Petrol-Diesel Price 26 May 2026: दिल्ली में पेट्रोल ₹100 के पार, मुंबई-कोलकाता में भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम, महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से देशभर में ईंधन महंगाई का असर तेज हुआ
Petrol-Diesel Price 26 May 2026: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और घरेलू मांग को देखते हुए मूल्यों में संशोधन किया है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जबकि मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में यह पहले से ही ऊंचे स्तर पर है।
भारत सरकार और तेल कंपनियों के अनुसार, हाल के दिनों में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100-105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने से यह बढ़ोतरी अपरिहार्य हो गई थी। ईरान संबंधित वैश्विक तनाव और हार्मुज की खाड़ी में आपूर्ति बाधित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में नई कीमतें
26 मई को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100.38 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 94.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में हुई बढ़ोतरी को मिलाकर कुल 7-8 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो चुका है।
एनसीआर के अन्य शहरों जैसे नोएडा और गाजियाबाद में भी समान स्थिति बनी हुई है। आम नागरिकों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर दिख रहा है।
मुंबई और महाराष्ट्र: सबसे महंगे दाम
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 112.75 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 99.45 रुपये प्रति लीटर हो गया है। महाराष्ट्र के अन्य शहरों पुणे, नागपुर और नासिक में भी कीमतें 110 रुपये के करीब पहुंच चुकी हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ने के कारण सब्जी, फल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में 5-10 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है Lights Max।
कोलकाता और पूर्वी भारत का हाल
कोलकाता में पेट्रोल 114.20 रुपये प्रति लीटर और डीजल 101.85 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में भी कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं। पूर्वी भारत में परिवहन पर पूरी तरह निर्भर उद्योगों जैसे कोयला, खनन और कृषि पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
चेन्नई, बेंगलुरु और दक्षिण भारत
चेन्नई में पेट्रोल 108.95 रुपये और डीजल 100.75 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 109.80 रुपये और डीजल 98.65 रुपये पर पहुंच गया है। दक्षिण भारत में मानसून की तैयारी के बीच ईंधन की यह महंगाई किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनों पर खर्च बढ़ने से खरीफ फसल की लागत कूटनीतिक रूप से प्रभावित होने की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय कारण और घरेलू प्रभाव
वैश्विक स्तर पर ईरान-इजराइल तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत अपनी 85 प्रतिशत से ज्यादा तेल की जरूरत आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर यहां स्पष्ट रूप से दिखता है। इसके अलावा रुपए की विनिमय दर, सरकारी टैक्स और तेल कंपनियों के घाटे को पूरा करने की जरूरत भी कीमतों को प्रभावित कर रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि क्रूड ऑयल 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर गया तो आगे और बढ़ोतरी हो सकती है।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है, जो सीधे किराने की चीजों, सब्जियों और दूध की कीमतों को प्रभावित करती है। मध्यम वर्गीय परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा बोझ पड़ रहा है। दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों का कहना है कि मीटर रेट बढ़ाने के बावजूद मुनाफा लगातार कम हो रहा है। इसके कारण छोटे व्यापारी और ट्रक चालक भी काफी परेशान हैं।
सरकार की भूमिका और राहत की उम्मीद
केंद्र सरकार ने पहले भी एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर जनता को राहत दी थी, लेकिन इस बार वैश्विक दबाव काफी ज्यादा है। विपक्षी दलों ने सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया है। विशेषज्ञों का कूटनीतिक सुझाव है कि सरकार वैकल्पिक ईंधन जैसे सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा दे तथा संबंधित सब्सिडी योजनाओं को मजबूत करे।
राज्यवार कीमतों में अंतर
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें राज्यवार पूरी तरह अलग-अलग होती हैं क्योंकि वैट (VAT) अलग-अलग राज्यों में भिन्न है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टैक्स ज्यादा होने से कीमतें काफी ऊंची हैं। लखनऊ में पेट्रोल लगभग 101.50 रुपये और डीजल 95.80 रुपये प्रति लीटर है। जयपुर में पेट्रोल 110 रुपये के करीब पहुंच गया है।
Petrol-Diesel Price 26 May 2026: भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर वैश्विक तनाव कम हुआ और क्रूड की कीमतें स्थिर हुईं तो कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को कूटनीतिक रूप से सतर्क रहना होगा। ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की जरूरत पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसके लिए कई राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक बसों और स्कूटरों पर अपनी सब्सिडी बढ़ा रही हैं।
उपभोक्ताओं के लिए कुछ जरूरी सलाह
ईंधन की बचत के लिए अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का उपयोग कम करें। कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा सहारा लें। दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग अपने वाहनों की नियमित रूप से सर्विसिंग कराएं तथा सीएनजी या इलेक्ट्रिक जैसे आधुनिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार करें।
निष्कर्ष
26 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने पूरे देश में एक नई चर्चा छेड़ दी है। आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने के साथ-साथ महंगाई की चिंता भी काफी गहराई है। सरकार और तेल कंपनियों से उम्मीद है कि वैश्विक स्थिति सामान्य होने पर जल्द ही उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर की नवीनतम कीमतें नियमित रूप से चेक करें और ईंधन का विवेकपूर्ण व कूटनीतिक उपयोग करें।
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