Delhi Police Arrests CJP Leaders: सीजेपी नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्या शिंदे को प्रिवेंटिव अरेस्ट किया

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद तीन CJP नेताओं को एहतियातन हिरासत में लेने का दावा, SEM कोर्ट में पेशी

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Delhi Police Arrests CJP Leaders: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तीन शीर्ष नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्या शिंदे को एहतियातन हिरासत में ले लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई यह कड़ी प्रिवेंटिव कार्रवाई जंतर-मंतर पर बिना पूर्व अनुमति के आयोजित किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ी हुई है। अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तीनों नेताओं को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट यानी स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जा रहा है, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल भेजे जाने की प्रबल संभावना है।

Delhi Police Arrests CJP Leaders: गिरफ्तारी की प्रक्रिया और स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी

सीजेपी की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने इस मामले की जानकारी सार्वजनिक करते हुए बताया कि तीनों नेताओं को तड़के करीब तीन बजे एक निजी वैन के जरिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया था। इसके बाद सुबह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष उनकी औपचारिक पेशी की प्रक्रिया शुरू की गई।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम आपराधिक प्रक्रिया संहिता की एहतियाती धाराओं के तहत उठाया गया है ताकि राजधानी के अति-संवेदनशील इलाकों में किसी भी तरह के उपद्रव या कानून के उल्लंघन को रोका जा सके। SEM कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा तीनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग रखी जा रही है, जिससे उनके सीधे तिहाड़ जेल जाने की संभावना काफी बढ़ गई है।

जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन और पीस बॉन्ड उल्लंघन के आरोप

इस कानूनी कार्रवाई की पृष्ठभूमि मंगलवार को जंतर-मंतर पर हुए हंगामे से जुड़ी है। दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार सीजेपी के कार्यकर्ता भारी पुलिस बैरिकेडिंग को लांघकर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा हाल ही में संशोधित किए गए नियमों के तहत जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों के आधिकारिक स्थल की सूची से हटा दिया गया था, जिसके चलते वहां किसी भी प्रकार का जमावड़ा पूरी तरह गैर-कानूनी माना गया।

कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह के अनुसार पुलिस ने इन नेताओं पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, गैर-कानूनी तरीके से प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने और पूर्व में हस्ताक्षरित शांति समझौते यानी पीस बॉन्ड के नियमों का खुला उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों नेताओं ने पहले शांति बनाए रखने का मुचलका भरा था, लेकिन इस ताजा प्रदर्शन के जरिए बॉन्ड की अनिवार्य शर्तों को तोड़ा गया है, जिससे मामला कानूनी रूप से और अधिक गंभीर हो जाता है।

Delhi Police Arrests CJP Leaders: सीजेपी नेताओं की बढ़ती मुश्किलें और आगे की कानूनी राह

इस प्रिवेंटिव अरेस्ट के बाद सीजेपी नेताओं की कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं क्योंकि दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के प्रयासों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। संसद भवन और वीवीआईपी जोन के निकट होने के कारण पार्लियामेंट स्ट्रीट और जंतर-मंतर क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत आंदोलन को सुरक्षा के लिहाज से बहुत संवेदनशील माना जाता है।

पार्टी के कानूनी प्रतिनिधि जहां इस गिरफ्तारी को मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए जमानत की गुहार लगाने की तैयारी में हैं, वहीं पुलिस का स्पष्ट तर्क है कि पूर्व में दिए गए कानूनी आश्वासनों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। SEM कोर्ट के आदेश के बाद ही यह तय होगा कि तीनों नेताओं को निजी मुचलके पर रिहा किया जाता है या फिर उन्हें आगामी कुछ दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल की सलाखों के पीछे बिताना पड़ेगा।

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