Donald Trump और E. Jean Carroll विवाद में नया मोड़: ट्रंप प्रशासन ने झूठी गवाही के आरोपों को लेकर शुरू की आपराधिक जांच
राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप प्रशासन ने ई. जीन कैरोल पर जांच शुरू की
Donald Trump News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब उस लेखिका के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू कर दी है, जिन्होंने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। ई. जीन कैरोल, जो एक प्रसिद्ध कॉलम लेखिका हैं, पर आरोप है कि उन्होंने ट्रंप के खिलाफ दायर सिविल मामलों में झूठी गवाही दी। न्याय विभाग ने इस जांच को हरी झंडी दे दी है, जो ट्रंप प्रशासन के आगमन के साथ ही शुरू हो गई है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि यह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित मानी जा रही है।
यह विकास ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ आया है, जहां वे अपने पुराने विरोधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते दिख रहे हैं। कैरोल ने 2019 में ट्रंप पर 1996 में यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद लंबी कानूनी लड़ाई चली। अब स्थिति पूरी तरह उलट गई है।
Donald Trump News: ट्रंप पर लगा था यौन शोषण का गंभीर आरोप
ई. जीन कैरोल ने अपने आरोप में दावा किया था कि वर्ष 1996 में न्यूयॉर्क के एक नामी डिपार्टमेंट स्टोर में डोनाल्ड ट्रंप ने उनका यौन शोषण किया था। इस मामले को लेकर कई सालों तक अदालती सुनवाई चली, जिसके बाद जूरी ने ट्रंप को इस मामले में सिविल रूप से जिम्मेदार ठहराया था। दूसरे मामले में ट्रंप पर मानहानि का भी आरोप लगा जब उन्होंने कैरोल के दावों को खारिज करते हुए सार्वजनिक बयान दिए।
ट्रंप ने कहा था कि कैरोल उनकी टाइप की महिला नहीं हैं और यह कहानी उन्होंने अपनी किताब बेचने के लिए गढ़ी है। इसके बाद अदालत ने ट्रंप को कैरोल को 8 करोड़ 33 लाख डॉलर का हर्जाना देने का कड़ा आदेश दिया था। यह मामला अमेरिकी राजनीति और मीटू (MeToo) आंदोलन के बीच का एक प्रमुख प्रकरण बन गया था, जहाँ कैरोल की उम्र उस समय 82 साल थी जब उन्होंने मुख्य गवाही दी थी Lights Max।
राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने शुरू कराई आपराधिक जांच
न्याय विभाग की रिपोर्ट्स के अनुसार, नई जांच इस बात पर मुख्य रूप से केंद्रित है कि क्या कैरोल ने अदालत में झूठी गवाही दी थी। खासतौर पर 2022 में दी गई उनकी उस गवाही पर सवाल उठाया जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके केस के लिए बाहर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। बाद में यह तथ्यात्मक रूप से सामने आया कि अरबपति रीड हॉफमैन ने उनकी कानूनी फीस और अन्य खर्चों में मदद की थी। सीएनएन (CNN) और न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
संघीय अभियोजक एंड्रयू एस. बोट्रोस, जिन्हें ट्रंप ने ही इस पद पर नियुक्त किया है, वे इस जांच की अगुवाई कर रहे हैं। यह तथ्य कई आलोचकों को चिंतित कर रहा है कि जांच कूटनीतिक रूप से निष्पक्ष होगी या नहीं। ट्रंप लंबे समय से न्याय विभाग पर दबाव डालते रहे हैं कि उनके विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, और इस नई जांच को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है Lights Max Lights Max Lights Max।
ट्रंप बनाम कैरोल: लंबी कानूनी जंग की पूरी कहानी
वर्ष 1996 की वह कथित घटना कैरोल के अनुसार बर्गडॉर्फ गुडमैन स्टोर में हुई थी, जिसका कैरोल ने अपनी किताब में भी विस्तार से जिक्र किया था। ट्रंप ने हमेशा इन आरोपों से स्पष्ट इनकार किया और इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश बताया। पहले मामले में जूरी ने ट्रंप को यौन शोषण के लिए जिम्मेदार ठहराया, हालांकि उन्हें बलात्कार का दोषी नहीं माना गया था।
दूसरे मामले में मानहानि को लेकर ट्रंप को भारी वित्तीय जुर्माना भरना पड़ा था। ट्रंप के समर्थकों का कहना है कि कैरोल ने राजनीतिक मुनाफा कमाने और किताब बेचने के लिए यह सब किया, जबकि दूसरी ओर कैरोल और उनके समर्थक इसे महिला सुरक्षा और न्याय की लड़ाई बता रहे हैं।
इस कूटनीतिक कदम पर राजनीतिक विश्लेषकों का क्या कहना है?
अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों में इस कदम को लेकर गहरी कूटनीतिक बहस छिड़ी हुई है। कुछ विशेषज्ञ इसे न्याय की प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बता रहे हैं, तो कई लोग इसे विशुद्ध राजनीतिक प्रतिशोध मान रहे हैं। डेमोग्राफिक व डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ट्रंप प्रशासन न्याय विभाग का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत दुश्मनों के खिलाफ करेगा तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा होगा।
रिपब्लिकन पक्ष का तर्क है कि अगर अदालती गवाही में झूठ बोला गया तो उसकी निष्पक्ष जांच होना अनिवार्य है। यह मामला ट्रंप के पहले कार्यकाल की याद दिलाता है, जब वे व्यवस्था सुधार का नारा देते थे, और अब दूसरे कार्यकाल में वे अपने तरीके से पूरी व्यवस्था बदलने की कोशिश कर रहे हैं Lights Max Lights Max।
इस नई जांच के संभावित नतीजे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर
यदि जांच में कैरोल पर झूठी गवाही का आरोप कानूनी रूप से साबित होता है तो उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चल सकता है। इससे ट्रंप को कानूनी रूप से बड़ी राहत मिल सकती है और हर्जाने की राशि वापस पाने का रास्ता भी कूटनीतिक रूप से खुल सकता है। दूसरी ओर, अगर जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप प्रशासन की छवि और खराब हो सकती है, इसलिए कई वैश्विक मानवाधिकार संगठन इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। कैरोल की उम्र अब काफी हो चुकी है, और 82 साल की इस लेखिका ने पहले भी कहा था कि वे सच्चाई की लड़ाई लड़ रही हैं, लेकिन इस नई जांच से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआती चुनौतियां और रणनीतियां
राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप कई मोर्चों पर एक साथ सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे विदेश नीति, अर्थव्यवस्था और अब अपने पुराने कानूनी मामलों को कूटनीतिक रूप से निपटाने में काफी व्यस्त दिख रहे हैं। ट्रंप ने पहले ही कई विवादास्पद फैसले लिए हैं, जिसके चलते इस जांच को उनके राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है Lights Max। अमेरिका में न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता हमेशा से एक बड़ा बहस का विषय रही है, और इस घटना ने एक बार फिर उस वैश्विक बहस को पूरी तरह ताजा कर दिया है।
अमेरिकी घटनाक्रम पर विश्व स्तर पर मिल रही प्रतिक्रिया
यूरोपीय देशों और कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस अचानक शुरू हुई जांच पर अपनी गहरी चिंता जताई है। कई वैश्विक मीडिया संस्थानों ने इसे ट्रंप का प्रतिशोध करार दिया है। भारत समेत कई अन्य देशों में भी इस खबर को प्रमुखता से कवर किया जा रहा है, क्योंकि ट्रंप की नीतियां वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति को सीधे प्रभावित करती हैं।
Donald Trump News: इस कानूनी मामले में आगे का रास्ता क्या है?
अभी यह पूरी जांच अपने शुरुआती चरण में है, इसलिए इसमें कितना समय लगेगा और क्या नतीजे आएंगे, यह देखना बाकी है। कैरोल के वकीलों ने स्पष्ट कहा है कि वे अपने मुवक्किल की रक्षा के लिए सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे Lights Max Lights Max। वहीं ट्रंप की टीम का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और अगर कोई गलती हुई है तो उसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। यह मामला न सिर्फ ट्रंप और कैरोल के बीच व्यक्तिगत लड़ाई है बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता की भी एक बड़ी परीक्षा है।
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति बनते ही अपने पुराने आरोपकर्ता के खिलाफ जांच शुरू करना उनकी कार्यशैली को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। ई. जीन कैरोल का मामला अब एक बिल्कुल नया मोड़ ले चुका है। यह घटना दिखाती है कि सत्ता में आने के बाद नेता अपने पुराने हिसाब-किताब कूटनीतिक रूप से चुकता करने की कोशिश करते हैं, लेकिन न्याय की प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष रहेगी, यह समय बताएगा। अमेरिकी राजनीति के इस नये अध्याय पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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