Gold-Silver Price 24 May 2026: दिल्ली में 24K गोल्ड ₹1,60,500 पहुंचा, निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार और डॉलर की चाल पर
दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज
Gold-Silver Price 24 May 2026: देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के कारण कीमती धातुओं के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,60,500 पहुंच गई है, जबकि चांदी ₹2,83,500 प्रति किलो पर है।
शादी के सीजन और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की तलाश के कारण गोल्ड की मांग मजबूत बनी हुई है। चांदी भी औद्योगिक उपयोग और सोलर एनर्जी सेक्टर की बढ़ती मांग के कारण अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आइए जानते हैं आज के ताजा भाव, शहर-वार स्थिति, अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और निवेश की रणनीति के बारे में विस्तार से।
दिल्ली में गोल्ड-सिल्वर की स्थिति
दिल्ली के जेवराती बाजार में आज 24 कैरेट (999 शुद्ध) गोल्ड की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,60,500 है। 22 कैरेट गोल्ड ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि चांदी की कीमत ₹2,83,500 प्रति किलो पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में गोल्ड में ₹700 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
एनसीआर (NCR) के अन्य शहरों नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर हैं। त्योहारों और शादी के सीजन की तैयारी में गोल्ड की खरीदारी काफी कूटनीतिक रूप से बढ़ गई है।
मुंबई में सबसे महंगा गोल्ड
मुंबई में गोल्ड की कीमतें हमेशा की तरह थोड़ी ऊंची ही रहती हैं। यहाँ 24K गोल्ड 10 ग्राम ₹1,61,200 पर पहुंच गया है, वहीं 22K गोल्ड ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। इसके साथ ही चांदी ₹2,85,000 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।
महाराष्ट्र में उच्च स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण सोने-चांदी की कुल लागत काफी बढ़ जाती है। इसके बावजूद मुंबई के प्रमुख जेवराती बाजार जैसे जावेरी बाजार में आज भी ग्राहकों की अच्छी चहल-पहल देखी गई है।
कोलकाता, चेन्नई और अन्य शहरों के भाव
कोलकाता में 24K गोल्ड ₹1,60,200 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,82,800 प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। चेन्नई में गोल्ड का भाव ₹1,60,800 और चांदी का भाव ₹2,84,200 पर देखा गया है। बेंगलुरु में गोल्ड ₹1,60,400 और चांदी ₹2,83,800 प्रति किलो पर स्थिर बनी हुई है।
हैदराबाद में गोल्ड ₹1,61,000 पर पहुंच गया है, जबकि जयपुर, लखनऊ और पटना में भी कीमती धातुओं की कीमतें कूटनीतिक रूप से काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
Gold-Silver Price 24 May 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार का गहरा असर
वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड प्रति औंस 2,670 डॉलर के आसपास बना हुआ है और चांदी प्रति औंस 32.80 डॉलर के करीब पहुंच गई है। मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही गोल्ड खरीदारी ने कीमतों को मजबूत सपोर्ट दिया है।
भारत में रुपए की विनिमय दर 84.70 के स्तर पर होने से सोने का आयात कूटनीतिक रूप से महंगा पड़ रहा है। एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में आज हल्की तेजी के साथ कारोबार देखा गया।
निवेशकों का रुझान और बाजार का मूड
वैश्विक परिस्थितियों के बीच निवेशकों में गोल्ड को सबसे सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है। शादी के सीजन में फिजिकल गोल्ड, सिक्के और पारंपरिक जेवर की मांग काफी बढ़ी हुई है, जबकि कई लोग सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में भी निवेश करना पसंद कर रहे हैं।
चांदी की मांग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा क्षेत्र से लगातार बढ़ रही है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में गोल्ड ₹1,65,000 प्रति 10 ग्राम तक भी जा सकता है।
पिछले एक महीने का ट्रेंड
मई 2026 के शुरुआती दिनों में गोल्ड ₹1,54,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। इसके बाद मध्य मई में अचानक एक तेज उछाल आया और अब यह ₹1,60,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर स्थिर बना हुआ है। इसी तरह चांदी में भी ₹18,000 से ₹22,000 प्रति किलो तक की कूटनीतिक बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
मौजूदा स्तर पर बाजार साइडवेज ट्रेंड दिखा रहा है और जून में आगामी बजट तथा मानसून के आगमन के बाद नई आर्थिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
गोल्ड-सिल्वर खरीदने की कूटनीतिक सलाह
यदि आप इस समय सोने या चांदी की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो हमेशा बीआईएस (BIS) हॉलमार्क वाले प्रामाणिक प्रोडक्ट ही खरीदें। खरीदारी से पहले मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य अतिरिक्त खर्चों की पूरी जानकारी पहले से ले लें।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर कीमतों की अच्छी तरह तुलना कर लें। हमेशा लंबी अवधि यानी 3 से 5 साल को ध्यान में रखकर ही निवेश करें और डिजिटल माध्यमों में एसआईपी (SIP) मोड में गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड में निवेश करना कूटनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।
महिलाओं और युवा निवेशकों का बढ़ता रुझान
आधुनिक समय में देश की महिलाएं और विशेष रूप से युवा पीढ़ी गोल्ड को सिर्फ पारंपरिक जेवर के रूप में नहीं बल्कि एक बेहतरीन निवेश माध्यम के रूप में देख रही है। डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है क्योंकि इनमें मेकिंग चार्ज, स्टोरेज और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं होती। वैसे शादी-ब्याह के पारंपरिक सीजन के कारण इस समय बाजार में 22K जेवर की डिमांड सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
आर्थिक और वैश्विक कारक
देश की आंतरिक महंगाई, बैंकिंग ब्याज दरें, भू-राजनीतिक घटनाएं और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति गोल्ड-सिल्वर की घरेलू कीमतों को कूटनीतिक रूप से प्रभावित करती हैं। अगर भारतीय रुपया और ज्यादा कमजोर होता है तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2026 के अंत तक गोल्ड अपने निवेशकों को काफी अच्छा रिटर्न दे सकता है, जबकि चांदी में भी बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण लंबी तेजी की पूरी उम्मीद है।
टैक्स संरचना और अन्य महत्वपूर्ण बातें
भारत में कानूनी रूप से गोल्ड की हर नई खरीद पर 3% का वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होता है। इसके अलावा यदि आप अपना पुराना गोल्ड बेचते हैं तो उस पर नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स भी देय होता है। इसलिए कोई भी बड़ी कूटनीतिक खरीदारी करने से पहले बाजार के इन सभी वित्तीय पहलुओं को अच्छी तरह समझ लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
निष्कर्ष
24 मई 2026 को गोल्ड और सिल्वर की कीमतें अपने उच्चतम स्तर के आसपास हल्की तेजी के साथ बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशकों को मौजूदा बाजार स्तर पर थोड़ी कूटनीतिक सावधानी बरतनी चाहिए। लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए गोल्ड आज भी सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो में विविधीकरण करना बेहद जरूरी है। चाहे आप फिजिकल गोल्ड खरीद रहे हों या डिजिटल रूप में निवेश कर रहे हों, सही समय पर सही फैसला लेना ही सफल निवेश की असली कुंजी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार में स्थिरता बनी रहेगी और निवेशकों को अच्छा कूटनीतिक रिटर्न मिलेगा।
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