Gold-Silver Price 26 May 2026: दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड ₹1.59 लाख के पार, वैश्विक तनाव और बढ़ती मांग से निवेशकों में बढ़ा उत्साह
वैश्विक तनाव और मजबूत मांग से सराफा बाजार में रिकॉर्ड तेजी दर्ज
Gold-Silver Price 26 May 2026: भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की आशंकाओं और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें मजबूत हुई हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत दिल्ली में 1,59,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गई है, जबकि चांदी भी 2,87,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। ज्वेलर्स और निवेशकों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से शादी के सीजन और त्योहारों की तैयारियों में खरीदारी प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में आज के भाव
26 मई को दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 15,950 रुपये प्रति ग्राम या 1,59,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। 22 कैरेट सोना 14,620 रुपये प्रति ग्राम के आसपास है। चांदी का भाव 287 रुपये प्रति ग्राम या 2,87,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
एनसीआर के अन्य शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी कीमतें लगभग समान हैं। स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में सोने में करीब 1,200 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है Lights Max।
मुंबई और महाराष्ट्र: सबसे ज्यादा कीमतें
मुंबई में सोने की कीमतें हमेशा थोड़ी ऊंची रहती हैं। यहां 24 कैरेट सोना 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट 14,650 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है। चांदी 2,88,500 रुपये प्रति किलोग्राम है।
महाराष्ट्र के अन्य शहरों पुणे, नागपुर और नासिक में भी कीमतों में तेजी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि आयातित सोने पर लगने वाली ड्यूटी और रुपए की कमजोरी इस बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हैं।
कोलकाता और पूर्वी भारत का हाल
कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,59,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,86,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। पूर्वी भारत में सोने की खरीदारी मुख्य रूप से निवेश और जेवरात के लिए होती है, लेकिन महंगे भावों ने छोटे खरीदारों को कूटनीतिक रूप से थोड़ा सतर्क कर दिया है।
चेन्नई, बेंगलुरु और दक्षिण भारत
दक्षिण भारत में सोने की मांग हमेशा मजबूत रहती है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,60,200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि बेंगलुरु में 1,59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चांदी यहां 2,89,000 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब है। केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में शादी के सीजन की वजह से मांग काफी बढ़ी हुई है, जिससे कीमतों पर और कूटनीतिक दबाव पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,560 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया है। ईरान-इजराइल संबंधित तनाव और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना आयातक देश है।
रुपए के मुकाबले डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता ने घरेलू कीमतों को प्रभावित किया है। चांदी भी औद्योगिक मांग के कारण मजबूत हुई है, खासकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में।
निवेशकों और ज्वेलर्स की प्रतिक्रिया
कई निवेशक इस बढ़ोतरी को अच्छा मौका मान रहे हैं और गोल्ड ईटीएफ (ETF) व सोने से जुड़े म्यूचुअल फंड्स में निवेश बढ़ा है। ज्वेलर्स का कहना है कि मेकिंग चार्जेस बढ़ाकर ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए जेवरात खरीदना थोड़ा महंगा पड़ रहा है और कई लोग सिल्वर ज्वेलरी की ओर रुख कर रहे हैं।
Gold-Silver Price 26 May 2026: भविष्य की कूटनीतिक संभावनाएं
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर वैश्विक तनाव जारी रहा तो सोना 1,62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। जेपी मॉर्गन जैसी वित्तीय संस्थाओं ने 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5,000 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य रखा है।
चांदी भी 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को छू सकती है, हालांकि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है तो कुछ सुधार भी संभव है।
राज्यवार भावों में अंतर
भारत में सोने-चांदी की कीमतें राज्यवार वैट और अन्य स्थानीय टैक्स के कारण अलग-अलग होती हैं। उत्तर प्रदेश में लखनऊ में 24 कैरेट सोना लगभग 1,59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि राजस्थान के जयपुर में यह और भी ऊंचा है। दक्षिण के राज्यों में मेकिंग चार्जेस ज्यादा होने से अंतिम कीमत प्रभावित होती है।
उपभोक्ताओं के लिए कुछ जरूरी सलाह
किसी भी प्रकार की खरीदारी से पहले कई अलग-अलग ज्वेलर्स से भाव की तुलना करें। हमेशा बीआईएस (BIS) हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीदें। दीर्घकालिक निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड या सोने के ईटीएफ पर विचार करना एक बेहतर कूटनीतिक विकल्प हो सकता है। चांदी खरीदते समय शुद्धता की जांच अवश्य कराएं तथा अनावश्यक खरीदारी से बचकर बाजार के ट्रेंड पर बारीक नजर रखें।
Gold-Silver Price 26 May 2026: देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला प्रभाव
सोने-चांदी की महंगाई का सीधा असर देश के आयात बिल पर पड़ता है। भारत का सोने का आयात व्यापार घाटे को बढ़ाता है, जिसे नियंत्रित करने के लिए सरकार कभी-कभी ड्यूटी बढ़ा देती है। इसके अलावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सोना सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इन कीमतों का किसानों पर भी सीधा असर पड़ता है।
निष्कर्ष
26 मई 2026 को सोने और चांदी के भावों में हुई तेजी ने बाजार को नई दिशा दी है। वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मांग के बीच निवेशक सतर्क रणनीति अपना रहे हैं। विशेषज्ञों की कूटनीतिक सलाह है कि लंबे समय के लिए सोना अच्छा निवेश है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव के लिए पूरी तरह तैयार रहें। नागरिकों से अपील है कि वे आधिकारिक स्रोतों से भाव जांचकर ही खरीदारी करें। आने वाले दिनों में और बदलाव की संभावना है, इसलिए सुरक्षित निवेश करें और बाजार की नब्ज पर नजर बनाए रखें।
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