Gold-Silver Price 12 August 2026: जानिए दिल्ली, मुंबई समेत देश के प्रमुख शहरों में 24K और 22K गोल्ड के ताजा भाव और ऑल टाइम हाई का पूरा गणित

24K सोना ₹1.55 लाख के करीब, चांदी ₹2.40 लाख प्रति किलो तक पहुंची

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Gold-Silver Price 12 August 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में 12 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी का रुख बरकरार है। वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की बढ़ती मांग और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच घरेलू बाजार में सोने और चांदी के भाव ऐतिहासिक ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन और वायदा बाजार से मिले संकेतों के मुताबिक, देश के अधिकांश बड़े शहरों में 24 कैरेट शुद्ध सोना 1.52 लाख रुपये से 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच पहुंच चुका है। वहीं दूसरी ओर, औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के आकर्षण के चलते चांदी की कीमतें भी 2.34 लाख रुपये से 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे दायरे में मजबूती से टिकी हुई हैं।

वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में लगातार हो रहा इजाफा और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों को लेकर बनी अनिश्चितता इस अप्रत्याशित उछाल के मुख्य कारक माने जा रहे हैं। भारतीय बाजारों में त्योहारी मौसम और आगामी विवाह सीजन की तैयारियों के चलते भी स्थानीय आभूषण निर्माताओं और खुदरा खरीदारों की ओर से सर्राफा बाजार को भारी समर्थन मिल रहा है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय करों, चुंगी और ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण विभिन्न शहरों में अंतिम खुदरा कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इस तेजी के दौर में आम खरीदारों और दीर्घकालिक निवेशकों दोनों के लिए बाजार की बारीकियों और शुद्धता के पैमानों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।

Gold-Silver Price 12 August 2026: 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के वर्तमान भाव का विस्तृत विश्लेषण

देश के राष्ट्रीय सर्राफा बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमतें अपने चरम स्तर के करीब बनी हुई हैं। 12 अगस्त को 24 कैरेट सोने का थोक और खुदरा कारोबार 1.52 लाख रुपये से लेकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में दर्ज किया जा रहा है। सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, शुद्धता के उच्च मानक 999 फाइननेस वाले इस सोने की मांग मुख्य रूप से डिजिटल गोल्ड, बुलियन बार और सिक्कों में निवेश करने वाले संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों द्वारा की जा रही है। पिछले कुछ सत्रों की तुलना में सोने के ग्राफ में देखी गई यह बढ़त भारतीय मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य और आयात शुल्क के संयुक्त प्रभावों को दर्शाती है।

दूसरी तरफ, भारतीय आभूषण बाजार में सबसे ज्यादा लोकप्रिय और इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में भी तगड़ा उछाल देखा जा रहा है। 916 हॉलमार्क वाली इस ज्वेलरी क्वालिटी गोल्ड का भाव वर्तमान में 1.39 लाख रुपये से 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। इसके साथ ही दैनिक उपयोग के हल्के आभूषणों और डिजाइनर गहनों में इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने के दाम भी इसी अनुपात में बढ़कर अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि हालांकि ऊंची कीमतों के कारण आम ग्राहकों की ओर से सोने के वजन के आधार पर खरीदारी थोड़ी प्रभावित हुई है, लेकिन मूल्य के लिहाज से बाजार में कुल कारोबार का ग्राफ काफी ऊंचा बना हुआ है।

चांदी की कीमतों में उछाल और औद्योगिक मांग की स्थिति

सर्राफा बाजार में केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की चमक भी बेहद तेज बनी हुई है। देश भर के प्रमुख बाजारों में एक किलोग्राम शुद्ध चांदी का खुदरा और थोक भाव 2.34 लाख रुपये से लेकर 2.40 लाख रुपये के स्तर के बीच घूम रहा है। पिछले कुछ समय में चांदी ने सोने के मुकाबले अधिक आक्रामक और तेज उतार-चढ़ाव का प्रदर्शन किया है। इस उछाल के पीछे केवल व्यक्तिगत निवेश या पारंपरिक आभूषणों की मांग ही नहीं है, बल्कि दुनिया भर में हरित ऊर्जा और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में चांदी की बढ़ती अनिवार्य खपत सबसे बड़ा कारण बनकर उभरी है।

सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G तकनीक में चांदी के व्यापक औद्योगिक उपयोग ने इसके बुनियादी समर्थन को बेहद मजबूत बना दिया है। यही कारण है कि बड़े संस्थागत फंडों के साथ-साथ छोटे और मध्यम निवेशक भी चांदी को एक भरोसेमंद संपत्ति के रूप में देख रहे हैं। सोने की तुलना में प्रति ग्राम कम कीमत होने के कारण यह आम निवेशकों के लिए एक सुलभ और आकर्षक विकल्प साबित हो रही है। हाजिर बाजार में मांग और आपूर्ति के अंतर को देखते हुए कारोबारियों का अनुमान है कि चांदी में आने वाले दिनों में भी मजबूती का यह दौर जारी रह सकता है।

देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में सोना-चांदी का संभावित भाव

देश की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 12 अगस्त को 24 कैरेट सोने की खुदरा कीमत 1.54 लाख रुपये से 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहने का अनुमान है, जबकि 22 कैरेट आभूषण सोने का भाव 1.41 लाख रुपये से 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में देखा जा रहा है। मुंबई के प्रसिद्ध जावेरी बाजार में भी दरें दिल्ली के काफी करीब बनी हुई हैं। देश की आर्थिक राजधानी में स्थानीय वैट और परिवहन लागत के समायोजन के बाद 24 कैरेट सोना इसी उच्च ब्रैकेट में कारोबार कर रहा है। कोलकाता और चेन्नई के बाजारों में दक्षिणी और पूर्वी भारत की विशेष मांग के चलते सोना और चांदी राष्ट्रीय औसत से कुछ रुपये ऊपर बिक रहे हैं।

उत्तर और मध्य भारत के अन्य प्रमुख व्यापारिक केंद्रों जैसे जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना और इंदौर में भी सोने-चांदी के तेवर काफी सख्त हैं। जयपुर और अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू रहा है। वहीं इन सभी शहरों में एक किलोग्राम शुद्ध चांदी का भाव 2.35 लाख रुपये से 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय सर्राफा संघों द्वारा जारी किए जाने वाले दैनिक रेट में दिन चढ़ने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय हाजिर बाजार और एमसीएक्स (MCX) के वायदा सौदों के आधार पर कुछ सौ रुपये का फेरबदल हो सकता है।

वैश्विक और घरेलू बाजार के वे कारक जो बढ़ा रहे हैं कीमतें

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय परिदृश्य में सोने को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद संपत्ति माना जाता है। वर्तमान समय में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती या बदलाव को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच वैश्विक निवेशकों ने अपना फंड शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे परिसंपत्तियों से निकालकर सर्राफा बाजार में लगाना शुरू कर दिया है। इसके अतिरिक्त, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आ रही बाधाओं ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की अंतर्राष्ट्रीय हाजिर कीमतों को भारी समर्थन दिया है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में आने वाले उतार-चढ़ाव से भी सोने की कीमतों को बल मिल रहा है।

घरेलू मोर्चे पर भारत में आगामी त्योहारी सीजन और विवाह की तैयारियों के चलते बहुमूल्य धातुओं की हाजिर मांग काफी तेज हो गई है। भारतीय संस्कृति में सोने को केवल आभूषण के रूप में ही नहीं, बल्कि वित्तीय सुरक्षा के एक मजबूत स्तंभ के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा भारतीय रुपये की विनिमय दर में होने वाले बदलाव और केंद्र सरकार द्वारा लागू की जाने वाली आयात शुल्क नीतियां सीधे तौर पर देश के भीतर सोने-चांदी की लैंडिंग कॉस्ट तय करती हैं। चांदी के मामले में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में औद्योगिक मांग का लगातार बढ़ना और सौर ऊर्जा क्षेत्र से आने वाले बड़े ऑर्डर इसकी कीमतों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

निवेशकों और आम खरीदारों के लिए सर्राफा विशेषज्ञों की सलाह

सोने और चांदी के मौजूदा उच्च रिकॉर्ड स्तरों को देखते हुए बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आम उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों को बहुत सोच-समझकर और रणनीति बनाकर कदम उठाना चाहिए। आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल बीआईएस (BIS) हॉलमार्क वाले प्रमाणित सोने के गहने ही खरीदें। खरीदारी के समय 6 अंकों वाले एचयूआईडी (HUID) नंबर की जांच करना अनिवार्य है, जो सोने की सटीक शुद्धता और उसकी प्रामाणिकता की गारंटी देता है। ग्राहकों को दुकानदारों से आभूषण के कुल वजन, सोने की कैरेट दर और मेकिंग चार्ज का स्पष्ट और अलग-अलग ब्यौरा देने वाले बिल की मांग करनी चाहिए।

दूसरी ओर, जो लोग केवल निवेश के उद्देश्य से सर्राफा बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं, उनके लिए भौतिक सोना रखने के बजाय डिजिटल विकल्पों पर विचार करना अधिक फायदेमंद हो सकता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ईटीएफ (ETF) और डिजिटल गोल्ड जैसे माध्यमों में निवेश करने से चोरी होने का जोखिम खत्म हो जाता है और मेकिंग चार्ज का अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ता। चांदी में निवेश करने की इच्छा रखने वाले छोटे निवेशकों को भौतिक चांदी की छड़ें या सिक्के खरीदते समय विक्रेता की विश्वसनीयता और 999 शुद्धता प्रमाणन का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि भविष्य में इसे बेचते समय किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े।

Gold-Silver Price 12 August 2026: आगामी दिनों में कैसा रहेगा बाजार का रुझान और क्या हैं संभावनाएं

12 अगस्त 2026 के बाद भी सर्राफा बाजार में तेजी का प्राथमिक रुझान बने रहने की मजबूत संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में आने वाले वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, विशेषकर अमेरिकी मुद्रास्फीति और रोजगार संबंधी रिपोर्टों के जारी होने के बाद अल्पकालिक स्तर पर कुछ मुनाफावसूली या सुधार की स्थिति देखने को मिल सकती है। यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में कोई तकनीकी करेक्शन आता है, तो भारतीय बाजारों में भी कुछ समय के लिए दरों में हल्की गिरावट आ सकती है, जिसे विशेषज्ञों द्वारा लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक नया खरीदारी अवसर माना जाएगा।

दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ाने की नीति और औद्योगिक क्षेत्र में चांदी की अटूट मांग के कारण दोनों धातुओं का भविष्य काफी मजबूत नजर आ रहा है। जैसे-जैसे भारत में रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहार नजदीक आएंगे, भारतीय खुदरा बाजार में मांग का दबाव और बढ़ सकता है। इसलिए सर्राफा बाजार में दैनिक आधार पर नजर बनाए रखना और किसी भी बड़े निवेश से पूर्व अपने वित्तीय सलाहकारों व स्थानीय विश्वसनीय ज्वैलर्स से परामर्श लेना ही बुद्धिमत्तापूर्ण फैसला होगा।

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