तुलना में ₹2,768 की मामूली गिरावट रही। हालांकि, वायदा बाजार में भाव अभी भी ₹2.26 लाख के स्तर के इर्द-गिर्द मजबूती से टिके हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमत में इस बड़ी तेजी के पीछे केवल आभूषण या निवेश की मांग नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में आई जबरदस्त वृद्धि मुख्य कारण है। सौर ऊर्जा (Solar Panels), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। इसके चलते औद्योगिक मांग का दबाव चांदी की कीमतों को सोने की तुलना में अधिक अस्थिर और तेज बना रहा है।
दिल्ली और मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज का भाव
देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय परिवहन शुल्क, सर्राफा संघों के प्रीमियम और वैट संरचना के कारण सोने और चांदी के खुदरा भाव में मामूली अंतर देखा जाता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,44,530 से ₹1,47,790 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,37,090 प्रति 10 ग्राम के आसपास कोट किया जा रहा है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,47,730 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,35,320 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया। वहीं मुंबई में चांदी ₹2,20,277 प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध रही। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक और धार्मिक महत्व वाले बाजार वाराणसी में 999 शुद्धता वाली चांदी ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम (₹2,350 प्रति 10 ग्राम) के ऊंचे खुदरा स्तर पर पहुंच गई, जहां पूजा और पारंपरिक बर्तनों की स्थानीय मांग भाव को सहारा दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल और घरेलू प्रभाव
वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों पर कई वृहद आर्थिक कारक एक साथ असर डाल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड लगभग $4,159.11 प्रति औंस के आसपास स्थिर कारोबार करता देखा गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनुमान और अमेरिकी मुद्रास्फीति के अपेक्षा से नरम आंकड़ों ने सोने को निचली कीमतों पर ठोस सहारा दिया है।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में सुधार से सोने की तेज दौड़ पर हल्का अंकुश भी लगा है। भारत के परिप्रेक्ष्य में, अंतरराष्ट्रीय डॉलर मूल्य के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) की विनिमय दर भी आयातित सोने की लागत तय करने में निर्णायक भूमिका निभाती है। रुपये में किसी भी प्रकार की कमजोरी घरेलू बाजार में सोने के भाव को सीधे ऊपर खींच लेती है।
त्योहारी सीजन में खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान
आगामी नवरात्र, धनतेरस और दीपावली के त्योहारी सीजन को देखते हुए यदि आप भौतिक सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी करते समय पारदर्शिता बरतना बेहद जरूरी है। ग्राहकों को हमेशा बीआईएस हॉलमार्क (BIS Hallmark) और 6 अंकों वाले एचयूआईडी (HUID) कोड वाले आभूषण ही खरीदने चाहिए, जो धातु की शुद्धता की कानूनी गारंटी देते हैं।
इसके अलावा, बिलिंग के समय सोने का कुल वजन, शुद्धता (22K या 18K), उस दिन का आधार भाव, मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी का अलग-अलग विवरण अवश्य जांचें। डिजिटल निवेश के इच्छुक निवेशक केवल भौतिक गहनों तक सीमित रहने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं, जहां मेकिंग चार्ज की बचत होती है।
Gold-Silver Price 2 October 2026: बुलियन बाजार की आगे की दिशा
2 अक्टूबर 2026 को सोने का ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी का ₹2.26 लाख प्रति किलोग्राम के पास बने रहना यह दर्शाता है कि निवेशकों का विश्वास मूल्यवान धातुओं पर दृढ़ बना हुआ है। अल्पकालिक आधार पर मुनाफावसूली या तकनीकी सुधार के चलते कीमतों में कुछ हजार रुपये का उतार-चढ़ाव आ सकता है, किंतु वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मौसमी मांग इसे दीर्घकालिक आधार प्रदान कर रही है। ग्राहकों को किसी भी बड़े लेन-देन से पूर्व अपने नजदीकी पंजीकृत सर्राफा व्यापारी से उस समय के लाइव काउंटर रेट की पुष्टि अवश्य कर लेनी चाहिए।
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