Equirus Capital Report: 2026 में आईपीओ बाजार सुस्त, पिछले साल 103 कंपनियों ने जुटाए 1.76 लाख करोड़ रुपये
2025 के रिकॉर्ड के बाद 2026 में गिरावट, लेकिन कई बड़े IPO की तैयारी जारी
Equirus Capital Report: प्राइमरी मार्केट में 2025 का साल शानदार रहा था, लेकिन 2026 अब तक आईपीओ के लिए काफी सुस्त साबित हो रहा है। इक्विरस कैपिटल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक सिर्फ 23 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 27,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जुटाई है। वहीं, पिछले साल 2025 में 103 आईपीओ आए थे, जिन्होंने कुल 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए। यह आंकड़ा 2024 के 1.6 लाख करोड़ और 2023 के 49,436 करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, उच्च ब्याज दरों और घरेलू आर्थिक कारकों के कारण इस साल आईपीओ गतिविधियां कमजोर रही हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में कई बड़े और छोटे आईपीओ के आने के संकेत मिल रहे हैं, जो बाजार को नई गति दे सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं 2026 के आईपीओ ट्रेंड, पिछले सालों की तुलना और आगे की संभावनाओं के बारे में। इक्विरस कैपिटल की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि 2026 का पहला भाग आईपीओ जारीकर्ताओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। साल की शुरुआत से अब तक मात्र 23 कंपनियां ही सार्वजनिक रूप से शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो पाई हैं। इनसे जुटाई गई राशि 27,000 करोड़ रुपये के आसपास है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी कम है। विशेष रूप से 2026 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में तो स्थिति और कमजोर रही। इस दौरान सिर्फ चार आईपीओ आए, जिन्होंने कुल 2,422 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं, पहली तिमाही में 19 आईपीओ से 24,772 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता और बाजार की अस्थिरता को दर्शाती है।
त्रैमासिक वित्तीय तरलता विन्यास और 2025 का ऐतिहासिक टर्नओवर ग्राफ़: 25 सितंबर का 25 आईपीओ रिकॉर्ड
घरेलू इक्विटी पूंजी अवसंरचना और मर्चेंट बैंकिंग के वॉर्डरोब चार्ट पर यदि चालू वित्तीय वर्ष की आईपीओ मंदी का सूक्ष्म फॉरेंसिक ऑडिट किया जाए, तो वर्ष 2025 का स्वर्णिम प्रदर्शन खुदरा मंदी की मार को समूल नष्ट करने की एक संप्रभु लाइफलाइन नोटीफाइड हुआ है। विगत वर्ष के दौरान फिनटेक, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स प्रमोटर्स की लिक्विडिटी के बलबूते 103 कंपनियों ने 1.76 लाख करोड़ रुपये का अभूतपूर्व कराधान प्राथमिक बाजार से कड़ाई से लॉक किया था, जिसमें 25 सितंबर 2025 को एक ही एकल ट्रेडिंग सत्र में रिकॉर्ड 25 पब्लिक इश्यूज का ऑन-बोर्ड आना शामिल था; जिसके विपरीत वर्तमान दूसरी तिमाही के भीतर केवल 4 आईपीओ द्वारा मात्र 2,422 करोड़ रुपये की खुदरा लिक्विडिटी हासिल होना वैश्विक ब्याज दरों और मुद्रास्फीति जनित ब्लोटवेयर पैनिक को गेट पर ही पूरी तरह ब्लॉक करने की विनियामक विवशता को प्रदर्शित करता है।
जून-जुलाई पाइपलाइन और जून 19 का टर्टलमिंट (Turtlemint) इश्यू: एडविट ज्वेल्स वर्सेज वॉटरवेज लीजर टूरिज्म रसद
प्राइमरी मार्केट डिस्ट्रीब्यूशन और आगामी पूंजी संवर्धन के सांख्यिकीय डेटा पर यदि दृष्टिपात करें, तो जून 2026 के उत्तरार्ध में होने वाले कतिपय बड़े प्रोग्रेसिव लॉन्चस बाजार थर्मामीटर को कड़ाई से अपग्रेड करने का जरिया बने हैं। डिजिटल इंश्योरेंस क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस आगामी 19 जून को अपना 883 करोड़ रुपये का कस्टमाइज्ड आईपीओ मुस्तैद कर रही है, जिसके तुरंत बाद 23 जून को ज्वेलरी क्षेत्र की एडविट ज्वेल्स तथा क्रूज टूरिज्म कॉरिडोर्स की वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड के पब्लिक इश्यूज सीमाओं के भीतर रीयल-टाइम लाइव गतिमान होने जा रहे हैं; जो कि वैचारिक रूप से मूल्यवान व रीजनेबल वैल्यूएशन वाली कंपनियों की ओर बड़े संस्थागत निवेशकों के रुझान को प्रमोट कर प्राथमिक बाजार को सीमाओं पर एक बिल्कुल नया व कड़क आसमान सुलभ कराने की असली अचूक चाबी सिद्ध नोटीफाइड हुआ है।
सेबी (SEBI) पेंडिंग 236 ड्राफ्ट पेपर्स सर्विलांस: जेप्टो (Zepto)-एसबीआई (SBI) म्यूचुअल फंड मूल्य निर्धारण विन्यास
नियामकीय क्लीयरेंस और वित्तीय सुरक्षा फ्रेमवर्क के तहत, मई 2026 के सांख्यिकी काउंटर्स गवाह हैं कि मुख्य एक्सचेंजों पर कुल 236 आईपीओ प्रस्ताव विभिन्न विधिक चरणों में मुस्तैद हैं, जिनमें से 163 ड्राफ्ट पेपर्स को सेबी (SEBI) की संप्रभु मंजूरी प्राप्त हो चुकी है जबकि 73 अभी नियामकीय टिप्पणियों के होल्ड पर दर्ज हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा इसी सप्ताह अपने सार्वजनिक निर्गम दस्तावेजों की इन्वेंट्री सूची नियामक के पास प्रेषित करने की कड़क कार्य योजना के समांतर आगामी माह में क्विक-कॉमर्स लीडर जेप्टो (Zepto) तथा देश के सबसे भीमकाय एसबीआई (SBI) म्यूचुअल फंड के कल्पित आईपीओ आजीविका सुरक्षा सूचकांक को रिकॉर्ड रफ्तार प्रदान करेंगे, जहाँ हाल ही में सूचीबद्ध हुई सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज और हेक्सागन न्यूट्रिशन की तर्ज पर खुदरा ब्लोटवेयर को समूल नष्ट करने की रणनीति टाइट रखी जाएगी।
वैल्यूएशन सेंसिटिविटी और दीर्घकालिक सुधार नीतियां: वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर वित्तीय बाजार का विज़न
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक कठोरता, भू-राजनीतिक तनाव और रुपए की खुदरा अस्थिरता के बीच निवेशकों को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) के फंडामेंटल्स, प्रमोटर बैकग्राउंड और क्यूआईबी (QIB) कोटा सब्सक्रिप्शन रेट्स का फॉरेंसिक मिलान सुनिश्चित करने की कड़क सलाह दी जाती है। ओवरवैल्यूड प्रमोटर्स के संक्षारक प्रभाव को गेट पर ही पूरी तरह से ब्लॉक करने तथा खुदरा सट्टेबाज़ी की मंदी की मार से बचने हेतु केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ परिसंपत्तियों में निवेश प्रणालियों को सीमाओं पर टाइट करना अनिवार्य लॉक है; ताकि घरेलू आर्थिक सुधारों की कड़क बुनियाद का आदर करते हुए देश का प्रत्येक नागरिक अपनी संप्रभु वित्तीय साख को महफूज रख सके और वर्ष 2047 तक वैश्विक निवेश पटल पर पूर्णतः अभेद्य, सुदृढ़ व आत्मनिर्भर भारत (Equirus Capital Report) के समष्टिगत विज़न को धरातल पर पूरी कड़ाई के साथ जीवंत बनाए रखने में विधिक रूप से सफल सिद्ध हो सके।
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