Delhi Voter List 2026: Form 6 के 4.56 लाख आवेदन आए, 1.15 लाख पर कार्रवाई; जानें वोटर लिस्ट का पूरा अपडेट
Delhi Voter List 2026 में Form 6 के आवेदन, निस्तारण, SIR प्रक्रिया और अंतिम सूची की तारीख जानें।
Delhi Voter List 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाने का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, नए मतदाताओं के पंजीकरण और छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए निर्धारित Form 6 के तहत 20 अक्टूबर 2026 तक कुल 4,56,913 आवेदन प्राप्त हुए हैं। चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों द्वारा युद्धस्तर पर सत्यापन कार्य करते हुए इनमें से लगभग 1.15 लाख आवेदनों का विधिवत निपटारा कर दिया गया है। 4 दिसंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की निर्धारित तिथि को देखते हुए निर्वाचन तंत्र प्रत्येक आवेदन की सूक्ष्मता से जांच करने में जुटा है ताकि राजधानी का कोई भी योग्य नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
Delhi Voter List 2026: Form 6 के आवेदनों की स्थिति और निपटारे की गति
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से संकलित आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान राजधानी के युवाओं और नए निवासियों में मतदाता बनने को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्राप्त कुल 4,56,913 आवेदनों में से 2,12,400 आवेदन 30 अगस्त 2026 तक प्राप्त हुए थे, जबकि 31 अगस्त से 20 अक्टूबर के मध्य 2,44,513 नए आवेदन दर्ज किए गए। 31 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची के औपचारिक अनावरण के पश्चात चुनाव मशीनरी ने आवेदनों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 1.15 लाख से अधिक आवेदनों पर प्रक्रियात्मक कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है।
हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा निरंतर अद्यतन हो रहा है क्योंकि दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों का संकलित डेटा केंद्रीय डिजिटल पोर्टल पर चरणबद्ध तरीके से प्रविष्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही, किसी भी आवेदन का ‘निस्तारण’ होने का स्वतः यह अर्थ नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम सीधे अंतिम सूची में जुड़ चुका है; अंतिम रूप से नाम शामिल होना संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा संलग्न दस्तावेजों की सत्यता और जमीनी सत्यापन रिपोर्ट की संस्तुति पर निर्भर करता है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मसौदा सूची में बड़ा फेरबदल
राजधानी में चलाए जा रहे इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी प्रविष्टियों, पलायन कर चुके व्यक्तियों और मृतकों के नामों को हटाकर सूची को पूरी तरह शुद्ध करना है। 31 अगस्त को जारी की गई मसौदा मतदाता सूची में लगभग 97.53 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए थे, जबकि पुनरीक्षण प्रक्रिया के आरंभ होने से पूर्व दिल्ली में पंजीकृत मतदाताओं का कुल आंकड़ा लगभग 1.45 करोड़ दर्ज था। इस व्यापक प्रशासनिक छंटनी के तहत लगभग 47.5 लाख पुराने नामों को प्राथमिक रूप से मसौदा सूची से बाहर रखा गया।
विभागीय वर्गीकरण के अनुसार, बाहर किए गए नामों में सर्वाधिक संख्या लगभग 43.3 लाख उन मतदाताओं की रही जिन्हें संबंधित पते पर अनुपस्थित, स्थायी रूप से अन्य राज्यों में स्थानांतरित अथवा अप्राप्य श्रेणी में चिह्नित किया गया। इसके अतिरिक्त, लगभग 2.82 लाख नाम मृत मतदाताओं के पाए गए और 1.41 लाख प्रविष्टियां दोहरे या बहु-पंजीकरण के मामलों से संबंधित थीं। मतदाता सूची की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने इन मामलों की पुनः सूक्ष्म समीक्षा के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं ताकि किसी भी वास्तविक निवासी का नाम त्रुटिवश न कटे।
नए मतदाताओं के लिए Form 6 का महत्व और सत्यापन प्रक्रिया
लोकतांत्रिक व्यवस्था में पहली बार मताधिकार प्राप्त करने जा रहे अठारह वर्ष या उससे अधिक आयु के युवाओं तथा अन्यत्र से दिल्ली में आकर बसे पात्र नागरिकों के लिए Form 6 सबसे आवश्यक संवैधानिक प्रपत्र है। भारत का कोई भी नागरिक जो पात्रता की आवश्यक शर्तों को पूरा करता है, वह इस फॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल अथवा वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए ऑनलाइन अथवा अपने स्थानीय मतदान केंद्र पर ऑफलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
आवेदन की ऑनलाइन प्रविष्टि के उपरांत स्थानीय स्तर पर तैनात बूथ लेवल ऑफिसर संबंधित आवेदक के निवास स्थान पर जाकर भौतिक पड़ताल करते हैं और पहचान व निवास से जुड़े अभिलेखों का मिलान करते हैं। इसके उपरांत निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी कानूनी मानकों के आधार पर नाम जोड़ने का अंतिम आदेश पारित करते हैं। इसलिए केवल फॉर्म भर देना ही पर्याप्त नहीं है; आवेदकों को पोर्टल पर अपने संदर्भ नंबर के माध्यम से आवेदन की वर्तमान स्थिति पर निरंतर नजर रखनी चाहिए और किसी भी दस्तावेज संबंधी आपत्ति का त्वरित निवारण करना चाहिए।
आपत्ति दर्ज कराने की समयसीमा और अंतिम प्रकाशन की तिथियां
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार, दावों और आपत्तियों को स्वीकार करने की अंतिम समयसीमा 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इसके तुरंत पश्चात 31 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक की अवधि केवल लंबित आवेदनों के निस्तारण, विसंगतियों के समाधान और अंतिम डेटा प्रविष्टि के लिए समर्पित रहेगी। सभी कानूनी और प्रक्रियात्मक चरणों को पूरा करने के बाद दिल्ली की अंतिम और त्रुटिरहित मतदाता सूची 4 दिसंबर 2026 को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित कर दी जाएगी।
इस संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन तंत्र का मुख्य ध्यान उन लगभग 33.12 लाख नोटिसों से संबंधित जटिल मामलों को सुलझाने पर भी केंद्रित रहा है, जिनमें मतदाताओं के पुराने जनसांख्यिकीय रिकॉर्ड और वर्तमान अभिलेखों में भिन्नता पाई गई थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने पुष्टि की है कि इन विसंगतिपूर्ण मामलों में से अस्सी प्रतिशत से अधिक का संतोषजनक समाधान तलाशा जा चुका है, जिससे अंतिम सूची में गलतियों की संभावना नगण्य हो जाएगी।
Form 7 और Form 8 के आंकड़ों में भी उल्लेखनीय वृद्धि
मतदाता सूची के इस महाअभियान में नए नाम जोड़ने के अतिरिक्त त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाने और संशोधन करने से जुड़े प्रपत्रों पर भी व्यापक स्तर पर काम हुआ है। Form 7, जिसका उपयोग किसी अनुचित नाम को सूची से विलोपित कराने अथवा आपत्ति दर्ज करने हेतु किया जाता है, के तहत 31 अगस्त से 20 अक्टूबर के मध्य 14,911 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिससे पुनरीक्षण काल में इनकी कुल संख्या 66,382 पर पहुंच गई।
वहीं, मतदाताओं के नाम की वर्तनी, जन्मतिथि, पता परिवर्तन अथवा फोटो सुधार से संबंधित Form 8 के अंतर्गत इसी अवधि में 93,036 आवेदन दर्ज किए गए, जिससे इनके आवेदनों का कुल संचयी आंकड़ा 3,53,804 हो गया। यह विशाल संख्या स्पष्ट दर्शाती है कि दिल्ली की जनता अपने चुनावी दस्तावेजों को पूरी तरह अद्यतन कराने के प्रति अत्यधिक जागरूक है।
Delhi Voter List 2026: नागरिकों के लिए जरूरी कदम और चुनावी जागरूकता
मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह महत्वपूर्ण चरण अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। दिल्ली के सभी नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और हाल ही में आवास बदलने वाले परिवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई-रोल में अपने नाम, मतदान केंद्र और विधानसभा क्षेत्र की पुष्टि तत्काल कर लेनी चाहिए। यदि किसी नागरिक का नाम पूर्ववर्ती सूची से हट गया है या नए आवेदन पर निर्णय लंबित है, तो वे निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित ईआरओ कार्यालय या बीएलओ से संपर्क स्थापित कर सकते हैं, क्योंकि 4 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची ही आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में मताधिकार के प्रयोग का मुख्य आधार बनेगी।
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