Gold – Silver Prices 10 August 2026: 10 अगस्त 2026 को जानें 24K, 22K सोने का भाव और चांदी का ताजा रेट

24K और 22K सोने के साथ चांदी के भाव रिकॉर्ड स्तर पर, जानें दिल्ली-मुंबई के रेट

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Gold – Silver Prices 10 August 2026: देश के सर्राफा बाजार में 10 अगस्त 2026 को बहुमूल्य धातुओं—सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तरों के पास स्थिर बनी हुई हैं। रविवार को बाजार में साप्ताहिक अवकाश होने के कारण 9 अगस्त के अंतिम बंद भाव ही सोमवार सुबह के कारोबार के लिए प्राथमिक आधार बने रहेंगे। वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और अमेरिकी केंद्रीय बैंक से जुड़ी दरों की संभावनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव लगभग 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास मजबूत टिके हुए हैं। इसके सीधा असर घरेलू बाजार पर भी देखा जा रहा है। भारतीय बाजारों में 24 कैरेट सोना 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार दर्ज किया गया है, जबकि औद्योगिक मांग और निवेश गतिविधियों के बल पर चांदी भी 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर की श्रेणियों में बनी हुई है।

Gold – Silver Prices 10 August 2026: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सोने और चांदी के वर्तमान भाव

देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 10 अगस्त 2026 को 24 कैरेट (99.9% शुद्धता) सोने की कीमत लगभग 1,52,550 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रिकॉर्ड की गई है। वहीं, आभूषण निर्माण में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट (91.6% शुद्धता) सोने का भाव लगभग 1,39,850 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। हल्के गहनों के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट सोना भी 1,14,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर बिक रहा है।

चांदी की कीमतों की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर में यह 2,45,000 रुपये से लेकर 2,62,000 रुपये प्रति किलोग्राम के विस्तृत दायरे में बनी हुई है। हालांकि, आभूषण खरीदारों को यह ध्यान रखना अनिवार्य है कि ये दरें थोक व बेंचमार्क कीमतें हैं। स्थानीय ज्वेलर्स द्वारा लिए जाने वाले मेकिंग चार्ज (बनावट शुल्क) और 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जोड़े जाने के बाद खुदरा आभूषणों का अंतिम बिल मूल्य इस अंकित भाव से अधिक हो जाता है। आगामी त्योहारी सीजन की आहट को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को आने वाले दिनों में मांग में और तेजी आने की उम्मीद है।

मुंबई और महाराष्ट्र के सर्राफा बाजारों का हाल और रुझान

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोने की बेंचमार्क दर लगभग 1,52,350 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है, जबकि 22 कैरेट सोने का मूल्य 1,39,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास स्थिर बना हुआ है। मुंबई में चांदी का भाव करीब 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख शहरों जैसे पुणे, नासिक और नागपुर में भी दरें इसी दायरे में कारोबार कर रही हैं।

मुंबई का कीमती धातु बाजार वैश्विक व्यापारिक रुझानों और विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर से सीधे तौर पर प्रभावित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भौतिक सोने (फिजिकल गोल्ड) की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के बावजूद संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशक गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) तथा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) जैसे डिजिटल विकल्पों में भी खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे बाजार में तरलता बनी हुई है।

कोलकाता, चेन्नई और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों में धातुओं के भाव

पूर्वी भारत के प्रमुख केंद्र कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,52,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी कीमती धातुओं की दरें इसी स्तर के इर्द-गिर्द बनी हुई हैं। कर्नाटक के बेंगलुरु और तेलंगाना के हैदराबाद जैसे तकनीकी एवं व्यापारिक नगरों में 24 कैरेट शुद्ध सोना 1.52 लाख रुपये के पार और 22 कैरेट सोना 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर टिका हुआ है।

दक्षिण भारत में सोने की आभूषण मांग ऐतिहासिक और पारंपरिक रूप से हमेशा मजबूत मानी जाती है। इन क्षेत्रों में चांदी की दरें 2.45 लाख रुपये से लेकर 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर चल रही हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों में स्थानीय कराधान व्यवस्था और ज्वेलर्स एसोसिएशन के अपने दिशानिर्देशों के कारण अंतिम खुदरा दरों में थोड़ा स्थानीय अंतर हो सकता है, लेकिन समग्र बाजार स्थिर बना हुआ है।

उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख प्रांतीय शहरों का विस्तृत लेखा-जोखा

उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख शहरों—लखनऊ, जयपुर, पटना, इंदौर और भोपाल में भी सोने और चांदी की कीमतें राष्ट्रीय राजधानी के समानांतर बनी हुई हैं। इन सभी शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को बनाए हुए है, वहीं 22 कैरेट सोना 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के निकट बिक रहा है। इन क्षेत्रों के क्षेत्रीय बाजारों में चांदी का मूल्य 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर दर्ज किया गया है।

मध्य भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में मानसून की अनुकूल स्थिति के कारण कृषि आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, जो आगामी महीनों में ग्रामीण भारत से सर्राफा बाजार में आने वाली मांग को सहारा देगी। प्रांतीय बाजार के विशेषज्ञों ने आम खरीदारों को सलाह दी है कि वे केवल ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा 6-अंकों वाले हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) से प्रमाणित आभूषण ही खरीदें ताकि सोने की शुद्धता से कोई समझौता न हो।

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य आर्थिक कारक

सोना और चांदी केवल सजावट का साधन न होकर एक प्रमुख वैश्विक संपत्ति वर्ग हैं, जिनकी कीमतें कई जटिल मैक्रो-इकोनॉमिक घटकों द्वारा तय की जाती हैं। बीते कुछ हफ्तों के दौरान घरेलू सर्राफा बाजार में सोने में लगभग 6 प्रतिशत और चांदी में 4 से 5 प्रतिशत तक की तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर्स के वायदा सौदे भी ऊंचे स्तरों पर बंद हुए थे।

वैश्विक बाजारों में केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी, वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, और मुद्रास्फीति (महंगाई) के खिलाफ बचाव के रूप में सोने की सुरक्षित संपत्ति वाली छवि (Safe-Haven Demand) इसके दामों को ऐतिहासिक ऊंचाई पर बनाए हुए है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों को लगातार सहारा दे रही हैं।

Gold – Silver Prices 10 August 2026: निवेशकों और आम खरीदारों के लिए रणनीतिक परामर्श

वर्तमान में कीमती धातुओं के सर्वकालिक उच्च स्तरों के करीब होने के कारण बाजार विश्लेषकों ने निवेशकों और खुदरा खरीदारों दोनों को सतर्कता बरतने का सुझाव दिया है। लंबी अवधि के निवेश के दृष्टिकोण से सोना हमेशा एक सुरक्षित विकल्प साबित हुआ है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव में घबराकर एकमुश्त बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। यदि कोई उपभोक्ता शुद्ध रूप से निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना चाहता है, तो उसे फिजिकल आभूषणों के बजाय गोल्ड ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड का विकल्प चुनना चाहिए, जहां मेकिंग चार्ज और स्टोरेज (रखरखाव) का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।

चांदी के संदर्भ में, इसकी मांग का एक बड़ा हिस्सा औद्योगिक उपयोग (जैसे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव उद्योग) से आता है। इसलिए चांदी में सोने की तुलना में अधिक मूल्य-अस्थिरता (Volatility) देखी जाती है। आभूषण विक्रेताओं से खरीदारी करते समय बिल में 3% जीएसटी और मेकिंग चार्जेस का अलग से उल्लेख अवश्य करवाएं तथा केवल प्रतिष्ठित व हॉलमार्क-पंजीकृत विक्रेताओं से ही कीमती धातुओं का लेनदेन करें।

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