NH-9 Traffic Jam: गाजियाबाद में NH-9 पर 12 किलोमीटर लंबा जाम, कांवड़ यात्रा डायवर्जन से 15 मिनट का सफर बना 1-2 घंटे की मुसीबत

कांवड़ यात्रा के डायवर्जन से NH-9 पर बढ़ा ट्रैफिक, 1-2 घंटे में पूरा हुआ 15 मिनट का सफर

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NH-9 Traffic Jam: गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर लागू किए गए नए यातायात डायवर्जन का सीधा असर सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH-9) पर देखने को मिला। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) को कांवड़ियों के लिए आरक्षित किए जाने के बाद एनएच-9 पर अचानक वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे करीब 12 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। सप्ताह का पहला कामकाजी दिन होने के कारण दफ्तर, स्कूल और व्यावसायिक कार्यों के लिए निकले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आम दिनों में महज 15 मिनट में पूरा होने वाला रास्ता पार करने में चालकों को एक से दो घंटे का समय लग रहा है।

लालकुआं जीटी रोड, एनएच-9, राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड रोड, राजनगर एक्सटेंशन मुख्य मार्ग, एक्सटेंशन चौराहा और शाहबेरी रोड जैसे प्रमुख संपर्कों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं। अचानक हुए इस यातायात संकुलन से पूरा शहर प्रभावित नजर आ रहा है और प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

NH-9 Traffic Jam: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बंद होने से एनएच-9 पर बढ़ा वाहनों का दबाव

कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए पुलिस प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सामान्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया है। सारा यातायात एनएच-9 और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ दिया गया है। अचानक मुख्य एक्सप्रेसवे बंद होने और वैकल्पिक मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैफिक का लोड आने से एनएच-9 की मुख्य लेन और सर्विस रोड पूरी तरह से अवरुद्ध हो गईं।

चिलचिलाती धूप और गर्म मौसम के बीच घंटों जाम में फंसे वाहन चालकों का बुरा हाल हो गया। ट्रैफिक पुलिस की कई टीमें मौके पर गश्त कर रही हैं और बोटलनेक बिंदुओं पर वाहनों को धीरे-धीरे निकालने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, वाहनों की अत्यधिक संख्या और डायवर्जन के सख्त नियमों के कारण यातायात व्यवस्था को सामान्य करने में काफी समय लग रहा है।

शहर की अंदरूनी सड़कों और संपर्क मार्गों पर भी लगा लंबा जाम

मुख्य राजमार्गों पर डायवर्जन का प्रतिकूल प्रभाव गाजियाबाद शहर के अंदरूनी हिस्सों पर भी देखने को मिला है। मेरठ रोड, जीटी रोड और राजनगर एक्सटेंशन के आसपास की संपर्क सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई है। एनएच-9 के मुख्य जाम से बचने के लिए चालकों ने जैसे ही वैकल्पिक और छोटे रास्तों का रुख किया, उन तंग मार्गों पर भी भारी वाहनों और कारों का हुजूम जमा हो गया।

सुबह के पीक आवर्स के दौरान दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों की बसों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाणिज्यिक वाहनों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी समय पर संचालित नहीं हो सकीं, जिससे बस स्टैंडों और ऑटो स्टैंडों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं।

शिवरात्रि के मद्देनजर मुरादनगर-मोदीनगर में डाक कांवड़ का बढ़ा दबाव

स्थानीय पुलिस प्रशासन के अनुसार, मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र से हरिद्वार से जल लेकर लौटने वाले पैदल कांवड़ियों का सिलसिला अंतिम चरणों में पहुंच चुका है। अब सड़कों पर तेज गति से चलने वाले डाक कांवड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। मंगलवार को महाशिवरात्रि का मुख्य पर्व होने के कारण शिवभक्त तेजी से अपने गंतव्यों और शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं।

इसी वजह से प्रशासन ने मुख्य मार्गों पर वाहनों की पूरी आवाजाही रोककर उन्हें दूसरे मार्गों पर परिवर्तित किया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर सीधी नजर रखे हुए हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

कारोबार और सामान्य जनजीवन पर असर, प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती

सड़क पर लगे इस लंबे जाम का प्रतिकूल असर स्थानीय कारोबार और दैनिक दिनचर्या पर भी पड़ा है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि सुबह के समय माल वाहक वाहनों के जाम में फंसने से बाजारों में वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। कई निजी संस्थानों में कर्मचारी देरी से पहुंचे, जिससे व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।

प्रशासन के सामने एक तरफ लाखों कांवड़ियों की यात्रा को सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने का जिम्मा है, तो दूसरी तरफ स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, यह सुनिश्चित करने की दोहरी चुनौती है। ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शिवरात्रि जलाभिषेक पूरा होने के बाद ही स्थिति में पूर्ण सुधार की उम्मीद है।

NH-9 Traffic Jam: यातायात पुलिस की एडवाइजरी और वैकल्पिक मार्गों के उपयोग की सलाह

स्थिति को देखते हुए गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, सुबह और शाम के पीक समय में एनएच-9 पर निजी वाहनों से जाने से बचें। यात्रा के लिए यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन अथवा वैकल्पिक रूट के रूप में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करें।

सोशल मीडिया मंचों पर भी लोग जाम की तस्वीरें और वीडियो साझा कर प्रशासनिक व्यवस्था में और सुधार की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि मंगलवार दोपहर बाद कांवड़ मुख्य मार्गों से निकलने के बाद यातायात डायवर्जन में ढील दी जाएगी, जिससे गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही पुनः सामान्य हो सकेगी।

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